September 29, 2026

मेरठ की पारुल ने 24 घंटे में दो कांस्य जीते: एशियन गेम्स की 5000 मीटर दौड़ में भी इतिहास रचा, बोलीं- अब तीनों मेडल मेरे पास - Meerut News

  • Hindi News
  • Local
  • Uttar pradesh
  • Meerut
  • Parul Chaudhary Asian Games Medal | Meerut Athlete Historic Performance

श्रेया शर्मा | मेरठ32 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

मेरठ की एथलीट पारुल चौधरी ने एशियन गेम्स में लगातार दूसरे दिन कांस्य पदक जीता। सोमवार को उन्होंने 5000 मीटर दौड़ 15 मिनट 14.61 सेकंड में पूरी कर तीसरा स्थान हासिल किया। इससे एक दिन पहले रविवार को पारुल ने 3000 मीटर स्टीपलचेज में कांस्य जीता था।

इस स्पर्धा में 9 मिनट 8.67 सेकंड का समय निकालकर उन्होंने राष्ट्रीय रिकॉर्ड भी बनाया। दो दिनों में दो पदक जीतने के बाद इकलौता गांव में जश्न का माहौल है। पिता कृष्णपाल सिंह और भाई राहुल ने मिठाई बांटकर खुशी मनाई।

5000 मीटर में भी पारुल के नाम राष्ट्रीय रिकॉर्ड है। जून 2026 में उन्होंने फ्रांस में 15 मिनट 4.26 सेकंड का समय निकालकर अपना और देश का राष्ट्रीय रिकॉर्ड बेहतर किया था।

24 घंटे के भीतर पारुल ने दो कांस्य पदक अपने नाम किए

24 घंटे के भीतर पारुल ने दो कांस्य पदक अपने नाम किए

‘पिछली बार गोल्ड-सिल्वर था, इस बार दोनों ब्रॉन्ज’

पारुल की जीत के बाद उनका एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आया है। जिसमें कह रही हैं कि पिछली बार एशियन गेम्स में दो मेडल लेकर गई थी, इसलिए इस बार भी दो मेडल जीतने का लक्ष्य था। इस बार मेडल का रंग बदल गया है। पिछली बार गोल्ड और सिल्वर था, जबकि इस बार दोनों ब्रॉन्ज हैं। उन्होंने कहा कि अब उनके पास एशियन गेम्स के तीनों मेडल हो गए हैं, इसलिए उन्हें काफी अच्छा लग रहा है।

पारुल ने बताया कि लगातार प्रतियोगिताओं के कारण चुनौती भी काफी रही। रात में नींद नहीं आती और प्रतियोगिता के बाद थकान रहती है। आमतौर पर उन्हें दो प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने की आदत है, लेकिन इस बार तीन इवेंट खेले। इसलिए थोड़ा डर भी था कि कैसे होगा, लेकिन आखिर में सब अच्छा रहा।

नंगे पैर पगडंडियों से अंतरराष्ट्रीय ट्रैक तक

पारुल ने गांव की पगडंडियों और खेतों में दौड़ते हुए अपने सफर की शुरुआत की थी। स्कूल की दौड़ से शुरू हुआ यह सफर आगे चलकर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचा। सीमित संसाधनों के बावजूद परिवार के सहयोग और लगातार मेहनत से उन्होंने अपनी अलग पहचान बनाई।

वर्ष 2015 में रेलवे में नौकरी मिली और 2024 में उन्हें उत्तर प्रदेश पुलिस में डीएसपी नियुक्त किया गया। वर्ष 2023 में उन्हें अर्जुन अवॉर्ड और रानी लक्ष्मीबाई अवॉर्ड से भी सम्मानित किया गया।

5000 मीटर में भी पारुल के नाम राष्ट्रीय रिकॉर्ड है।

5000 मीटर में भी पारुल के नाम राष्ट्रीय रिकॉर्ड है।

दो एशियन गेम्स में चार पदक

वर्ष 2023 के एशियन गेम्स में पारुल ने 5000 मीटर में गोल्ड और 3000 मीटर स्टीपलचेज में सिल्वर मेडल जीता था। अब 2026 के एशियन गेम्स में उन्होंने दोनों स्पर्धाओं में कांस्य पदक हासिल किया है। दोनों एशियन गेम्स को मिलाकर उनके खाते में चार पदक हो गए हैं। 3000 मीटर स्टीपलचेज और 5000 मीटर दोनों में लगातार दूसरी बार पदक जीतना उनकी बड़ी उपलब्धि है।

पिता बोले- बेटियों के लिए बनीं मिसाल

पारुल के पिता कृष्णपाल सिंह ने कहा कि बेटी की मेहनत का परिणाम आज सभी के सामने है। पारुल ने संघर्ष करके यह मुकाम हासिल किया और अब वह दूसरी बेटियों के लिए भी मिसाल बन गई हैं। गांव में उनकी जीत के बाद लोगों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर खुशी जताई।

पारुल की लगातार सफलता के बाद मेरठ में उनके नाम पर कैलाश प्रकाश स्पोर्ट्स स्टेडियम के सिंथेटिक ट्रैक का नाम रखने की मांग भी उठी है।

पारुल की लगातार सफलता के बाद मेरठ में उनके नाम पर कैलाश प्रकाश स्पोर्ट्स स्टेडियम के सिंथेटिक ट्रैक का नाम रखने की मांग भी उठी है।

स्टेडियम के ट्रैक का नाम पारुल के नाम पर रखने की मांग पारुल की लगातार सफलता के बाद मेरठ में उनके नाम पर कैलाश प्रकाश स्पोर्ट्स स्टेडियम के सिंथेटिक ट्रैक का नाम रखने की मांग भी उठी है। जिला एथलेटिक संघ के सचिव अनु कुमार ने यह मांग रखी। उत्तर प्रदेश एथलेटिक संघ के अध्यक्ष आशुतोष भल्ला ने पारुल को बधाई दी। खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों ने भी ट्रैक का नाम पारुल चौधरी के नाम पर रखने की मांग का समर्थन किया।

.