Bithoor Assembly Caste Equations में क्षत्रिय, दलित, ब्राह्मण, यादव और कुशवाहा मतदाता पांच प्रमुख सामाजिक धुरियां बनाते हैं। पुराने विधानसभा-स्तरीय अनुमानों में क्षत्रिय करीब 40 से 47 हजार, यादव 36 से 45 हजार, जाटव करीब 46 हजार, कुशवाहा 25 से 36 हजार और ब्राह्मण 32 से 60 हजार के बीच बताए गए हैं। पाल, पासवान, कुरील, मुस्लिम, निषाद, कोरी, लोधी और दूसरे सामाजिक समूह भी चुनावी संतुलन में महत्वपूर्ण हैं।
2026 की अंतिम मतदाता सूची में बिठूर विधानसभा में 3,44,036 मतदाता हैं। इनमें 1,89,997 पुरुष, 1,54,022 महिला और 17 अन्य मतदाता शामिल हैं। विधानसभा में 4,152 दिव्यांग और 4,167 मतदाता 18-19 वर्ष आयु वर्ग में दर्ज हैं।
बिठूर विधानसभा संख्या 210 सामान्य सीट है और अकबरपुर लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है। वर्तमान विधायक BJP के अभिजीत सिंह सांगा हैं, जो क्षत्रिय समाज से आते हैं और 2017 तथा 2022 में लगातार दो चुनाव जीत चुके हैं। 2022 में उन्होंने SP के मुनींद्र शुक्ला को 21,073 वोट से हराया था। 2024 लोकसभा चुनाव में तस्वीर पलटी और इसी विधानसभा खंड से SP ने BJP पर 10,397 वोट की बढ़त बनाई।
उत्तर प्रदेश की सभी 403 विधानसभा सीटों के चुनावी परिणाम काफी हद तक जटिल जातिगत समीकरणों और ‘सोशल इंजीनियरिंग’ पर निर्भर करते हैं, जिन्हें आगामी 2027 के चुनाव की दिशा तय करने में एक निर्णायक मोड़ माना जा रहा है।
राज्य के सभी 75 जिलों में चलाए गए विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान (एसआईआर) के तहत मतदाता सूचियों का अंतिम प्रकाशन किया गया है, जिससे कुल मतदाताओं की संख्या में बदलाव दर्ज हुआ हैं।
कानपुर नगर जिले के बिठूर विधानसभा के 2007 से 2022 तक का तुलनात्मक विश्लेषण में बदलाव दर्ज हुआ है।. उत्तर प्रदेश की सभी 403 विधानसभा सीटों के 2007 से 2022 तक के चुनावी इतिहास, विजेता-उपविजेता प्रत्याशियों और मत प्रतिशत के तुलनात्मक विश्लेषण के लिए मदद ली जा सकती है।
बिठूर विधानसभा एक नजर में
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| विधानसभा | बिठूर |
| विधानसभा संख्या | 210 |
| जिला | कानपुर नगर |
| लोकसभा क्षेत्र | अकबरपुर |
| आरक्षण | सामान्य |
| वर्तमान विधायक | अभिजीत सिंह सांगा |
| पार्टी | BJP |
| विधायक का सामाजिक वर्ग | क्षत्रिय |
| 2026 कुल मतदाता | 3,44,036 |
| पुरुष मतदाता | 1,89,997 |
| महिला मतदाता | 1,54,022 |
| अन्य | 17 |
| दिव्यांग मतदाता | 4,152 |
| 18-19 वर्ष के मतदाता | 4,167 |
| 2022 BJP वोट | 1,07,330 |
| 2022 SP वोट | 86,257 |
| 2022 BJP जीत | 21,073 वोट |
| 2024 SP वोट | 1,13,626 |
| 2024 BJP वोट | 1,03,229 |
| 2024 SP बढ़त | 10,397 वोट |
| प्रमुख समूह | क्षत्रिय, जाटव, यादव, कुशवाहा, ब्राह्मण, मुस्लिम, पाल, पासवान-कुरील |
Bithoor Assembly Caste Equations: कोई एक जाति नहीं तय करती चुनाव
Bithoor Assembly Caste Equations की सबसे महत्वपूर्ण बात सामाजिक विविधता है। अलग-अलग पुराने चुनावी अध्ययनों में क्षत्रिय, जाटव, यादव, कुशवाहा और ब्राह्मण समुदाय बड़े समूहों के रूप में सामने आते हैं, लेकिन उनकी अनुमानित संख्या में काफी अंतर है।
एक पुराने मॉडल में क्षत्रिय 47 हजार, जाटव 46 हजार, यादव करीब 36-40 हजार, कुशवाहा 36 हजार, ब्राह्मण 32 हजार और मुस्लिम 23 हजार बताए गए थे। दूसरे मॉडल में ब्राह्मण करीब 60 हजार, यादव 45 हजार, क्षत्रिय 40 हजार, पासवान 35 हजार, कुरील 30 हजार और कुशवाहा 25 हजार बताए गए।
बिठूर का संकेतात्मक जातिगत समीकरण
| जाति/समुदाय | पुराने अनुमानों की रेंज |
| क्षत्रिय | करीब 40-47 हजार |
| जाटव | करीब 46 हजार |
| यादव | करीब 36-45 हजार |
| ब्राह्मण | करीब 32-60 हजार |
| कुशवाहा | करीब 25-36 हजार |
| पासवान | करीब 35 हजार |
| कुरील | करीब 30 हजार |
| मुस्लिम | करीब 15-23 हजार |
| पाल | करीब 15 हजार |
| निषाद | करीब 15 हजार |
| कोरी | करीब 10 हजार |
| लोधी राजपूत | करीब 8 हजार |
| अन्य OBC/SC/वैश्य | महत्वपूर्ण संख्या |
यह गैर-आधिकारिक संकेतात्मक डेटा है। निर्वाचन नामावली जाति के आधार पर प्रकाशित नहीं होती। इसलिए किसी भी पुराने जातीय अनुमान को वर्तमान आधिकारिक मतदाता संख्या समझना सही नहीं होगा।
2026 वोटर लिस्ट: बिठूर में 3.44 लाख मतदाता
10 अप्रैल 2026 की अंतिम सूची में बिठूर में 3,44,036 वोटर दर्ज हैं।
6 जनवरी 2026 के ड्राफ्ट प्रकाशन के समय संख्या 3,24,295 थी। दावे और आपत्तियों के बाद अंतिम सूची में 19,741 मतदाता बढ़े।
बिठूर वोटर लिस्ट 2026
| विवरण | मतदाता |
| 6 जनवरी 2026 ड्राफ्ट | 3,24,295 |
| 10 अप्रैल 2026 अंतिम सूची | 3,44,036 |
| ड्राफ्ट से शुद्ध वृद्धि | 19,741 |
| पुरुष | 1,89,997 |
| महिला | 1,54,022 |
| अन्य | 17 |
वहीं SIR शुरू होने से पहले की पुरानी सूची के मुकाबले अंतिम मतदाता आधार करीब 28 हजार कम, यानी लगभग 7.5 प्रतिशत नीचे है। ड्राफ्ट से अंतिम सूची में वृद्धि और पुरानी प्री-SIR सूची से कमी दो अलग तुलनाएं हैं, इसलिए दोनों को एक-दूसरे के विरोधाभासी आंकड़े नहीं माना जाना चाहिए।
2022 विधानसभा चुनाव के समय भी मतदाता आधार 3.68 लाख से अधिक था। इसका मतलब है कि 2027 की लड़ाई नए बूथ और नई मतदाता संरचना पर होगी।
क्षत्रिय वोट और अभिजीत सिंह सांगा का मजबूत आधार
बिठूर की राजनीति में क्षत्रिय मतदाता लंबे समय से प्रभावशाली माने जाते हैं। पुराने अनुमानों में इनकी संख्या करीब 40 से 47 हजार के बीच बताई गई है।
वर्तमान विधायक अभिजीत सिंह सांगा भी क्षत्रिय समाज से आते हैं। 2017 में BJP प्रत्याशी के रूप में उन्होंने 1,13,289 वोट हासिल किए और करीब 59 हजार वोट से चुनाव जीता। 2022 में भी उन्होंने 1,07,330 वोट के साथ सीट बचाई।
लेकिन उनका वोट पुराने क्षत्रिय अनुमान से दोगुने से ज्यादा है। इससे साफ है कि उनकी जीत केवल क्षत्रिय वोट पर आधारित नहीं रही। BJP को सवर्ण, गैर-यादव OBC और दलित समुदायों से व्यापक समर्थन मिला।
2027 में भी BJP के लिए सांगा का व्यक्तिगत नेटवर्क एक ताकत रहेगा, लेकिन 2024 में SP की विधानसभा-खंड बढ़त ने मुकाबले को पहले से कठिन बना दिया है।
ब्राह्मण वोट बड़ा, लेकिन अनुमान में सबसे ज्यादा अंतर
बिठूर के पुराने जातिगत आंकड़ों में सबसे बड़ी विसंगति ब्राह्मण वोट की है। कुछ पुराने आकलन इसे करीब 32 हजार, जबकि दूसरे करीब 60 हजार तक बताते हैं।
इसलिए एक सटीक मौजूदा संख्या देना उचित नहीं होगा।
राजनीतिक महत्व पर हालांकि बहुत कम विवाद है। SP ने 2012, 2017 और 2022 तीनों चुनावों में मुनींद्र शुक्ला को मैदान में उतारा। 2012 में वह सिर्फ 671 वोट से जीते, 2017 में बड़ी हार हुई और 2022 में SP का वोट बढ़कर 86,257 हो गया।
ब्राह्मण प्रत्याशी के बावजूद SP को अन्य समुदायों का समर्थन जोड़ना पड़ा। यही दिखाता है कि बिठूर में जातीय पहचान महत्वपूर्ण है, लेकिन अकेली पर्याप्त नहीं।
जाटव और दूसरा दलित वोट बड़ा एक्स फैक्टर
पुराने अनुमान में जाटव मतदाता करीब 46 हजार बताए गए हैं। इसके अलावा पासवान, कुरील, कोरी, सोनकर और दूसरे दलित समुदायों की उल्लेखनीय मौजूदगी है।
अगर पुराने विस्तृत अनुमानों को देखें तो केवल पासवान और कुरील मतदाता ही करीब 65 हजार तक बताए गए हैं। अलग-अलग मॉडल में SC उपजातियों की गणना अलग होने के कारण इन्हें जोड़कर कोई निश्चित कुल बनाना सही नहीं होगा।
राजनीतिक तस्वीर BSP के वोट से ज्यादा साफ होती है।
बिठूर में BSP का बदलता वोट
| चुनाव | BSP वोट |
| विधानसभा 2012 | 60,410 |
| विधानसभा 2017 | 53,586 |
| विधानसभा 2022 | 36,955 |
| लोकसभा 2024 | 16,128 |
2012 से 2024 तक BSP का वोट काफी घटा है। यही BJP और SP दोनों के लिए दलित वोट में विस्तार का अवसर बनाता है।
अगर BSP 2027 में फिर 40-50 हजार वोट के स्तर पर लौटती है तो मुकाबला त्रिकोणीय हो सकता है। अगर उसका वोट 2024 के आसपास रहता है तो दलित वोट का BJP-SP में बंटवारा ज्यादा निर्णायक होगा।
यादव वोट SP का परंपरागत आधार, लेकिन BSP भी लगा चुकी है दांव
पुराने अनुमानों में यादव मतदाता करीब 36 से 45 हजार के बीच बताए गए हैं।
SP के लिए यह मजबूत परंपरागत आधार है, लेकिन 2022 में BSP ने यादव समाज से रमेश सिंह यादव को प्रत्याशी बनाकर सीधे इसी वोट में सेंध लगाने की कोशिश की थी।
रमेश यादव को 36,955 वोट मिले।
SP के मुनींद्र शुक्ला को 86,257 वोट मिले। इससे साफ है कि यादव मतदाता संख्या में महत्वपूर्ण हैं, लेकिन उनकी राजनीतिक दिशा प्रत्याशी और चुनावी परिस्थिति से प्रभावित हो सकती है।
2027 में SP के लिए यादव वोट का मजबूत ध्रुवीकरण जरूरी होगा, लेकिन सीट जीतने के लिए उसे दलित और गैर-यादव OBC वोट में भी विस्तार चाहिए।
कुशवाहा वोट BJP-SP दोनों के लिए महत्वपूर्ण
पुराने अनुमानों में कुशवाहा मतदाता करीब 25 से 36 हजार के बीच बताए गए हैं।
2012 में BSP के डॉ. राम प्रकाश कुशवाहा को 60,410 वोट मिले थे और वह SP से सिर्फ 671 वोट से चुनाव हारे थे।
2017 में भी राम प्रकाश कुशवाहा को BSP से 53,586 वोट मिले।
इससे साफ है कि कुशवाहा प्रत्याशी ने केवल अपने सामाजिक वर्ग से नहीं, बल्कि BSP के दलित आधार और दूसरे समुदायों से भी वोट हासिल किए।
2027 में कुशवाहा, पाल, निषाद, लोधी और दूसरे गैर-यादव OBC समुदाय BJP-SP की सामाजिक रणनीति का बड़ा हिस्सा रहेंगे।
मुस्लिम वोट 15 से 23 हजार के बीच पुराने अनुमान पर
पुराने आकलनों में मुस्लिम मतदाता करीब 15 से 23 हजार बताए गए हैं।
यह संख्या सीट पर अकेले चुनाव तय करने लायक नहीं है, लेकिन SP के यादव और दूसरे विपक्षी सामाजिक समूहों के साथ मिलकर महत्वपूर्ण आधार बनाती है।
बिठूर में 2024 लोकसभा चुनाव में SP 10 हजार से ज्यादा वोट से आगे रही। जातिवार आधिकारिक मतदान उपलब्ध नहीं है, इसलिए इस बढ़त को किसी एक समुदाय के वोट ट्रांसफर से जोड़ना सही नहीं होगा।
2022 में BJP ने 21,073 वोट से जीती सीट
2022 विधानसभा चुनाव में BJP के अभिजीत सिंह सांगा को 1,07,330 वोट, यानी 44.47 प्रतिशत मत मिले।
SP के मुनींद्र शुक्ला को 86,257 वोट, जबकि BSP के रमेश सिंह यादव को 36,955 वोट मिले।
बिठूर विधानसभा चुनाव 2022
| प्रत्याशी | पार्टी | वोट | वोट प्रतिशत |
| अभिजीत सिंह सांगा | BJP | 1,07,330 | 44.47% |
| मुनींद्र शुक्ला | SP | 86,257 | 35.74% |
| रमेश सिंह यादव | BSP | 36,955 | 15.31% |
| अशोक कुमार निषाद | कांग्रेस | 4,447 | करीब 1.84% |
| NOTA | — | 1,759 | करीब 0.73% |
| BJP की जीत | — | 21,073 | करीब 8.73 प्रतिशत अंक |
2017 के मुकाबले BJP का वोट थोड़ा घटा, जबकि SP ने लगभग 32 हजार वोट बढ़ाए। इसी वजह से BJP की जीत का अंतर 59 हजार से घटकर 21 हजार रह गया।
2017 में BJP ने 58,987 वोट से दर्ज की बड़ी जीत
2017 में अभिजीत सिंह सांगा पहली बार BJP से मैदान में उतरे और 1,13,289 वोट हासिल किए।
SP के मुनींद्र शुक्ला को 54,302 और BSP के राम प्रकाश कुशवाहा को 53,586 वोट मिले।
बिठूर विधानसभा चुनाव 2017
| प्रत्याशी | पार्टी | वोट |
| अभिजीत सिंह सांगा | BJP | 1,13,289 |
| मुनींद्र शुक्ला | SP | 54,302 |
| राम प्रकाश कुशवाहा | BSP | 53,586 |
| BJP की जीत | — | 58,987 |
2017 में SP और BSP का वोट लगभग बराबर बंटा। इसका सीधा फायदा BJP को मिला और पार्टी ने लगभग आधा वोट हासिल कर लिया।
2012 में सिर्फ 671 वोट से जीती थी SP
2012 में बिठूर का चुनाव बेहद करीबी रहा।
SP के मुनींद्र शुक्ला को 61,081 वोट और BSP के डॉ. राम प्रकाश कुशवाहा को 60,410 वोट मिले।
कांग्रेस से अभिजीत सिंह सांगा को भी 51,822 वोट मिले थे।
SP की जीत सिर्फ 671 वोट से हुई।
बिठूर का विधानसभा चुनाव इतिहास
| चुनाव | विजेता | पार्टी | वोट | जीत का अंतर |
| 2012 | मुनींद्र शुक्ला | SP | 61,081 | 671 |
| 2017 | अभिजीत सिंह सांगा | BJP | 1,13,289 | 58,987 |
| 2022 | अभिजीत सिंह सांगा | BJP | 1,07,330 | 21,073 |
तीन चुनावों में BJP दो और SP एक बार जीती है।
दिलचस्प बात यह है कि 2012 में कांग्रेस से तीसरे स्थान पर रहे अभिजीत सिंह सांगा पांच साल बाद BJP से सीट जीतकर लगातार दो बार विधायक बने।
2019 लोकसभा में BJP 43,270 वोट आगे थी
बिठूर अकबरपुर लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है।
2019 लोकसभा चुनाव में BJP को इस विधानसभा खंड से 1,20,687 वोट मिले थे। SP-BSP गठबंधन की BSP प्रत्याशी को 77,417 वोट मिले।
BJP की बढ़त 43,270 वोट रही।
लोकसभा 2019: बिठूर विधानसभा खंड
| दल | वोट |
| BJP | 1,20,687 |
| BSP-SP गठबंधन | 77,417 |
| कांग्रेस | 18,239 |
| BJP की बढ़त | 43,270 |
2019 में बिठूर BJP का मजबूत विधानसभा खंड था।
2024 में SP ने BJP पर बनाई 10,397 वोट की बढ़त
2024 लोकसभा चुनाव में बिठूर का राजनीतिक संतुलन बदल गया।
SP के राजाराम पाल को इस विधानसभा खंड से 1,13,626 वोट मिले।
BJP के देवेंद्र सिंह भोले को 1,03,229 वोट और BSP को 16,128 वोट मिले।
SP की बढ़त 10,397 वोट रही।
लोकसभा 2024: बिठूर विधानसभा खंड
| पार्टी | वोट | वोट प्रतिशत |
| SP | 1,13,626 | 47.60% |
| BJP | 1,03,229 | 43.24% |
| BSP | 16,128 | 6.76% |
| SP की बढ़त | 10,397 | 4.36 प्रतिशत अंक |
लोकसभा और विधानसभा चुनाव में प्रत्याशी और मुद्दे अलग होते हैं, इसलिए इसे सीधे 2027 का नतीजा नहीं माना जा सकता। फिर भी 2019 के मुकाबले बदलाव बड़ा है।
2019 से 2024 तक BJP-SP गणित कैसे बदला?
| चुनाव | बढ़त |
| लोकसभा 2019 | BJP +43,270 |
| विधानसभा 2022 | BJP +21,073 |
| लोकसभा 2024 | SP +10,397 |
2019 में BJP 43 हजार से ज्यादा आगे थी।
2022 में बढ़त घटकर 21 हजार रह गई।
2024 में SP 10 हजार से ज्यादा आगे निकल गई।
यानी पांच साल में मुख्य मुकाबले का सापेक्ष अंतर 53 हजार से ज्यादा वोट SP की ओर बदला है। यही 2027 से पहले बिठूर का सबसे महत्वपूर्ण चुनावी ट्रेंड है।
1.54 लाख महिला और 4,167 युवा मतदाता
2026 की अंतिम सूची में बिठूर में 1,54,022 महिला मतदाता हैं। इसके साथ 4,167 मतदाता 18-19 वर्ष आयु वर्ग के हैं।
महिला मतदाता किसी एक जातीय समूह से कई गुना बड़ा चुनावी वर्ग बनाती हैं।
राशन, आवास, महिला सुरक्षा, स्वास्थ्य, महंगाई, शिक्षा और रोजगार जैसे मुद्दे महिला वोट को जातिगत समीकरण से अलग दिशा दे सकते हैं।
पहली बार मतदान करने वाले युवा भी 2027 में रोजगार, शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं और स्थानीय विकास जैसे मुद्दों को चुनाव में आगे ला सकते हैं।
बिठूर के स्थानीय मुद्दे: पर्यटन के साथ किसान और सड़क
बिठूर की पहचान धार्मिक और ऐतिहासिक पर्यटन केंद्र के रूप में है, लेकिन विधानसभा क्षेत्र का बड़ा हिस्सा ग्रामीण भी है।
पुराने चुनावी मुद्दों में जल निकासी, बिजली, पेयजल, पर्यटन स्थलों का विकास और सड़कें प्रमुख रहे हैं। किसानों की समस्याएं, आवारा पशु और बेरोजगारी भी राजनीतिक चर्चा में रहे हैं।
2027 में गंगा किनारे बिठूर के धार्मिक-पर्यटन विकास के साथ ग्रामीण सड़क, सिंचाई, रोजगार, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे सवाल जातिगत समीकरण के समानांतर चलेंगे।
BJP के लिए तीसरी लगातार जीत की चुनौती
BJP ने 2017 में बिठूर पर बड़ी जीत दर्ज की और 2022 में सीट बचाई।
लेकिन जीत का अंतर 58,987 से घटकर 21,073 रह गया।
2024 लोकसभा में पार्टी इस विधानसभा खंड से 10,397 वोट पीछे चली गई।
BJP के लिए 2027 में अभिजीत सिंह सांगा के क्षत्रिय और व्यक्तिगत नेटवर्क के साथ ब्राह्मण, दलित, कुशवाहा, पाल और दूसरे गैर-यादव OBC समर्थन को फिर मजबूत करना जरूरी होगा।
विशेष चुनौती BSP के कमजोर होने के बाद दलित वोट में SP की बढ़ती हिस्सेदारी को रोकने की होगी।
SP के लिए 2024 की बढ़त को सीट में बदलने का मौका
SP 2012 में सिर्फ 671 वोट से बिठूर जीती थी।
2017 में पार्टी का वोट घटकर 54,302 रह गया, लेकिन 2022 में यह बढ़कर 86,257 हुआ।
2024 लोकसभा चुनाव में SP ने पहली बार हालिया दौर में इस विधानसभा खंड से BJP को पीछे छोड़ दिया।
SP के लिए 2027 में यादव वोट के साथ ब्राह्मण, दलित, कुशवाहा और पाल समुदायों में पर्याप्त समर्थन जोड़ना जरूरी होगा।
2022 में केवल यादव-मुस्लिम या ब्राह्मण उम्मीदवार का समीकरण BJP को हराने के लिए पर्याप्त नहीं था। पार्टी को 2024 जैसा व्यापक सामाजिक गठबंधन विधानसभा चुनाव में भी बनाए रखना होगा।
BSP 2027 की तीसरी बड़ी चाबी
बिठूर में BSP का वोट 2012 में 60 हजार और 2017 में 53 हजार से ज्यादा था।
2022 में यह 36,955 और 2024 में सिर्फ 16,128 रह गया।
BSP कमजोर रहने पर जाटव, पासवान, कुरील और दूसरे दलित मतों का BJP-SP में बंटवारा ज्यादा महत्वपूर्ण हो जाएगा।
अगर BSP फिर 40-50 हजार वोट हासिल करती है तो सीट का मुकाबला दोबारा त्रिकोणीय हो सकता है।
2027 में बिठूर की आठ बड़ी चुनावी चाबियां
| चुनावी चाबी | 2027 में महत्व |
| क्षत्रिय वोट | मौजूदा विधायक का प्रमुख सामाजिक और व्यक्तिगत आधार |
| दलित वोट | जाटव, पासवान, कुरील सहित बड़ा खुला राजनीतिक क्षेत्र |
| ब्राह्मण वोट | पुराने अनुमानों में बड़ा समूह, BJP-SP दोनों की नजर |
| यादव वोट | SP का परंपरागत मजबूत आधार |
| कुशवाहा व दूसरे OBC | BJP-SP मुकाबले का बड़ा स्विंग ब्लॉक |
| BSP का प्रदर्शन | दलित वोट का बंटवारा तय करेगा |
| महिला और युवा वोट | जाति से अलग कल्याण और रोजगार के मुद्दों पर असर |
| 2026 वोटर लिस्ट | 3.44 लाख के नए आधार पर बूथ रणनीति दोबारा बनेगी |
2027 में बिठूर विधानसभा का चुनावी गणित क्या कहता है?
बिठूर विधानसभा के जातिगत समीकरण की सबसे बड़ी खासियत यह है कि कोई एक सामाजिक समूह सीट पर अकेला प्रभुत्व नहीं रखता। क्षत्रिय और ब्राह्मण सवर्ण आधार के दो महत्वपूर्ण हिस्से हैं। यादव और कुशवाहा बड़े OBC समूह हैं, जबकि जाटव, पासवान, कुरील और दूसरे दलित समुदाय संयुक्त रूप से बड़ी चुनावी ताकत बनाते हैं।
हालिया चुनावी स्थिति को चार आंकड़ों से समझा जा सकता है—
2022 विधानसभा चुनाव: BJP की जीत 21,073 वोट से।
2024 लोकसभा चुनाव: SP की बढ़त 10,397 वोट।
2026 अंतिम वोटर लिस्ट: 3,44,036 मतदाता।
2026 महिला मतदाता: 1,54,022।
BJP के पास लगातार दो विधानसभा जीत, वर्तमान विधायक और क्षत्रिय-सवर्ण-गैर यादव OBC-दलित गठबंधन का पुराना आधार है। SP के पक्ष में 2024 का विधानसभा-खंड नतीजा और 2022 के मुकाबले बढ़ता वोट सकारात्मक संकेत है। BSP का लगातार घटता वोट दलित और OBC समीकरण को खुला बना रहा है।
ऐसे में 2027 में बिठूर विधानसभा के जातिगत समीकरण का फैसला क्षत्रिय और ब्राह्मण वोट की दिशा, यादव-कुशवाहा OBC समीकरण, जाटव-पासवान-कुरील दलित वोट के बंटवारे, BSP की ताकत, उम्मीदवार की स्थानीय स्वीकार्यता, महिला-युवा मतदाता और 2026 की नई वोटर लिस्ट के बीच बनने वाले सामाजिक गठबंधन से होगा।
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