CBI अब तक 3 आईएएस अधिकारियों को गिरफ्तार कर चुकी है। आईएएस पंकज अग्रवाल को पूछताछ के लिए ले जाती सीबीआई की टीम (फाइल)
हरियाणा में 504 करोड़ रुपए के बैंकिंग घोटाले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने चार्जशीट में 6 IAS अफसरों के नामों का खुलासा किया है। इनमें 1991 बैच के विनित गर्ग, 2000 बैच के पंकज अग्रवाल, 2002 बैच के मोहम्मद शाइन, 2005 बैच के साकेत कुमार, 2011 बैच क
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प्रदीप कुमार की रिटायरमेंट के दिन ही 30 जून को गिरफ्तारी हुई थी। इसके अलावा रामकुमार सिंह की 18 जून और पंकज अग्रवाल की 22 जून को गिरफ्तारी हुई। CBI कोर्ट में पेश तीसरी चार्जशीट में 19 आरोपियों के नाम हैं।
चार्जशीट में खुलासा किया गया कि इस फ्रॉड में 20 करोड़ का सोना जब्त किया जा चुका है। इस मामले में अब तक 37 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल हो चुकी है। 54 जगह सर्च के बाद सीबीआई ने 3 IAS अफसरों समेत 26 की गिरफ्तारी की।

इन IAS अधिकारियों के नाम सीबीआई ने तीसरी चार्जशीट में शामिल किए हैं।
अब जानिए घोटाले की 5 बड़ी बातें…
- 6 IAS और बैंक अफसरों की मिलीभगत से रची साजिश: CBI की जांच में खुलासा हुआ है कि सरकारी अधिकारियों और बैंक कर्मचारियों ने मिलकर हरियाणा सरकार के वित्त विभाग के नियमों को ताक पर रखा। 8 सरकारी विभागों के करोड़ों रुपये उन बैंक शाखाओं में ट्रांसफर करवाए गए, जहाँ आरोपी बैंक अफसर तैनात थे।
- ऐसे हुआ 504 करोड़ का गबन (फंड ट्रेल): सरकारी खातों में जमा रकम को फर्जी तरीके से तीसरे पक्षों (थर्ड पार्टी) के बैंक खातों में भेजा गया, जिनका विभागों से कोई लेना-देना नहीं था। इसके बाद पैसों को कई अलग-अलग खातों में घुमाकर (लेयरिंग) अंत में कैश के रूप में निकाल लिया गया और अवैध रूप से आपस में बांटा गया।
- 54 ठिकानों पर रेड, 20 करोड़ रुपये का सोना बरामद: मामले की जांच के दौरान CBI ने अब तक 54 अलग-अलग स्थानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की है। इस दौरान 20 करोड़ रुपये मूल्य का सोना और कई अहम आपत्तिजनक दस्तावेज व साक्ष्य जब्त किए जा चुके हैं।
- विजिलेंस से CBI के पास पहुंची जांच, चंडीगढ़ के 2 मामले भी शामिल: शुरुआत में यह जांच हरियाणा विजिलेंस (एंटी करप्शन ब्यूरो) के पास थी, जिसे बाद में सरकार की सिफारिश पर CBI को सौंप दिया गया। CBI इसके साथ ही चंडीगढ़ नगर निगम (स्मार्ट सिटी लिमिटेड) और 'क्रेस्ट' (CREST) से जुड़े दो अन्य फंड गबन मामलों की जांच भी कर रही है, जिनमें पहले ही चार्जशीट दाखिल हो चुकी है।
- मनी ट्रेल और बेनामी संपत्तियों की जांच जारी: CBI के मुताबिक, गबन किए गए 504 करोड़ रुपये की पूरी 'मनी ट्रेल' (पैसा कहाँ-कहाँ गया) को खंगाला जा रहा है। अपराध से कमाई गई रकम से खरीदी गई संपत्तियों को अटैच करने और अन्य संदिग्धों की भूमिका की जांच अभी जारी है।

ये 3 IAS अधिकारी गिरफ्तार हो चुके



ग्राफिक्स में जानिए, क्या है पूरा बैंक घोटाला