September 24, 2026

2000 बेसहारा पशुओं को मिलेगा नया आशियाना, खटीमा गौशाला विस्तार के लिए सीएम ने दिए 1.5 करोड़ - Doon Horizon

खटीमा के हल्दीघेरा में 8 करोड़ रुपये की लागत से बनी 7 एकड़ की विशाल गौशाला का सीएम पुष्कर सिंह धामी ने लोकार्पण किया। 2000 बेसहारा गोवंश को छत मिलेगी और विस्तार के लिए 1.5 करोड़ की अतिरिक्त घोषणा हुई।

दून हॉराइज़न, खटीमा (24 सितंबर) : ऊधमसिंह नगर जिले के सीमांत क्षेत्र खटीमा में लावारिस मवेशियों के चलते बर्बाद हो रही फसलों और सड़क दुर्घटनाओं से जूझ रहे किसानों को आखिरकार एक ठोस समाधान मिल गया है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी (Pushkar Singh Dhami) ने अपने गृह क्षेत्र के हल्दीघेरा में सात एकड़ क्षेत्रफल में फैली भव्य गौशाला (Cow Shelter) का वैदिक मंत्रोच्चार और गो-पूजन के बीच विधिवत लोकार्पण किया। इस परियोजना पर आठ करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। क्षेत्र के सैकड़ों किसान और स्थानीय नागरिक इस उद्घाटन कार्यक्रम के गवाह बने।

2000 मवेशियों की क्षमता और किसानों को बड़ी राहत

हल्दीघेरा की यह गौशाला लगभग 2000 निराश्रित पशुओं को सुरक्षित छत और नियमित चारा-पानी मुहैया कराने में सक्षम है। तराई बेल्ट में खुले घूमते मवेशी धान और गन्ने की नकदी फसलों को भारी नुकसान पहुंचाते रहे हैं।

अब इन पशुओं को चरणबद्ध तरीके से पकड़कर इस केंद्र में लाया जाएगा। जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्य की सीधी निगरानी में इस पूरे प्रोजेक्ट का ढांचा तैयार किया गया है। मौके पर मौजूद काश्तकारों का कहना था कि रात-रात भर खेतों की रखवाली करने की मजबूरी अब काफी हद तक कम हो जाएगी।

विस्तार के लिए डेढ़ करोड़ का अतिरिक्त फंड

मंच से जनता को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने गौशाला परिसर के बुनियादी ढांचे को और मजबूत करने के लिए 1.5 करोड़ रुपये की अतिरिक्त वित्तीय मदद देने की तत्काल घोषणा की। इस राशि से शेड का दायरा बढ़ेगा और भूसा भंडारण के लिए पक्के गोदाम बनेंगे।

अपने पुराने विधानसभा क्षेत्र के लोगों से आत्मीय संवाद साधते हुए धामी ने साफ कहा कि निराश्रित गोवंश को सड़कों से हटाकर गरिमापूर्ण जीवन देना केवल प्रशासनिक औपचारिकता नहीं, बल्कि सरकार का नैतिक दायित्व है। उन्होंने स्थानीय निकायों को निर्देश दिए कि पशुओं के नियमित टीकाकरण और स्वास्थ्य परीक्षण में कोई ढिलाई न बरती जाए।

राजनीतिक तंज और सांस्कृतिक प्रतिबद्धता

पूर्ववर्ती सरकारों की प्राथमिकताओं पर सवाल उठाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि दशकों तक सत्ता में रहने वाली कांग्रेस ने गो-संवर्धन जैसे संवेदनशील विषय को नीतिगत स्तर पर नजरअंदाज किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय संस्कृति और पारंपरिक मूल्यों के संरक्षण को विकास योजनाओं का अभिन्न हिस्सा बनाया गया है।

तराई के ग्रामीण इलाकों में पशु स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की बात कहते हुए उन्होंने दोहराया कि खटीमा की जमीनी समस्याओं का स्थायी हल निकालना उनकी प्राथमिकताओं में सबसे ऊपर है।