
गाजियाबाद में शांतिपूर्ण प्रदर्शन
2013 में घर का सपना लेकर फ्लैट बुक करने वाले सारे स्प्रिंग व्यू हाइट्स के होमबायर्स आज भी अपने घर की चाबी का इंतजार कर रहे हैं. करीब 13 साल बीत जाने के बाद भी कब्जा नहीं मिलने से परेशान होमबायर्स ने 16 अगस्त 2026 को लालकुआं, गाजियाबाद में शांतिपूर्ण बैठक और विरोध प्रदर्शन किया. उनका कहना है कि घर के लिए अपनी मेहनत की कमाई लगाने के बावजूद उन्हें वर्षों से सिर्फ देरी, आश्वासन और अनिश्चितता का सामना करना पड़ रहा है. अब होमबायर्स आश्वासन नहीं, बल्कि तय समयसीमा में निर्माण पूरा होने और अपने घर का कब्जा चाहते हैं. चलिए जानते हैं पूरा मामला.
13 साल बाद भी अधूरा है घर का इंतजार
सारे स्प्रिंग व्यू हाइट्स के प्रभावित होमबायर्स का कहना है कि उन्होंने वर्ष 2013 में अपने घर बुक किए थे. करीब 13 साल का लंबा समय बीतने के बावजूद उन्हें अब तक अपने फ्लैट का कब्जा नहीं मिला है. घर खरीदने के लिए उन्होंने अपनी मेहनत की कमाई लगाई थी और उम्मीद थी कि तय समय में उन्हें अपने घर की चाबी मिल जाएगी. लेकिन इसके बजाय वर्षों से देरी, अनिश्चितता और बार-बार मिलने वाले आश्वासनों का सामना करना पड़ रहा है. इसी परेशानी को सामने रखने के लिए होमबायर्स ने 16 अगस्त को लालकुआं, गाजियाबाद में शांतिपूर्ण बैठक और विरोध प्रदर्शन किया.
होमबायर्स की क्या हैं मांगें
- प्रोजेक्ट का निर्माण तेजी से और समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए.
- हर टावर और पूरे प्रोजेक्ट के लिए स्पष्ट completion timeline दी जाए.
- निर्माण कार्य की नियमित और पारदर्शी निगरानी हो.
- होमबायर्स को प्रोजेक्ट की वास्तविक वित्तीय और निर्माण स्थिति की जानकारी दी जाए.
- संबंधित सरकारी विभाग और नियामक संस्था इस मामले में प्रभावी हस्तक्षेप करें.
- वर्षों से परेशान होमबायर्स को केवल आश्वासन नहीं, बल्कि ठोस कार्रवाई और अपने घर की चाबी चाहिए.
आश्वासन नहीं, अब घर की चाबी चाहते हैं होमबायर्स
प्रभावित होमबायर्स का कहना है कि वे किसी विवाद या टकराव के पक्ष में नहीं हैं. उनका संघर्ष शांतिपूर्ण, लोकतांत्रिक और कानूनी तरीके से अपने घर और अधिकार के लिए है. उन्होंने संबंधित सरकारी विभागों और नियामक संस्था से मामले में प्रभावी और तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है. होमबायर्स का कहना है कि 13 साल से इंतजार कर रहे परिवारों को अब सिर्फ आश्वासन नहीं, बल्कि ठोस कार्रवाई और अपने घर की चाबी चाहिए. उनका संदेश है, 13 साल से घर का इंतजार-अब चाहिए हमारा अधिकार और हमारा पैसा, हमारा घर- अब और नहीं इंतजार.
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विशाल मैथिल
भोपाल के रहने वाले हैं. कम्प्यूटर साइंस में ग्रेजुएशन और मीडिया रिसर्च में पोस्ट ग्रेजुएशन करने के बाद डिजिटल मीडिया में कदम रखा. दैनिक भास्कर से शुरुआत हुई. इसके बाद टाइम्स नाउ नवभारत और अमर उजाला जैसे संस्थान में टेक जर्नलिस्ट के दौर पर करने के बाद TV9 भारतवर्ष से जुड़े हैं. सोशल मीडिया कैंपेन को लीड करने और हिंदी मैग्जीन में भी काम करने का मौका मिला. फिलहाल टेक्नोलॉजी, सोशल मीडिया, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सिक्योरिटी और स्मार्टफोन की खबरें आप तक आसान भाषा में पहुंचाने का काम कर रहे हैं. गैजेट्स कंपेरिजन, गैजेट्स रिव्यूज और मोबाइल रिचार्ज जैसे टॉपिक्स पर भी अच्छी पकड़ रखते हैं. रिसर्च, एक्सप्लेनर, डाटा स्टोरी और इंफोग्राफिक्स के साथ जटिल खबरों को आसानी से कहने और टेक जगत की छोटी-बड़ी अपडेट आप तक पहुंचाने का हुनर रखते हैं. गैजेट्स के अलावा किताबों और म्यूजिक में भी खूब मन लगता है.
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