September 14, 2026

हरियाणा के 2,814 जर्जर सरकारी स्कूलों की इमारतों पर चलेगा बुलडोजर: जलभराव से निपटने के लिए बनेगी रिटेनिंग वॉल, कबाड़ भी होगा नीलाम - Haribhoomi

सीएम की समीक्षा बैठक से पहले हरियाणा शिक्षा विभाग का बड़ा एक्शन प्लान। जर्जर स्कूल भवनों को ढहाने, पानी भराव रोकने को लेकर अफसरों को कड़े निर्देश। 

 School Building Demolition

हरियाणा के जर्जर सरकारी स्कूल भवनों पर बुलडोजर चलाने की कार्रवाई जल्द अमल में लाई जाएगी।

  • Published: 14 Sep 2026, 05:07 PM IST
  • Last Updated: 14 Sep 2026, 05:31 PM IST

हरियाणा के सरकारी विद्यालयों में पढ़ रहे लाखों बच्चों की सुरक्षा को लेकर शिक्षा महकमे ने कड़ा रुख अपनाया है। प्रदेश भर के स्कूलों में बुनियादी व्यवस्थाओं और जर्जर इमारतों में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों की अब खैर नहीं है।

मुख्यमंत्री की आगामी उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक से ठीक पहले हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद के राज्य परियोजना निदेशक ने अधिकारियों की क्लास ली। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई इस बैठक में प्रदेश के सभी अतिरिक्त उपायुक्तों (ADCs), जिला शिक्षा अधिकारियों (DEOs) और जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों (DEEOs) को कड़े दिशा-निर्देश दिए गए।

2,814 जर्जर भवनों पर चलेगा बुलडोजर
समीक्षा बैठक के दौरान खुलासा हुआ कि राज्य के 2,814 सरकारी स्कूलों के भवन या उनके कमरे पूरी तरह से जर्जर और कंडम हो चुके हैं। इस संबंध में सभी एडीसी को सख्त हिदायत दी गई है कि 30 सितंबर 2026 तक असुरक्षित इमारतों के सत्यापन से लेकर उन्हें ढहाने की कार्रवाई पूरी कर ली जाए। वहीं, आंकड़ों में आ रही गड़बड़ियों को सुधारने के लिए 13 सितंबर तक गूगल शीट अपडेट करने के निर्देश दिए गए हैं। ढहाई प्रक्रिया और आवंटित बजट खर्च करने में लापरवाही बरतने वाले अफसरों पर सीधी कार्रवाई की जाएगी।

700 स्कूलों में जलभराव की समस्या का हल
प्रदेश के 647 स्कूलों में मौसमी और 53 स्कूलों में स्थायी रूप से पानी भरने की गंभीर समस्या सामने आई है। VB-GRAM G फंड में केवल मजदूरी का प्रावधान होने के कारण मिट्टी भराव सामग्री का अलग से एस्टिमेट बनाकर DGSE/DEE को भेजने के आदेश दिए गए हैं, ताकि सरकार अलग से बजट स्वीकृत कर सके। इसके अलावा, स्कूलों में जलभराव को रोकने के लिए तुरंत रिटेनिंग वॉल और पैरापेट बनाने के निर्देश भी जारी किए गए हैं।

मॉडल बाल-वाटिका और IT कबाड़ की नीलामी की जाएगी 
प्री-प्राइमरी शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने हर जिले में 'मॉडल बाल-वाटिका' बनाने के लिए ₹5.00 लाख प्रति जिला का बजट आवंटित किया था। प्रशासनिक मंजूरी के एक महीने बाद भी काम शुरू न होने पर अधिकारियों को आड़े हाथों लिया गया और तुरंत काम शुरू कराने के आदेश दिए गए।

इसके साथ ही स्कूलों में बेकार पड़े अनसर्विसिएबल कंप्यूटर और प्रिंटर जैसे कबाड़ को 'हरियाणा स्टेट आईटी पॉलिसी' के तहत निपटाने को कहा गया है। HSSPP का आईटी सेल जल्द ही सभी उपकरणों की तस्वीरें और विवरण जिलों को उपलब्ध कराएगा, जिसके बाद नीलामी प्रक्रिया शुरू होगी।