August 19, 2026

तुलसीदास जयंती 2026: वाराणसी-अयोध्या में दर्शन का सही समय और ट्रैफिक रूट, जानें पूरी गाइड

तुलसीदास जयंती के पावन अवसर पर आज वाराणसी और अयोध्या में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा है। काशी विश्वनाथ और तुलसी मानस मंदिर जैसे प्रमुख धामों में सुबह से ही दर्शन के लिए लंबी कतारें लगी हुई हैं। वहीं, अयोध्या के राम मंदिर परिसर में भी तड़के से ही भारी संख्या में भक्त पहुंच रहे हैं। अगर आप भी आज दर्शन के लिए निकल रहे हैं, तो भारी जाम और ट्रैफिक की असुविधा से बचने के लिए अपने रूट का चयन पहले ही कर लें।

दोनों ही धार्मिक नगरियों के मंदिरों में आज पवित्र रामचरितमानस के अखंड पाठ का आयोजन किया गया है। वाराणसी के तुलसी मानस मंदिर में सुबह की विशेष पूजा-अर्चना के बाद शाम को भव्य आरती होगी। उधर, अयोध्या के राम मंदिर में सुगम दर्शन के लिए श्रद्धालुओं के पास डिजिटल आरती पास होना जरूरी है। अगर आप लंबी लाइनों से बचना चाहते हैं, तो दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच का समय दर्शन के लिए सबसे उपयुक्त रहेगा, जब भीड़ काफी कम रहती है।

Tulsidas Jayanti 2026: Varanasi and Ayodhya Temple Darshan Guide and Traffic Updates

तुलसीदास जयंती: वाराणसी और अयोध्या में दर्शन का समय और ट्रैफिक डायवर्जन

शहर प्रमुख मंदिर भीड़ का समय (पीक आवर्स) यातायात विकल्प
वाराणसी तुलसी मानस मंदिर सुबह 6 बजे से 10 बजे तक दुर्गाकुंड के रास्ते ई-रिक्शा
अयोध्या राम मंदिर सुबह 7 बजे से 11 बजे तक पार्किंग से शटल बस

मंदिरों के मुख्य क्षेत्रों में भीड़ प्रबंधन के लिए स्थानीय ट्रैफिक पुलिस ने बड़े पैमाने पर रूट डायवर्जन लागू किया है। वाराणसी के गोदौलिया और अयोध्या के नया घाट के पास भारी वाहनों और निजी गाड़ियों की आवाजाही पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है। श्रद्धालुओं को अपनी गाड़ियां मैदागिन या साकेत जैसे तय पार्किंग स्थलों पर खड़ी करके ई-रिक्शा का सहारा लेना होगा। वहीं, वरिष्ठ नागरिकों की सुविधा के लिए अलग कतारें, मुफ्त व्हीलचेयर और नजदीक ही क्लॉक-रूम की व्यवस्था की गई है।

मौसम की बात करें तो आज इलाके में हल्की धूप के साथ बीच-बीच में हल्की बारिश की संभावना है। तुलसी घाट के रास्ते गंगा किनारे जाने का मार्ग खुला है, लेकिन श्रद्धालुओं को गीली सीढ़ियों पर सावधानी से चलने की सलाह दी गई है। पैदल रास्तों पर आपातकालीन हेल्प डेस्क और मेडिकल सहायता केंद्र सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं। लाइन में लगते समय अपने पास पहचान पत्र (ID) और पीने के पानी की बोतल जरूर रखें।

तुलसीदास जयंती उत्सव: जानें मंदिरों की समय-सारणी और व्यवस्थाएं

मंदिर प्रशासनों ने श्रद्धालुओं की आवाजाही को आसान बनाने के लिए कतार प्रणाली को दुरुस्त किया है। शाम के समय मंदिर प्रांगण को खूबसूरत रोशनी से सजाया जाएगा और भजन-कीर्तन के सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। भक्तों के मार्गदर्शन के लिए हर एंट्री पॉइंट पर वालंटियर्स तैनात हैं। आधिकारिक दिशा-निर्देशों का पालन करके आप बिना किसी परेशानी के शांतिपूर्ण दर्शन कर सकते हैं।

उत्तर प्रदेश भर में आज महान संत-कवि गोस्वामी तुलसीदास की भक्ति परंपरा को धूमधाम से याद किया जा रहा है। सही रास्तों और समय का ध्यान रखकर आप मंदिर के धार्मिक अनुष्ठानों में आसानी से शामिल हो सकते हैं। थोड़ी सी योजना के साथ आप परिवार समेत इस पावन माहौल, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और घाटों के मनमोहक नजारों का आनंद उठा सकते हैं।