Aug 23, 2026 08:22 am ISTलाइव हिन्दुस्तान
रिपोर्ट के मुताबिक 2029 से ही एक देश एक चुनाव लागू हो सकता है और लोकसभा चुनाव के साथ देशभर में विधानसभा के चुनाव करवाए जा सकते हैं। संसद के शीत सत्र में संयुक्त संसदीय समिति अपनी रिपोर्ट सौंप सकतीहै।

2029 से ही एक साथ हो सकते हैं लोकसभा और विधानसभा चुनाव
देशभर में लोकसभा और विधानसभा चुनाव साथ कराने को लेकर कवायद तेज हो गई है। रिपोर्ट के मुताबिक 'एक देश, एक चुनाव' को लेकर बनाई गई संसद की संयुक्त समिति ने भी सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने इस बारे में सलाह लेनी शुरू कर दी है। रिपोर्ट में कहा गया है कि सरकार एक देश एक चुनाव के लिए 20234 की डेडलाइन को घटाकर 2029 ही करना चाहती है। यानी अगला लोकसभा चुनाव बिल्कुल अलग अंदाज में हो सकता है। इसके साथ ही विधानसभा के चुनाव भी करवाए जा सकते हैं। अगर ऐसा होता है तो एक साथ ही सभी राज्य की विधानसभाओं को भंग कर दिया जाएगा।
दो साल में 11 राज्यों में होना है चुनाव, अभी एनडीए की सरकार
इस समय देश के 22 राज्यों में एनडीए की सरकार है। इनमें से 11 राज्यों में अगले दो सालों में विधानसभा का चुनाव होना है। चार ऐसे राज्य हैं जिनमें लोकसभा चुनाव के साथ ही चुनाव हो सकते हैं। इनमें आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, सिक्किम और ओडिशा का नाम शामिल है। 2024 में एक देश एक चुनाव को लेकर जो कमेटी बनाई गई थी उसका टारगेट यही था कि 2034 में साथ में चुनाव कराने को लेकर रणनीति तैयार की जाए। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट में कहा गया कि अब सरकार इस प्रयास में है कि इसके लिए ज्यादा इंतजार ना किया जाए।
शीत सत्र में सौंप सकती है रिपोर्ट
संयुक्त संसदीय समिति पिछले दो साल से अपने काम में लग है और इस शीत सत्र में संसद में रिपोर्ट जमा कर सकती है। संविधान का अनुच्छेद 174 2, बी राज्यपाल को विधानसभा भंग करने का अधिकार देता है। ऐसे में अगर एक साथ चुनाव करवाने होंगे तो जनवरी में ही राज्यों की विधानसभा भंग कर दी जाएगी। जिन राज्यों में एनडीए की सरकार है वहां यह आसान होगा। क्योंकि मंत्रिपरिषद की सलाह पर ही राज्यपाल विधानसभा भंग कर सकते हैं।
संसद का शीतकालीन सत्र आमतौर पर नवंबर के आखिरी हफ्ते में शुरू होता है और क्रिसमस से पहले संपन्न हो जाता है। यह 41 सदस्यीय समिति 'एक देश, एक चुनाव' व्यवस्था को लागू करने के लिए संविधान (129वां संशोधन) विधेयक, 2024 पर विचार-विमर्श कर रही है। समिति 2029 तक, लोकसभा, राज्य विधानसभाओं और स्थानीय निकायों के चुनाव एक साथ कराने के प्रस्ताव पर देश भर में परामर्श कर रही है।
बीजेपी के कुछ मुख्यमंत्रियों ने पहले ही लोकसभा चुनाव के साथ ही विधानसभा के चुनाव कराने की इच्छा जाहिर की है। गोवा, हरियाणा और उत्तराखंड के मुख्यमंत्रियों ने इसका समर्थन किया है। इसके साथ ही दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भी 1 जुलाई को कमेटी के साथ बैठक की थी।
