September 1, 2026

चम्पावत से खेल महाकुंभ 2026 का आगाज, CM धामी ने किया चैम्पियनशिप ट्रॉफी का भव्य शुभारम्भ

Uttarakhand News: उत्तराउंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को चम्पावत के स्वर्गीय कैलाश चन्द्र गहतोड़ी स्पोर्ट्स स्टेडियम में ‘खेल महाकुम्भ-मुख्यमंत्री चैम्पियनशिप ट्रॉफी-2026’ की शुरुआत की. उन्होंने बेहतरीन खिलाड़ी गहना महर को मशाल सौंपकर इस बड़े खेल उत्सव का आगाज किया. इस मौके पर सभी खिलाड़ियों ने पूरी ईमानदारी, अनुशासन और खेल भावना के साथ खेलने की शपथ ली. कार्यक्रम के दौरान खिलाड़ियों ने योगासन और उत्तराखंड के पारंपरिक खेल ‘मुर्गा झपट’ का शानदार प्रदर्शन भी किया.

CM धामी ने खिलाड़ियों का बढ़ाया हौसला

मुख्यमंत्री ने अलग-अलग इलाकों से आए खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाया और कहा कि यह खेल महाकुम्भ गांवों की छुपी हुई प्रतिभाओं को राज्य, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक ले जाने का एक मजबूत जरिया बन रहा है. उन्होंने भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार की कोशिश है कि सही मंच या सुविधाओं की कमी के कारण राज्य का कोई भी होनहार खिलाड़ी पीछे न छूटे.

मुख्यमंत्री ने कहा कि खेल सिर्फ मेडल जीतने का माध्यम नहीं हैं, बल्कि वे हमें अनुशासन सिखाते हैं, आत्मविश्वास जगाते हैं, संघर्ष करना सिखाते हैं और गिरकर फिर से उठने का साहस देते हैं. खेल स्वस्थ शरीर के साथ-साथ मजबूत चरित्र और सशक्त राष्ट्र के निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. राज्य सरकार खेलों को उत्तराखंड के युवाओं के उज्ज्वल भविष्य का महत्वपूर्ण आधार मानकर काम कर रही है.

मुख्यमंत्री ने कहा कि साल 2017 में खेल महाकुम्भ की शुरुआत गांवों में छिपी खेल प्रतिभाओं को एक मंच देने के लिए की गई थी और आज यह खेल महाकुम्भ अपने 10वें सीजन में पहुंच चुका है. पिछले साल इसमें 2 लाख 20 हजार से ज्यादा खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया था और उन्हें पूरा भरोसा है कि इस साल और भी बड़ी संख्या में बच्चे और युवा इसमें शामिल होंगे.

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस साल खेल महाकुम्भ को बहुत बड़े स्तर पर आयोजित किया जा रहा है. न्याय पंचायत स्तर से शुरू होकर विधानसभा, संसदीय क्षेत्र और फिर राज्य स्तर तक होने वाले अलग-अलग मुकाबलों के जरिए खिलाड़ियों को अपना हुनर दिखाने का मौका मिलेगा. सरकार का मकसद गांवों और दूर-दराज के इलाकों में छिपी खेल प्रतिभाओं को ढूंढकर उन्हें आगे बढ़ने के पूरे मौके देना है.

मेडल जीतने वाले खिलाड़ियों को मिलेगी सरकारी नौकरी

मुख्यमंत्री ने कहा कि न्याय पंचायत से लेकर राज्य स्तर तक जीतने वाले खिलाड़ियों को नकद इनाम दिया जा रहा है. इस साल करीब 11 करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि डीबीटी के जरिए सीधे खिलाड़ियों के बैंक खातों में ट्रांसफर की जाएगी. उन्होंने यह भी बताया कि इस साल से खेल महाकुम्भ के राज्य स्तरीय मुकाबलों में मेडल जीतने वाले खिलाड़ियों को सरकारी नौकरियों में 4 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण का फायदा मिलेगा. उन्होंने कहा कि यह फैसला खिलाड़ियों की मेहनत, हुनर और उनके सपनों का सम्मान है. मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि उत्तराखंड में हुए 38वें राष्ट्रीय खेलों में हमारे खिलाड़ियों ने बेहतरीन प्रदर्शन करके राज्य का मान बढ़ाया. उन्हें पूरा भरोसा है कि इस खेल महाकुम्भ के मंच से निकलने वाले होनहार खिलाड़ी आगे चलकर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में उत्तराखंड और पूरे देश का नाम चमकाएंगे.

29 खिलाड़ियों को मिल चुकी है सरकारी नौकरी

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में खेलों के प्रति सोच में व्यापक बदलाव आया है. ‘खेलो इंडिया’ और ‘फिट इंडिया मूवमेंट’ जैसे अभियानों ने देश के गांवों एवं दूरस्थ क्षेत्रों में छिपी खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर प्रदान किया है. खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण, आधुनिक सुविधाएं और प्रोत्साहन मिलने से भारत वैश्विक खेल मंच पर निरंतर नई उपलब्धियां हासिल कर रहा है. मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में राज्य सरकार भी उत्तराखंड में खेल और खिलाड़ियों के समग्र विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है. राज्य की नई खेल नीति के अंतर्गत राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को आउट-ऑफ-टर्न सरकारी नौकरी प्रदान की जा रही है. अब तक 29 खिलाड़ियों को सरकारी सेवा में नियुक्ति दी जा चुकी है. साथ ही, 38वें राष्ट्रीय खेलों में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को विभिन्न विभागों में सेवायोजित करने की प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई जा रही है.

मुख्यमंत्री ने कहा कि 'मुख्यमंत्री खेल विकास निधि' के जरिए खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाया जा रहा है. राज्य के आवासीय स्पोर्ट्स कॉलेजों और खेल हॉस्टलों में चुने गए खिलाड़ियों को ट्रेनिंग, रहने की जगह, खाना, खेल के सामान, खेल किट, पढ़ाई और इलाज जैसी सुविधाएं मुफ्त में दी जा रही हैं. मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि किसी भी चैंपियन की तैयारी बचपन से ही शुरू होती है. इसी सोच के साथ 'मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी उन्नयन योजना' के तहत 8 से 14 साल के बच्चों को हर महीने स्कॉलरशिप दी जा रही है, ताकि छोटी उम्र से ही उनके खेल के हुनर को सही दिशा और बढ़ावा मिल सके.

उन्होंने बताया कि 14 से 23 साल के खिलाड़ियों को 'मुख्यमंत्री खिलाड़ी प्रोत्साहन योजना' के तहत हर महीने स्कॉलरशिप देने के साथ-साथ खेल का सामान खरीदने के लिए भी पैसे दिए जा रहे हैं. इसके अलावा, खेल मुकाबलों या ट्रेनिंग के दौरान किसी हादसे या चोट का शिकार होने पर खिलाड़ियों के लिए इंश्योरेंस की सुविधा भी दी गई है.

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में खेलों के लिए मजबूत और आधुनिक सुविधाएं तैयार करने पर तेजी से काम कर रही है. हाल ही में हल्द्वानी में 'उत्तराखंड राज्य स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी' के पहले चरण के निर्माण काम की नींव रखी गई और पहले एकेडमिक सेशन की शुरुआत भी हो चुकी है. इसके साथ ही खटीमा में आधुनिक सुविधाओं वाले एक नए स्टेडियम को बनाने का भी ऐलान किया गया है. उन्होंने आगे कहा कि ‘एक जिला-एक खेल’ योजना के जरिए अलग-अलग खेलों और स्थानीय खिलाड़ियों को बढ़ावा देने पर खास ध्यान दिया जा रहा है. सरकार की कोशिश है कि हर जिले की खेल के मामले में अपनी एक अलग पहचान बने और वहां के होनहार खिलाड़ियों को आगे बढ़ने के पूरे मौके मिलें.

मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों से कहा कि वे पूरी ताकत, लगन, अनुशासन और ईमानदारी के साथ मैदान में उतरें और अपने खेल के जुनून को नई ऊंचाइयों पर ले जाएं. उन्होंने भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार खिलाड़ियों की प्रतिभा को निखारने, उन्हें बेहतरीन सुविधाएं देने और उनके भविष्य को सुरक्षित बनाने में कोई कमी नहीं छोड़ेगी. मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि ‘खेल महाकुम्भ-2026’ उत्तराखंड के खेल इतिहास में एक बड़ा मील का पत्थर साबित होगा. उन्होंने कहा कि राज्य के युवाओं के हुनर, मेहनत और पक्के इरादों के दम पर उत्तराखंड को देश का नंबर वन ‘खेल राज्य’ बनाने का हमारा संकल्प जरूर पूरा होगा.

खेल और युवा कल्याण मंत्री रेखा आर्या ने खिलाड़ियों से पूरी लगन और खेल भावना के साथ आगे बढ़ने को कहा. उन्होंने कहा कि न्याय पंचायत स्तर की प्रतियोगिताएं खिलाड़ियों के खेल सफर की सबसे महत्वपूर्ण और पहली सीढ़ी हैं. यहीं से खिलाड़ी अपने हुनर के दम पर अलग-अलग लेवल को पार करते हुए राज्य स्तर की 'मुख्यमंत्री चैम्पियनशिप ट्रॉफी' तक पहुंचेंगे. उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि खिलाड़ियों के सिलेक्शन की प्रक्रिया को पूरी तरह साफ-सुथरा खा जा रहा है, ताकि हर होनहार खिलाड़ी को उसकी काबलियत और अच्छे प्रदर्शन के आधार पर आगे बढ़ने का पूरा मौका मिले.

खेल मंत्री ने कहा कि राज्य में खेल सुविधाओं को बढ़ाने के साथ-साथ खिलाड़ियों को बेहतर ट्रेनिंग और आगे बढ़ने के मौके देने के लिए लगातार काम किया जा रहा है. उन्होंने खिलाड़ियों से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में शानदार प्रदर्शन करके देश और राज्य का नाम चमकाने की अपील की.

खेल महाकुम्भ-2026 के तहत 1 से 10 सितंबर तक न्याय पंचायत स्तर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि खेल प्रतियोगिताएं होंगी. इसके बाद, 11 से 20 सितंबर तक विधायक चैम्पियनशिप ट्रॉफी, 21 से 30 सितंबर तक सांसद चैम्पियनशिप ट्रॉफी और 10 से 30 अक्टूबर तक राज्य स्तर पर मुख्यमंत्री चैम्पियनशिप ट्रॉफी का आयोजन किया जाएगा. इन मुकाबलों में अलग-अलग उम्र के लड़कों और लड़कियों के साथ-साथ महिला ओपन और दिव्यांग महिला-पुरुष खिलाड़ियों को भी कई तरह के खेलों में हिस्सा लेने का मौका मिलेगा.

इस मौके पर खेल विभाग के विशेष प्रमुख सचिव अमित कुमार सिन्हा, खेल निदेशक दीप्ति सिंह, जिला अधिकारी (DM) मनीष कुमार, भाजपा जिला अध्यक्ष गोविंद सामंत, जिला पंचायत अध्यक्ष आनंद सिंह अधिकारी के साथ-साथ कई जनप्रतिनिधि, विभिन्न विभागों के जिम्मेदार नेता, सरकारी अधिकारी, कोच, छात्र-छात्राएं और बहुत बड़ी संख्या में खिलाड़ी मौजूद रहे.