लखनऊ में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) ने मिलावटी और मानकविहीन खाद्य पदार्थ बेचने वाले 25 खाद्य कारोबारियों व प्रतिष्ठानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम-2006 के तहत न्यायालय से लगाए गए जुर्माने की राशि जमा न करन
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एफएसडीए के अनुसार, कई मामलों में न्यायालय के आदेश के बावजूद कारोबारियों ने निर्धारित अर्थदंड जमा नहीं किया। अब भी भुगतान नहीं होने पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम-2006 की धारा-96 के तहत संबंधित प्रतिष्ठानों के खाद्य लाइसेंस निलंबित कर कारोबार पर रोक लगा दी जाएगी। इस कार्रवाई में अमेजॉन और KFC भी शामिल हैं।
मानक जांच में सामने आईं कई तरह की अनियमितताएं
एफएसडीए की जांच में दही, दूध, पनीर, पेड़ा, फ्रोजन डेजर्ट, मुनक्का, मैदा, सरसों का तेल, किशमिश, काजू, पंजाबी चिक्की और मटर की दाल समेत कई खाद्य पदार्थ मानकों के अनुरूप नहीं मिले। कहीं दूध और पनीर में दुग्ध वसा कम मिली तो कहीं पेड़े में स्टार्च, मैदा में एल्कॉहॉलिक एसिडिटी अधिक और कई पैक्ड उत्पादों पर बैच नंबर, पैकिंग व एक्सपायरी जैसी जरूरी जानकारी नहीं मिली।
कई बड़े प्रतिष्ठान कार्रवाई की सूची में शामिल
कार्रवाई की सूची में Amazon Seller Services Pvt. Ltd., Amazon Retail India Pvt. Ltd., Devyani International Limited (KFC), बनास डेयरी, गमन फूड प्राइवेट लिमिटेड सहित कई प्रतिष्ठानों के नाम भी शामिल हैं। इनके खिलाफ अलग-अलग मामलों में 10 हजार से 80 हजार रुपए तक का अर्थदंड लगाया गया है।
सूची में सबसे अधिक 80 हजार रुपए का जुर्माना Devyani International Limited (KFC) पर लगाया गया है। जांच में मैदा के नमूने में Ash Insoluble और Alcoholic Acidity मानक से अधिक पाई गई थी। इसके अलावा Amazon से जुड़े कई मामलों में लेबलिंग संबंधी अनियमितताओं पर कार्रवाई की गई।
दुग्ध उत्पादों में सबसे ज्यादा गड़बड़ियां मिलीं
एफएसडीए की कार्रवाई में सबसे अधिक मामले दूध, पनीर, दही और आइसक्रीम मिश्रण जैसे दुग्ध उत्पादों से जुड़े मिले। कई नमूनों में दुग्ध वसा निर्धारित मानक से कम पाई गई, जबकि दूध में SNF भी कम मिला। पेड़े में स्टार्च की मिलावट भी सामने आई।
सहायक आयुक्त (खाद्य)-II विजय प्रताप सिंह ने कहा कि जिन कारोबारियों के खिलाफ आरसी जारी की गई है, यदि वे जल्द अर्थदंड जमा नहीं करते हैं तो विभाग एफएसएस एक्ट-2006 की धारा-96 के तहत उनके खाद्य लाइसेंस निलंबित कर देगा और खाद्य कारोबार के संचालन पर रोक लगा दी जाएगी।