छत्तीसगढ़ की पहली खुली जेल बेमेतरा जिले में खुल गई है। 23 करोड़ की लागत वाली इस जेल में 200 कैदियों को अपने परिवार के साथ रहने की सुविधा मिलेगी।
छत्तीसगढ़ की पहली ओपन जेल बेमेतरा जिले के पथर्रा गांव में शुरू हुई (AI Generated Image)
- Published: 14 Jul 2026, 05:57 PM IST
- Last Updated: 14 Jul 2026, 06:27 PM IST
रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार कैदियों को सुधरने का मौका देने के उद्देश्य से एक बड़ा कदम उठाया है। जेल विभाग ने प्रदेश की पहली खुली जेल बेमेतरा जिले के पथर्रा में खोलने का आदेश जारी कर दिया है।
उल्लेखनीय है कि, छत्तीसगढ़ में कैदियों के सुधार और पुनर्वास के लिए बेमेतरा जिले के पथर्रा गांव में राज्य की पहली खुली जेल (Open Jail) विकसित की गई है। लगभग 23 करोड़ की लागत वाली इस जेल में आजीवन कारावास काट रहे और अच्छे आचरण वाले करीब 200 कैदियों को अपने परिवार के साथ रहने और कृषि-पशुपालन जैसे कार्यों से जुड़ने की सुविधा मिलेगी।

क्या है खुली जेल
खुली जेल (Open Prison) एक ऐसी आधुनिक और सुधारात्मक जेल व्यवस्था है जिसमें पारंपरिक जेलों की तरह ऊँची दीवारें, लोहे की सलाखें, कटीले तार और हथियारबंद गार्ड नहीं होते हैं। यह पूरी व्यवस्था कैदियों के आत्म-अनुशासन, आपसी विश्वास और उनके अच्छे व्यवहार पर टिकी होती है। इसका मुख्य उद्देश्य अपराधियों को केवल सजा देना नहीं, बल्कि उनके व्यवहार में सुधार लाकर उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ना और उनका पुनर्वास (Rehabilitation) करना है।
खुली जेल का लाभ हर कैदी को नहीं मिलता
इसके लिए प्रशासन के बेहद सख्त नियम और शर्तें होती हैं। इस व्यवस्था में केवल उन्हीं कैदियों को भेजा जाता है जिनका पारंपरिक बंद जेलों में आचरण और अनुशासन बेहद शानदार रहा हो और जो आदतन अपराधी नहीं होते हैं। आमतौर पर जिन कैदियों की सजा के आखिरी एक से दो साल बचे होते हैं, उन्हें समाज में दोबारा ढलने के लिए प्रायोगिक तौर पर यहाँ स्थानांतरित किया जाता है। यह मॉडल कैदियों के मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने में मदद करता है और सजा पूरी होने के बाद उन्हें नए सिरे से अपनी आजीविका शुरू करने के काबिल बनाता है।
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