September 18, 2026

ओडिशा में बनेगी 'सिलिकॉन वैली', सरकार को मिले 23,600 करोड़ के निवेश प्रस्ताव

मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने सेमीकॉन इंडिया 2026 के दौरान, वैश्विक और घरेलू सेमीकंडक्टर और प्रौद्योगिकी कंपनियों, उद्योग निकायों और अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधिमंडलों के साथ कई उच्च स्तरीय बैठकें कीं.

मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने सेमीकॉन इंडिया 2026 के दौरान, वैश्विक और घरेलू सेमीकंडक्टर और प्रौद्योगिकी कंपनियों, उद्योग निकायों और अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधिमंडलों के साथ कई उच्च स्तरीय बैठकें कीं.

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CM Mohan Manjhi: (IANS)

ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने शुक्रवार को घोषणा की कि राज्य सरकार कटक जिले के नारज में पूर्वी भारत की सिलिकॉन वैली विकसित करेगी. मुख्यमंत्री माझी ने नई दिल्ली में आयोजित सेमीकॉन इंडिया 2026 सेमिनार में भाग लिया. इस दौरान उन्होंने कटक के पास नारज में 870 एकड़ भूमि पर ओडिशा सिलिकॉन वैली के विकास की घोषणा की. ओडिशा सिलिकॉन वैली में प्रमुख सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी परियोजनाएं स्थापित की जाएंगी.

एक आधिकारिक बयान के अनुसार, नारज में स्थित ओडिशा सिलिकॉन वैली क्षेत्र कनेक्टिविटी और औद्योगिक बुनियादी ढांचे के लिए एक अत्यंत अनुकूल रणनीतिक स्थान प्रदान करता है. राज्य सरकार ने कहा कि कटक-भुवनेश्वर शहरी गलियारे से निर्बाध संपर्क के साथ, यह स्थल पारादीप और धामरा जैसे प्रमुख बंदरगाहों तक कुशल बहुआयामी पहुंच प्रदान करता है, साथ ही प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्गों से भी जुड़ा हुआ है. इन लाभों के कारण नारज सेमीकंडक्टर आपूर्ति श्रृंखला, लॉजिस्टिक्स और संबद्ध उद्योगों के लिए एक संभावित रणनीतिक केंद्र के रूप में उभर सकता है.

सरकार ने आगे कहा कि सेमीकंडक्टर निर्माण सुविधाओं और असेंबली इकाइयों को पर्याप्त मात्रा में पानी और बिजली की विश्वसनीय आपूर्ति की आवश्यकता होती है, और महानदी नदी के निकट स्थित यह स्थल औद्योगिक जल आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए एक महत्वपूर्ण भौगोलिक लाभ प्रदान करता है. सरकार ने आगे कहा कि अपनी कनेक्टिविटी और बुनियादी ढांचे की क्षमता के साथ, नारज विश्व स्तरीय सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स इकोसिस्टम विकसित करने के लिए एक मजबूत आधार प्रदान करता है.

ओडिशा के सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स इकोसिस्टम को महत्वपूर्ण बढ़ावा देते हुए राज्य को सम्मेलन के दौरान लगभग 23,600 करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए, जिनसे 6,100 रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना है. यह सेमीकॉन 2.0 के तहत एक संपूर्ण सेमीकंडक्टर वैल्यू चेन के निर्माण की दिशा में ओडिशा के कदम का संकेत है.

सेमीकॉन इंडिया 2026 के दौरान, मुख्यमंत्री ने वैश्विक और घरेलू सेमीकंडक्टर और प्रौद्योगिकी कंपनियों, उद्योग निकायों और अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधिमंडलों के साथ कई उच्च स्तरीय बैठकें कीं, जिनमें जापान, स्वीडन और ताइवान के प्रतिनिधिमंडलों के साथ बातचीत भी शामिल थी.

इन बैठकों में क्वाडक्वांटम के साथ एसआईसी सबस्ट्रेट वेफर्स के उत्पादन के लिए एक सेमीकंडक्टर संयंत्र स्थापित करने हेतु आशय पत्र (लेटर ऑफ इंटेंट) पर हस्ताक्षर भी किए गए, जिससे सेमीकॉन इंडिया 2026 में सेमीकंडक्टर और प्रौद्योगिकी पारिस्थितिकी तंत्र के साथ ओडिशा की भागीदारी और मजबूत हुई.

सम्मेलन में ओडिशा पवेलियन ने आरआईआर पावर, एसआईसीएसईएम, 3डीजीएस, एआरएफ डिजाइन और एनआईटी राउरकेला और पीएमईसी ब्रह्मपुर जैसे शैक्षणिक संस्थानों की परियोजनाओं को प्रदर्शित किया, जो मेड इन इंडिया चिप्स के पहले बैच का डिजाइन तैयार कर रहे हैं.

--आईएएनएस

एमएस/

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