August 17, 2026

24 प्लेटफॉर्म, 121 साल पुराना अजूबा... टूरिस्ट डेस्टिनेशन जैसा है दुनिया का सबसे खूबसूरत रेलवे स्टेशन

24 प्लेटफॉर्म, 121 साल पुराना अजूबा... टूरिस्ट डेस्टिनेशन जैसा है दुनिया का सबसे खूबसूरत रेलवे स्टेशन

बेल्जियम का एंटवर्प सेंट्रल रेलवे स्टेशन.

दुनिया के कुछ चुनिंदा रेलवे स्टेशन ऐसे हैं जो सिर्फ रेल यात्रा के लिए ही नहीं, अपनी खास तरह की खूबसूरती के लिए भी जाने जाते हैं. जब दुनिया के सबसे खूबसूरत रेलवे स्टशनों की बात होती है तो उनका जिक्र होता है. बेल्जियम का एंटवर्प सेंट्रल रेलवे दुनिया की सबसे खूबसूरत इमारतों में गिना जाता है. अलग-अलग संस्थाओं और मैगजीन की रैंकिंग में यह अक्सर शामिल किया जाता है.

साल 1905 में आर्किटेक्ट लुई डेलासेंसरी ने इसे डिजाइन किया था. इसका विशाल गुंबद रोम के मशहूर रोमन पैंथियन टेंपल से प्रेरित है, जिस वजह से इसे “रेलवे कैथेड्रल” उपनाम मिला. संगमरमर से बना यह स्टेशन 3 मंजिलों पर फैला है और यहां 24 प्लेटफॉर्म हैं.

कब और किसने बनाया?

बेल्जियम के एंटवर्प शहर का सेंट्रल स्टेशन सिर्फ एक ट्रेन स्टेशन नहीं, बल्कि एक जीता-जागता आर्किटेक्चरल अजूबा है. इसे इतनी बार “दुनिया के सबसे खूबसूरत स्टेशन” की लिस्ट में जगह मिली है कि अब यह उपाधि इसके नाम के साथ ही जुड़ गई है.

Antwerpen Centraal Railway Station Pic

बेल्जियम का एंटवर्प सेंट्रल रेलवे स्टेशन.

इस स्टेशन का निर्माण 1895 से 1905 के बीच हुआ. इसे आर्किटेक्ट लुई डेलासेंसरी ने डिजाइन किया, जिन्होंने पत्थर, कांच और धातु का ऐसा कॉम्बिनेशन तैयार किया जो आज भी लोगों को हैरान करता है. 11 अगस्त 1905 को इसका उद्घाटन हुआ था. दिलचस्प बात यह है कि इससे पहले यहां “बोर्गरहाउट” नाम का एक अस्थायी स्टेशन हुआ करता था, जो एक बैरक जैसा ढांचा था.

Antwerpen Centraal Railway Station

इस स्टेशन को आर्किटेक्ट लुई डेलासेंसरी ने डिजाइन किया था. फोटो: Pexels

रेलवे कैथेड्रल नाम क्यों पड़ा?

स्टेशन के बीचों-बीच बना विशाल गुंबद रोम के मशहूर पैंथियन मंदिर से प्रेरित है. इसी वजह से स्थानीय लोग इसे प्यार से “रेलवे कैथेड्रल” यानी रेलवे का गिरजाघर कहते हैं. अंदर संगमरमर से सजी दीवारें और छत तक पहुंचती रोशनी किसी धार्मिक स्थल जैसा एहसास कराती है. स्टेशन हॉल की बनावट में 1900 के दशक के एंटवर्प के धनी नागरिकों से जुड़े कई प्रतीक भी शामिल किए गए हैं.

Antwerpen Centraal Railway Station (1)

यहां 24 प्लेटफॉर्म बने हैं. फोटो: Pexels

तकनीकी करिश्मा भी कम नहीं

यह स्टेशन सिर्फ खूबसूरती के लिए नहीं, बल्कि अपनी इंजीनियरिंग के लिए भी जाना जाता है. यहां 4 मंजिलों पर कुल 24 प्लेटफॉर्म बने हैं. 1990 के दशक में जब स्टेशन पर ट्रेनों का दबाव बढ़ने लगा और ब्रसेल्स से तेज़ कनेक्टिविटी की जरूरत पड़ी, तो शहर के नीचे से एक 3.8 किलोमीटर लंबी सुरंग बनाई गई. सितंबर 2009 से हाई-स्पीड TGV ट्रेनें टिकट काउंटर से महज 22 मीटर नीचे से गुजरने लगीं. इस पूरे रीनोवेशन प्रोजेक्ट में स्टेशन का ऐतिहासिक ढांचा लगभग पूरी तरह सुरक्षित रखा गया.

यह स्टेशन कई वास्तुशिल्प शैलियों का संगम है. इसके मुख्य हॉल में एक विशाल गुंबद है. इसकी सजावट में 20 से अधिक तरह के संगमरमर और पत्थरों का उपयोग किया गया है. यह एंटवर्प चिड़ियाघर और शहर के प्रसिद्ध हीरा क्षेत्र के पास है. इसका मुख्य प्रवेश द्वार कोनिनगिन एस्ट्रिडप्लेन पर है.

Antwerpen Central Railway Station Facts

यह स्टेशनएम्स्टर्डम, ब्रसेल्स व रॉटरडैम जैसे शहरों को जोड़ता है.

50 हजार यात्री रोजाना करते हैं सफर

आज इस स्टेशन से रोजाना 50,000 यात्री सफर करते हैं. यहएम्स्टर्डम, ब्रसेल्स व रॉटरडैम जैसे शहरों को जोड़ता है. स्टेशन परिसर में डिजाइनर दुकानें और बेल्जियन खान-पान के विकल्प भी मौजूद हैं, जिससे यह सिर्फ ट्रांजिट पॉइंट नहीं बल्कि खुद में एक टूरिस्ट डेस्टिनेशन बन चुका है. एंटवर्प का यह रेलवे कैथेड्रल इस बात की मिसाल है कि रोजमर्रा की जरूरत की इमारतें भी कला का बेजोड़ नमूना बन सकती हैं.

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अंकित गुप्ता

अंकित गुप्ता

नवाबों के शहर लखनऊ में जन्‍मा. डीएवी कॉलेज से ग्रेजुएशन किया और पंजाब टेक्निकल यूनिवर्सिटी से MBA. लिखने की चाहत और खबरों से आगे की कहानी जानने का जुनून पत्रकारिता में लाया. 2008 में लखनऊ के पहले हिन्‍दी टेबलॉयड ‘लखनऊ लीड’ से करियर से शुरुआत की. फीचर सेक्‍शन में हाथ आजमाया. फ‍िर बाबा गोरखनाथ के नगरी गोरखपुर से दैनिक जागरण के आइनेक्‍स्‍ट से जुड़ा. शहर की खबरों और हेल्‍थ मैगजीन में रिपोर्टिंग के लिए 2013 में राजस्‍थान पत्र‍िका के जयपुर हेडऑफ‍िस से जुड़ा. यहां करीब 5 साल बिताने के बाद डिजिटल की दुनिया में नई शुरुआत के लिए 2018 में दैनिक भास्‍कर के भोपाल हेड ऑफ‍िस पहुंचा. रिसर्च, एक्‍सप्‍लेनर, डाटा स्‍टोरी और इंफोग्राफ‍िक पर पकड़ बनाई. हेल्‍थ और साइंस की जटिल से जटिल खबरों को आसान शब्‍दों में समझाया. 2021 में दैनिक भास्‍कर को अलविदा कहकर TV9 ग्रुप के डिजिटल विंग से जुड़ा. फ‍िलहाल TV9 में रहते हुए बतौर असिस्‍टेंट न्‍यूज एडिटर ‘नॉलेज’ सेक्‍शन की कमान संभाल रहा हूं. एक्‍सप्‍लेनर, डाटा और रिसर्च स्‍टोरीज पर फोकस भी है और दिलचस्‍पी भी.

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