October 19, 2026

Moga Launches 60-Day Drive in 20 Drug-Affected Areas : मोगा। पंजाब सरकार की ‘युद्ध नशेयां विरुद्ध’ मुहिम के तहत जिला प्रशासन ने नशे के खिलाफ लड़ाई को नई दिशा देते हुए जिले के 20 नशा प्रभावित क्षेत्रों में 60 दिन का विशेष अभियान शुरू किया है।
डिप्टी कमिश्नर सागर सेतिया ने अधिकारियों के साथ बैठक कर नशा तस्करों पर सख्त कार्रवाई, संवेदनशील स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने, स्ट्रीट लाइटें चालू रखने और सफाई व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए। अभियान के तहत युवाओं को खेल गतिविधियों से जोड़ने तथा नशे की लत से प्रभावित लोगों को इलाज, काउंसलिंग और पुनर्वास के जरिए समाज की मुख्यधारा में वापस लाने पर भी जोर दिया जाएगा। संबंधित विभागों को तीन दिन में विस्तृत रिपोर्ट सौंपने के आदेश दिए गए हैं।
पंजाब सरकार की ‘युद्ध नशेयां विरुद्ध’ मुहिम के तहत जिले के 20 नशा प्रभावित क्षेत्रों की तस्वीर बदलने के लिए 60 दिन का विशेष अभियान शुरू किया गया है। इस अभियान के तहत कानून-व्यवस्था मजबूत करने, नशे के प्रति जागरूकता फैलाने, सफाई व्यवस्था सुधारने और लोगों की भागीदारी बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। अभियान को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों को नोडल अधिकारी भी नियुक्त किया गया है।
इस संबंध में डिप्टी कमिश्नर सागर सेतिया ने सोमवार को संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक कर अभियान की प्रगति की समीक्षा की और आगामी कार्रवाई के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। बैठक में एसएसपी सरताज सिंह चहल, अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर विकास कुलप्रीत सिंह, समूह एसडीएम, एसपी, डीएसपी और विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। नशा तस्करों पर सख्ती, पीड़ितों को मुख्यधारा से जोड़ने पर जोर डिप्टी कमिश्नर सागर सेतिया ने कहा कि नशे के खिलाफ अभियान के दौरान नशा तस्करी करने वालों और नशे की लत से प्रभावित व्यक्तियों के बीच स्पष्ट अंतर रखना जरूरी है।
नशा बेचने और तस्करी करने वालों के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं, नशे की लत से जूझ रहे व्यक्तियों को इलाज, काउंसलिंग और पुनर्वास के माध्यम से समाज की मुख्यधारा में वापस लाने के लिए हरसंभव सहायता उपलब्ध करवाई जाएगी। उन्होंने कहा कि नशामुक्त मोगा का निर्माण करने के लिए नशे की सप्लाई रोकना जितना जरूरी है, उतना ही महत्वपूर्ण नशे से प्रभावित लोगों में नई उम्मीद जगाना और उन्हें सम्मानजनक जीवन जीने के लिए प्रेरित करना भी है। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए सभी विभागों को मिलकर काम करना होगा। साथ ही आम लोगों को भी अभियान से जोड़कर नशे के खिलाफ सामूहिक प्रयासों को मजबूत बनाया जाएगा।
संवेदनशील स्थानों पर स्ट्रीट लाइट और सीसीटीवी लगाने के निर्देश बैठक के दौरान डिप्टी कमिश्नर ने संबंधित अधिकारियों को नशा प्रभावित क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने संवेदनशील स्थानों पर स्ट्रीट लाइटें चालू रखने, जरूरत के अनुसार सीसीटीवी कैमरे लगाने और सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों में प्रत्येक सप्ताह एक दिन विशेष सफाई अभियान चलाया जाए, ताकि गंदगी और उपेक्षा वाली जगहों को साफ करके सुरक्षित एवं स्वच्छ वातावरण तैयार किया जा सके। प्रशासन का उद्देश्य इन इलाकों में केवल निगरानी बढ़ाना ही नहीं, बल्कि लोगों को बेहतर माहौल उपलब्ध करवाना भी है।
तीन दिन में रिपोर्ट देने के आदेश, युवाओं के लिए होंगे खेल टूर्नामेंट डिप्टी कमिश्नर ने सभी संबंधित विभागों को नशे की रोकथाम के लिए अब तक किए गए प्रयासों, मौजूदा स्थिति और भविष्य में उठाए जाने वाले कदमों के संबंध में विस्तृत रिपोर्ट तीन दिन के भीतर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को आपसी तालमेल के साथ जिम्मेदारी निभाने को कहा, ताकि 60 दिन के विशेष अभियान के ठोस और सकारात्मक परिणाम सामने आ सकें। इसके अलावा नशा प्रभावित क्षेत्रों में खेल टूर्नामेंट करवाने के निर्देश भी दिए गए हैं। इन आयोजनों के माध्यम से युवाओं की ऊर्जा को सकारात्मक दिशा में लगाने और उन्हें खेल गतिविधियों से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।