September 20, 2026

आगरा में 251 कुंडीय राष्ट्र शौर्य समृद्धि गायत्री महायज्ञ की तैयारियां तेज: 16 जिलों के गायत्री परिजन और कार्यकर्ता बैठक में जुटे - Up18 News

आगरा। अखिल विश्व गायत्री परिवार, शान्तिकुंज के तत्त्वावधान में आगामी 16 से 19 दिसंबर तक आवास विकास कॉलोनी के सेक्टर-11 मैदान में आयोजित होने वाले 251 कुंडीय राष्ट्र शौर्य समृद्धि गायत्री महायज्ञ की तैयारियों को लेकर रविवार को शास्त्रीपुरम स्थित गायत्री पब्लिक स्कूल के सभागार में महत्वपूर्ण व्यवस्था बैठक हुई। बैठक में आगरा सहित 16 जिलों के गायत्री परिजनों एवं कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। इसमें कार्यकर्ता नियोजन, जिम्मेदारियों के वितरण और आयोजन की व्यवस्थाओं को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।

कार्यकर्ताओं के नियोजन और जिम्मेदारियों पर मंथन

बैठक की शुरुआत आंवलखेड़ा जोन के समन्वयक जगदीश कुशवाहा एवं उपजोन समन्वयक सुरेश यादव के मार्गदर्शन में हुई। इसके बाद जन्मभूमि आंवलखेड़ा के व्यवस्थापक जीतेंद्र द्विवेदी ने आगामी कार्यक्रम की व्यवस्थाओं का विस्तृत खाका प्रस्तुत किया। उन्होंने कार्यकर्ताओं के कुशल नियोजन और जिम्मेदारियों के प्रभावी वितरण पर जोर देते हुए सभी व्यवस्थाओं को पारदर्शिता और व्यवस्थित तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए।

अश्वमेध यज्ञ का विराट रूप लेता जा रहा है राष्ट्र शौर्य समृद्धि महायज्ञ

गोष्ठी को मुख्य रूप से संबोधित करते हुए उत्तर ज़ोन के प्रभारी श्री परमानंद द्विवेदी जी ने कहा कि यह हम सभी का परम सौभाग्य है कि आगरा की धरती पर 16 से 19 दिसंबर तक सेक्टर 11 मैदान, आवास विकास कॉलोनी में 251 कुण्डीय राष्ट्र शौर्य समृद्धि गायत्री महायज्ञ का आयोजन होने जा रहा है। यह भव्य महायज्ञ अब धीरे-धीरे ‘अश्वमेध यज्ञ’ का विराट रूप लेता जा रहा है। उन्होंने सभी परिजनों का आह्वान करते हुए कहा कि प्रत्येक कार्यकर्ता अपनी क्षमता के अनुसार एक क्षेत्र या कुछ गाँवों को चुनकर उन्हें ‘गायत्री-मय’ बनाने के लिए आज से ही जुट जाएं।

जाति-धर्म से ऊपर उठकर घर-घर दें आमंत्रण

परमानंद द्विवेदी जी ने साधक स्तर को ऊंचा उठाने के लिए मंत्र लेखन और मंत्र जप पर विशेष जोर दिया। उन्होंने उपस्थित कार्यकर्ताओं, युवाओं, वरिष्ठों और बहनों को प्रचार-प्रसार में जुटने का आह्वान करते हुए कहा कि वे परम पूज्य गुरुदेव और वंदनीया माताजी के सच्चे प्रतिनिधि बनकर घर-घर जाएं। जाति, वंश, धर्म, संप्रदाय और लिंगभेद की संकीर्णताओं से ऊपर उठकर समाज के हर वर्ग को इस महायज्ञ के लिए सादर आमंत्रित करें, क्योंकि ऋषि-युग्म (गुरुसत्ता) हमें कुछ न कुछ देने के लिए ही इस यज्ञ में बुला रहे हैं।

स्वस्तिवाचन मंत्र की व्याख्या और यज्ञ के लाभ

बैठक के दौरान उन्होंने ‘ऊँ गणानां त्वा गणपतिं हवामहे…’ के संपूर्ण मंत्र का पाठ कर वैदिक स्वस्तिवाचन मंत्र की अत्यंत मार्मिक और विस्तृत व्याख्या की। उन्होंने समाज के प्रत्येक व्यक्ति को समझदार, सुसंस्ड्डत और जागरूक बनाने के लिए गायत्री महामंत्र की परम आवश्यकता को रेखांकित किया। साथ ही, यज्ञ के माध्यम से होने वाले व्यक्तिगत, मानसिक, सामाजिक, पारिवारिक और वैश्विक हितों व लाभों के बारे में विस्तार से अवगत कराया।

16 जिलों के कार्यकर्ताओं ने लिया संकल्प

बैठक के समापन पर उपस्थित सभी 16 जिलों के कार्यकर्ताओं ने आगामी दिसंबर में होने वाले इस राष्ट्र शौर्य समृद्धि गायत्री महायज्ञ को ऐतिहासिक और वैचारिक क्रांति का माध्यम बनाने का सामूहिक संकल्प लिया।

इन्होनें संभाली व्यवस्थाऐं

कार्यक्रम में जिला समन्वयक सुरेश चन्द्र सक्सेना, डॉ. रवि सोनी, अरविन्द श्रीवास्तव, गिरधर गोपाल, डॉ. अजय यादव, शिवांक उपाध्याय, सुधीर शर्मा, उमेश कुशवाह, गौरीश सक्सेना, पूजा तिवारी सहित अन्य युवाओं ने व्यवस्था संभाली।