अमेरिकी विमानवाहक पोत यूएसएस अब्राहम लिंकन 250 दिनों से अधिक की लंबी तैनाती के बाद अमेरिका लौट रहा है।

यूएसएस अब्राहम लिंकन 250 दिनों बाद लौट रहा अमेरिका। (फाइल)
HighLights
यूएसएस अब्राहम लिंकन 250 दिनों से अधिक की तैनाती के बाद लौटा।
नौसैनिकों की खराब परिस्थितियों और मानसिक स्वास्थ्य संबंधी खबरें सामने आईं।
नौसेना ने इसे नियोजित वापसी बताया, सुरक्षा को सर्वोपरि रखा।
नई दिल्ली, जागरण न्यूज नेटवर्क। अमेरिकी विमानवाहक पोत यूएसएस अब्राहम लिंकन 250 दिनों से अधिक की लंबी तैनाती के बाद अमेरिका लौटने के लिए तैयार है। उसकी वापसी विमानवाहक पोत पर तैनात नौसैनिकों और मरीन सैनिकों की खराब परिस्थितियों संबंधी खबरें आने के बाद हो रही है। इसने अमेरिकी कांग्रेस और सैनिकों के परिवारों का ध्यान खींचा था।
अमेरिकी नौसेना के कार्यवाहक मंत्री हंग काओ के अनुसार, विमानवाहक पोत ने 266 दिन तैनाती में बिताए हैं, जिसमें 200 दिन युद्ध क्षेत्र में शामिल हैं।
एएनआई के अनुसार, काओ ने कहा कि विमानवाहक पोत एक नियोजित रोटेशन के तहत लौट रहा है। लिंकन की तैनाती को इसलिए बढ़ाया गया था, क्योंकि उसके मिशन की यही मांग थी। उन्होंने नौसैनिकों की खराब परिस्थितियों से संबंधित रिपोर्टों को ज्यादा महत्व नहीं दिया। उन्होंने कहा कि मैं स्पष्ट कर देना चाहता हूं, हमारे नौसैनिकों और मरीन सैनिकों की सुरक्षा हमेशा सर्वोपरि है।
सोशल मीडिया पर चल रही रिपोर्ट के अनुसार, यह घोषणा विमानवाहक पोत पर बिगड़ती स्थितियों की खबरों के बीच आई है, जिनमें भोजन की कमी, स्वच्छता सामग्री की कमी, शौचालयों और जल प्रणालियों में समस्याएं और नियमित बंदरगाह ठहराव का अभाव शामिल है। सीएनएन ने रिपोर्ट किया था कि विमानवाहक पोत 200 दिनों से अधिक समय से किसी बंदरगाह पर नहीं गया है।
मानसिक स्वास्थ्य संबंधी कुछ मामलों का हुआ इलाज
एएनआई के अनुसार, काओ ने स्वीकार किया कि तैनाती के दौरान मानसिक स्वास्थ्य संबंधी कुछ मामलों का इलाज किया गया था, हालांकि किसी की जान नहीं गई। ताजा आपूर्ति उपलब्ध न होने पर भोजन योजनाओं में बदलाव किया गया था और परिचालन संबंधी खतरों के कारण कभी-कभी घर पर फोन करना सीमित कर दिया गया था।
इसमें कोई शक नहीं कि हमारे जवानों ने अपनी पूरी क्षमता का इस्तेमाल किया है, लेकिन वे कभी टूटे नहीं। वे स्वाभाविक रूप से थके हुए हैं, लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी।
लिंकन जहाज नाविक के समुद्र में गिरने की आई थी सूचना
सीएनएन ने खबर दी थी कि पिछले महीने लिंकन जहाज से एक नौसैनिक समुद्र में गिर गया था, लेकिन उसे तुरंत बचा लिया गया और उसकी चिकित्सकीय जांच की गई। घटना से जुड़े हालात तुरंत स्पष्ट नहीं हो पाए, जिनमें यह भी शामिल है कि क्या वह ड्यूटी पर वापस लौटा या उसे जहाज से निकाला गया
एशिया से आखिरी विमान वाहक पोत यूएसएस जॉर्ज वाशिंगटन वापस बुलाया
एपी के अनुसार, डोनल्ड ट्रंप का ध्यान ईरान युद्ध पर केंद्रित होने के कारण अमेरिका ने एशिया से अपना आखिरी विमानवाहक पोत वापस बुला लिया है। वह प्रशांत महासागर से रवाना हो रहा है और उम्मीद है कि पश्चिम एशिया में यूएसएस अब्राहम लिंकन की जगह लेगा।