
फ्लिंटॉफ के बेटे रॉकी का धमाका (फोटो-GETTY IMAGES)
इंग्लैंड के पूर्व कप्तान और दिग्गज ऑलराउंडर रहे एंड्रयू फ्लिंटॉफ के बेटे रॉकी फ्लिंटॉफ ने आखिरकार वो कर दिखाया जिसकी उनसे उम्मीद रहती है. रॉकी फ्लिंटॉफ ने अपने प्रोफेशनल करियर का पहला शतक जड़ा. उन्होंने वनडे कप में लैंकशर के लिए खेलते हुए 76 गेंदों में 123 रन बनाए. समरसेट के खिलाफ टॉन्टन में खेले जा रहे मैच में रॉकी ने अपनी पारी में 7 छक्के और 10 चौके मारे. रॉकी फ्लिंटॉफ पांचवें नंबर पर बैटिंग करने आए और उन्होंने 65 गेंदों में अपना शतक पूरा किया. बता दें रॉकी महज 18 साल के हैं और उन्हें इंग्लैंड का अगला सुपरस्टार माना जाता है.
कीटॉन जेनिंग का भी शतक
रॉकी फ्लिंटॉफ के अलावा कीटॉन जेनिंग्स ने भी शानदार सेंचुरी जड़ी. बाएं हाथ के इस ओपनर ने 127 गेंदों में 156 रनों की पारी खेली. इस पारी में जेनिंग्स ने 15 चौके और 7 छक्के जड़े. रॉकी और जेनिंग्स की तूफानी पारी के दम पर समरसेट ने 50 ओवर में 443 रनों का विशाल स्कोर बनाया जिसमें कुल 20 छक्के लगे. डेथ ओवर्स में जैक ब्लैदरविक ने भी 10 गेंदों में 32 रनों की बेहतरीन पारी खेली.
रॉकी फ्लिंटॉफ का करियर
रॉकी फ्लिंटॉफ का करियर अबतक थोड़ा सुस्त रफ्तार से ही आगे बढ़ा है. 18 साल का ये बल्लेबाज अबतक 5 फर्स्ट क्लास मैच खेला है जिसमें उन्होंने 15.22 की औसत से 137 रन ही बनाए हैं. वो एक भी अर्धशतक तक नहीं लगा सके. हालांकि लिस्ट ए में अपने 15वें मैच में उन्होंने आखिरकार सेंचुरी लगा दी. फ्लिंटॉफ का स्ट्राइक रेट वैसे 72 का रहा है लेकिन अपनी शतकीय पारी में उन्होंने 160 से ज्यादा के स्ट्राइक रेट से रन कूटे.ये पारी इस बात को साबित करती है कि आने वाले वक्त में वो और बड़े कमाल करने वाले हैं.
Rocky on the attack! 🚀
Flintoff dispatches a four and a six in consecutive balls as he looks to keep upping our run rate!
🌹 #RedRoseTogether pic.twitter.com/dITNQwguZx
— Lancashire Cricket (@lancscricket) August 11, 2026
कौन हैं एंड्रयू फ्लिंटॉफ
रॉकी फ्लिंटॉफ के पिता एंड्रयू फ्लिंटॉफ को भी अब जान लीजिए. इंग्लैंड के इस ऑलराउंडर ने 79 टेस्ट मैचों में 3845 रन बनाने के अलावा 226 विकेट हासिल किए. उन्होंने वनडे में 3394 रन बनाए और साथ ही 169 विकेट उन्होंने झटके.

अनूप देव सिंह
उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले का रहने वाला हूं. बचपन से ही खेलों से बेहद प्यार है. खासतौर पर क्रिकेट से जो इस देश का धर्म भी कहा जाता है. स्कूली पढ़ाई केंद्रीय विद्यालय से हुई. साल 2006 में दिल्ली यूनिवर्सिटी से हिंदी जर्नलिज्म की डिग्री हासिल की और उसके बाद मीडिया के मैदान में उतर गए और खेल की खबरों को ही अपना कर्म भी बना लिया. करियर की पहली नौकरी नेटवर्क 18 ग्रुप में मिली. शुरुआत IBN7 न्यूज चैनल से हुई जहां मैंने पांच सालों की लंबी पारी खेली. इसके बाद इंडिया टीवी, न्यूज नेशन जैसे बड़े नेशनल चैनल्स के साथ काम किया. 2016 में डिजिटल मीडिया में कदम रखा और ये मौका जी नेटवर्क ने दिया. एक साल तक क्रिकेट कंट्री के साथ काम किया और फिर हुई नेटवर्क 18 में वापसी. न्यूज 18 हिंदी की वेबसाइट में 4 सालों तक स्पोर्ट्स की हर खबर पाठकों तक पहुंचाई. अब टीवी9 के साथ हूं. क्रिकेट ही नहीं खेल की हर खबर आपतक एक नए अंदाज और नए कलेवर में पहुंचाता हूं.
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