नयी दिल्ली, 16 अक्टूबर (भाषा) घरेलू सेवाएं देने वाले मंच स्नैबिट का संचालन करने वाली कंपनी मैस्ट्रोएज सॉल्यूशंस का वित्त वर्ष 2025-26 में शुद्ध घाटा 167.75 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।
कंपनी के कारोबार के विस्तार के साथ सेवा प्रदाताओं, विपणन और कर्मचारियों पर खर्च बढ़ने से उसका घाटा पिछले वित्त वर्ष के मुकाबले करीब 30 गुना हो गया। कंपनी रजिस्ट्रार के पास दाखिल वित्तीय विवरणों में यह जानकारी मिली है।
बेंगलुरु स्थित कंपनी को वित्त वर्ष 2024-25 में 5.70 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था।
वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी की परिचालन आय बढ़कर 12.25 करोड़ रुपये हो गई, जो एक साल पहले 26.35 लाख रुपये थी।
मंच के जरिये दी जाने वाली सेवाओं से कंपनी को 10.82 करोड़ रुपये की आय हुई, जबकि सेवा प्रदाताओं को बेची गई वर्दी से 1.42 करोड़ रुपये मिले। कंपनी अपने सेवा प्रदाताओं को ‘एक्सपर्ट’ कहती है।
वित्तीय विवरण के अनुसार, अन्य आय 14.77 करोड़ रुपये रही, जबकि कुल आय 27 करोड़ रुपये दर्ज की गई।
वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का कुल खर्च बढ़कर 194.76 करोड़ रुपये हो गया, जो वित्त वर्ष 2024-25 में 6.81 करोड़ रुपये था। विपणन पर खर्च करीब 60 गुना बढ़कर 48.69 करोड़ रुपये हो गया। कर्मचारी लाभ पर खर्च 3.27 करोड़ रुपये से बढ़कर 46.02 करोड़ रुपये और सेवाएं उपलब्ध कराने पर खर्च 48 लाख रुपये से बढ़कर 23.83 करोड़ रुपये हो गया।
स्नैबिट के संस्थापक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) आयुष अग्रवाल ने कहा, ‘‘वित्त वर्ष 2025-26 हमारे परिचालन का पहला पूर्ण वर्ष था। हमने सिर्फ कंपनी बनाने के बजाय इस क्षेत्र में एक नई श्रेणी विकसित करने के लिए कारोबार बढ़ाने से पहले ही निवेश करने का सोच-समझकर फैसला किया।’’
कंपनी का गठन जनवरी 2024 में हुआ था। इसका मंच ग्राहकों को घरेलू कामों में मदद के लिए सेवा प्रदाताओं (एक्सपर्ट) बुक करने की सुविधा देता है। शुरुआत में इसका ध्यान सफाई और खाना पकाने के लिए घरेलू सहायिकाएं उपलब्ध कराने पर था।
कंपनी में 31 मार्च, 2026 तक 309 कर्मचारी थे। कंपनी में 98.98 प्रतिशत हिस्सेदारी रखने वाले अग्रवाल को वित्त वर्ष 2025-26 में 60 लाख रुपये वेतन मिला, जो एक साल पहले 15.47 लाख रुपये था।
भाषा निहारिका रमण
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Web Title: स्नैबिट का वित्त वर्ष 2025-26 में घाटा कई गुना बढ़कर 167.75 करोड़ रुपये