बांग्लादेश की जेलों में करीब 250 भारतीय कैदी फंसे: कई की सजा पूरी फिर भी कैद; नागरिकता साबित नहीं होने से वापसी अटकी
नई दिल्ली/ढाका4 घंटे पहले
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बांग्लादेश की जेलों में 238 भारतीय कैदी बंद हैं। इनमें 168 ऐसे हैं, जिनकी सजा पूरी हो चुकी है, लेकिन वे अब तक भारत नहीं लौट पाए हैं। इनमें से कई कैदियों की भारतीय नागरिकता साबित नहीं हुई है।
बांग्लादेश सरकार ने करीब 120 कैदियों की सूची भारत को भेजी और कहा कि ये लोग भारतीय हैं। लेकिन भारतीय हाई कमीशन के मुताबिक, सूची में ज्यादातर कैदियों की जानकारी अधूरी है।
अब तक 25 कैदी भारतीय साबित हुए
बांग्लादेश के अखबार द डेली स्टार की रिपोर्ट के मुताबिक, वहां 15 देशों के कम से कम 407 विदेशी कैदी बंद हैं। इनमें सबसे ज्यादा भारतीय हैं।
हालांकि, ढाका में भारतीय हाई कमीशन के एक अधिकारी ने अखबार को बताया कि अब तक सिर्फ 25 ऐसे भारतीय कैदियों की पहचान हो पाई है, जो सजा पूरी होने के बाद भी जेल में बंद हैं।
जिन कैदियों की जानकारी अधूरी है भारतीय हाई कमीशन ने उनसे मिलने की अनुमति मांगी है। अधिकारी के मुताबिक, अब बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय के जवाब का इंतजार है।
विदेशी कैदियों का मामला पहले भी उठा है
इस साल जून में भी बांग्लादेश की जेलों में बंद विदेशी कैदियों का मामला सामने आया था। उस समय जेल के आंकड़ों के मुताबिक, सजा पूरी कर चुके 152 विदेशी कैदी अपने देश लौटने का इंतजार कर रहे थे। इनमें 148 भारतीय थे।
उस समय अधिकारियों ने कहा था कि कैदियों की पहचान करने में देरी के कारण उनकी वापसी अटकी हुई है।
म्यांमार के 133 कैदी भी जेल में बंद
बांग्लादेश की जेलों में भारतीयों के बाद सबसे ज्यादा 133 कैदी म्यांमार के हैं। इनमें से एक कैदी की सजा पूरी हो चुकी है और वह अपने देश लौटने का इंतजार कर रहा है।
रिपोर्ट के मुताबिक, वहां नाइजीरिया के 6, जबकि पाकिस्तान और मलेशिया के 3-3 कैदी भी बंद हैं।
विदेशी कैदियों को रखने पर खर्च बढ़ रहा
रिपोर्ट के मुताबिक, सुरक्षा के लिए विदेशी कैदियों को अलग बैरकों में रखा जाता है। इन बैरकों के बाहर सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जाती है।
जेल अधिकारियों का कहना है कि सजा पूरी होने के बाद भी विदेशी कैदियों को जेल में रखने से जगह की कमी होती है और सरकार का खर्च बढ़ता है।
भारतीय जेल से छूटे कई बांग्लादेशी कैदी
11 सितंबर 2026: 47 बांग्लादेशी नागरिक भारत में करीब दो साल की सजा काटने के बाद घर लौटे। उन्हें पश्चिम बंगाल के पेट्रापोल से बांग्लादेश के बेनापोल भेजा गया।
5 सितंबर 2026: 9 बांग्लादेशी नागरिकों को सजा पूरी होने के बाद भारत ने वापस भेजा। इनमें 3 महिलाएं और 2 बच्चे भी थे।
6 जुलाई 2026: 50 बांग्लादेशी नागरिक भारत में सजा पूरी करने के बाद वापस भेजे गए।
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