Patna News: बिहार में खेल सुविधाओं के विस्तार की दिशा में एक बड़ी पहल सामने आई है. दरभंगा के ऐतिहासिक नेहरू स्टेडियम को लगभग 200 करोड़ रुपए की लागत से राष्ट्रीय स्तर के खेल परिसर और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित करने की योजना है. करीब 10 एकड़ जमीन में प्रस्तावित यह अत्याधुनिक स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स तैयार होने के बाद दरभंगा को बिहार के प्रमुख खेल केंद्रों में शामिल करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.
बिहार बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष सह दरभंगा नगर विधायक संजय सरावगी ने इसे बिहार के विकास और युवाओं के भविष्य में बड़ा निवेश बताया है. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में एनडीए सरकार सड़क, पुल और आधारभूत संरचनाओं के साथ-साथ खेल और युवा प्रतिभाओं के लिए भी आधुनिक सुविधाएं विकसित करने पर जोर दे रही है.
नेहरू स्टेडियम बनेगा सेंटर ऑफ एक्सीलेंस
संजय सरावगी ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के साथ लोक सेवक आवास स्थित संकल्प सभागार में हुई बैठक में नेहरू स्टेडियम के प्रस्तावित कायाकल्प और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की विस्तृत समीक्षा की. इस दौरान प्रस्तावित क्रिकेट स्टेडियम और स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का प्रस्तुतीकरण भी देखा गया. प्रस्तावित योजना के मुताबिक, यहां राष्ट्रीय स्तर का अत्याधुनिक क्रिकेट स्टेडियम विकसित किया जाएगा. इसमें डे-नाइट मैचों के लिए हाई मास्ट लाइट्स, हाइब्रिड टर्फ पिच और आधुनिक सुविधाओं से लैस पवेलियन जैसी व्यवस्थाएं प्रस्तावित हैं.

एक ही परिसर में कई खेलों की आधुनिक सुविधाएं
इस खेल परिसर की खासियत सिर्फ क्रिकेट तक सीमित नहीं होगी. प्रस्तावित इंडोर मल्टीपरपज हॉल में स्विमिंग पूल, बॉक्सिंग रिंग, जूडो-रेसलिंग क्षेत्र, चार बैडमिंटन कोर्ट, बास्केटबॉल, स्क्वैश और अत्याधुनिक जिम जैसी सुविधाएं विकसित करने की योजना है. इसके अलावा खिलाड़ियों के बेहतर प्रदर्शन के लिए स्पोर्ट्स साइंस, बायो-मैकेनिक्स और मेडिकल सुविधाओं को भी परिसर का हिस्सा बनाया जाएगा. लॉन टेनिस, वॉलीबॉल और नेट प्रैक्टिस पिच जैसी सुविधाएं भी प्रस्तावित हैं.
खिलाड़ियों के लिए हॉस्टल और गेस्ट हाउस
बाहर से आने वाले खिलाड़ियों को भी बेहतर सुविधा मिल सके, इसके लिए प्रस्तावित परिसर में 100 बेड का छात्रावास, गेस्ट हाउस और डाइनिंग हॉल की व्यवस्था की जाएगी. परिसर में सौर ऊर्जा आधारित व्यवस्था और मल्टीलेवल पार्किंग जैसी सुविधाएं भी प्रस्तावित हैं.
मिथिला की खेल प्रतिभाओं को मिलेगा अपने शहर में अवसर
संजय सरावगी ने कहा कि मिथिलांचल में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है, लेकिन बेहतर प्रशिक्षण और आधुनिक संसाधनों के अभाव में कई खिलाड़ियों को बड़े शहरों की ओर जाना पड़ता है. प्रस्तावित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के जरिए खिलाड़ियों को उनके अपने क्षेत्र में ही राष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं उपलब्ध कराने की कोशिश की जा रही है.
संजय सरावगी ने कहा कि अब दरभंगा और मिथिला के खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाओं के लिए दूसरे शहरों का रुख करने की जरूरत कम होगी. आधुनिक प्रशिक्षण, खेल विज्ञान और प्रतियोगिता के अनुकूल आधारभूत ढांचा मिलने से स्थानीय प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा.

बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि एनडीए सरकार का विकास का विजन केवल सड़क, पुल और भवन निर्माण तक सीमित नहीं है. सरकार बिहार की नई पीढ़ी के भविष्य में भी निवेश कर रही है. खेल के क्षेत्र में आधुनिक आधारभूत संरचना तैयार करना इसी सोच का हिस्सा है.
उन्होंने कहा कि दरभंगा का यह प्रस्तावित खेल परिसर सिर्फ एक स्टेडियम नहीं होगा, बल्कि हजारों युवाओं के सपनों को नई उड़ान देने वाला मंच बनेगा. मिथिला ने शिक्षा, संस्कृति और कला के क्षेत्र में देश को अनेक प्रतिभाएं दी हैं और अब खेल के क्षेत्र में भी यहां के युवा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकते हैं.
दरभंगा को मिल सकती है खेल के नए हब की पहचान
करीब 200 करोड़ रुपए की प्रस्तावित परियोजना यदि निर्धारित स्वरूप में आकार लेती है तो दरभंगा को बिहार के प्रमुख खेल केंद्रों में स्थापित करने की दिशा में यह बड़ा कदम साबित हो सकता है. आधुनिक क्रिकेट स्टेडियम, इंडोर स्पोर्ट्स सुविधाएं, स्पोर्ट्स साइंस और खिलाड़ियों के लिए आवासीय व्यवस्था एक ही परिसर में उपलब्ध होने से यहां प्रशिक्षण और प्रतियोगिताओं का दायरा बढ़ने की उम्मीद है.

मोहित पंडित
मोहित पंडित ने साल 2004 से अपनी पत्रकारिता की शुरुआत की. नई बात, सन्मार्ग, सोनभद्र जैसे अखबारों में वे अपनी सेवा दे चुके हैं. वे सीमांचल के समाचारों को सकारात्मक दृष्टिकोण से प्रस्तुत करते हैं और स्थानीय घटनाओं को उच्च स्तर पर रिपोर्ट करने में निपुण हैं. उनकी लेखनी में संवेदनशीलता और नैतिकता झलकती है.
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