July 21, 2026

पंद्रह सौ के लिए जान पर खेल गए 2 मजदूर: झांसी में दो मंजिला मकान का सीमेंट शेड टूटा, एक की मौत, दूसरा गंभीर - Jhansi News

झांसी में महज 1500 रुपए की बकाया मजदूरी पाने की उम्मीद दो युवकों पर भारी पड़ गई। सोलर पैनल लगाने के दौरान दो मंजिला मकान के ऊपर बना सीमेंट का शेड टूट गया और दोनों करीब 25 फीट नीचे गिर पड़े।

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हादसे में गंभीर रूप से घायल एक युवक की मंगलवार को इलाज के दौरान मौत हो गई, जबकि दूसरा युवक अभी गंभीर रूप से घायल है। परिजनों ने सोलर पैनल डीलर पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि डीलर ने जोखिम भरा काम करने के लिए दोनों को मजबूर किया। हादसे के बाद मदद का भरोसा देकर मुकर गया।

हादसे में घायल हुए सुमित, पत्नी मांग रही न्याय।

हादसे में घायल हुए सुमित, पत्नी मांग रही न्याय।

2 जुलाई को हुआ था हादसा

घटना 2 जुलाई को कोतवाली थाना क्षेत्र की एकता कॉलोनी में हुई। घायल सुमित ने बताया कि वह फ्रेंड्स कॉलोनी के एक सोलर सिस्टम डीलर के साथ काम करता है। उसके साथ सीपरी बाजार थाना क्षेत्र की फ्रेंड्स कॉलोनी निवासी शैलेन्द्र लिखार (36) पुत्र जगदीश लिखार भी काम कर रहा था, जो सुबह अखबार बांटने जाता था।

दोनों को उन्नाव गेट बाहर स्थित एक दो मंजिला मकान की छत पर सोलर पैनल लगाने भेजा गया था। सुमित के मुताबिक, मकान की ऊपरी मंजिल पर बने सीमेंट के शेड पर पैनल लगाना था। शेड की स्थिति देखकर दोनों ने पहले काम करने से इनकार कर दिया।

आरोप है कि डीलर ने उन पर काम करने का दबाव बनाया। सुमित के पहले के 1500 रुपए बकाया थे। डीलर ने कहा कि पहले यह काम पूरा करो, तभी पुराने पैसे मिलेंगे। मजबूरी में दोनों काम करने को तैयार हो गए।

सुमित बोले, ऊपर नहीं चढ़ते तो बकाया नहीं मिलता।

सुमित बोले, ऊपर नहीं चढ़ते तो बकाया नहीं मिलता।

शेड टूटा, 25 फीट नीचे गिरे दोनों

दोनों युवक शेड पर चढ़कर सोलर पैनल लगाने लगे। इसी दौरान सीमेंट का शेड अचानक भरभराकर टूट गया और दोनों करीब 25 फीट नीचे आ गिरे। हादसे में शैलेन्द्र के सिर, गर्दन और रीढ़ की हड्डी में गंभीर चोटें आईं, जबकि सुमित के सिर और दाहिने हाथ में गंभीर चोट लगी। साथ में मौजूद हेल्पर मोनू ने एंबुलेंस बुलाकर दोनों को मेडिकल कॉलेज पहुंचाया।

इलाज का भरोसा देकर गायब हुआ डीलर

सुमित की पत्नी भावना ने बताया कि हादसे के बाद डीलर अस्पताल आया था। उसने इलाज का पूरा खर्च उठाने और हर संभव मदद का आश्वासन दिया था, लेकिन एक दिन बाद वह फिर नहीं आया। परिजनों का आरोप है कि बाद में डीलर ने उनके फोन नंबर तक ब्लॉक कर दिए। मंगलवार को इलाज के दौरान शैलेन्द्र की मौत हो गई, जबकि सुमित का इलाज जारी है।

शैलेन्द्र के पिता बोले, हमें इंसाफ चाहिए।

शैलेन्द्र के पिता बोले, हमें इंसाफ चाहिए।

परिवार का इकलौता सहारा था शैलेन्द्र

शैलेन्द्र के पिता ने बताया कि उनके दो बेटे हैं। दूसरे बेटे की मानसिक स्थिति ठीक नहीं है। ऐसे में पूरे परिवार की जिम्मेदारी शैलेन्द्र के कंधों पर थी। वह सुबह अखबार वितरित करता था और दिन में मजदूरी कर परिवार का खर्च चलाता था।

जिम्मेदारियों के कारण उसने शादी भी नहीं की थी। सुमित के साथ वह केवल तीन दिन पहले ही 300 रुपए प्रतिदिन की मजदूरी पर सोलर पैनल लगाने का काम करने लगा था।

बेटे की मौत का जिक्र करते हुए पिता फूट-फूटकर रो पड़े। उन्होंने कहा, "घर चलाने वाला ही चला गया। अब परिवार का सहारा कौन बनेगा?"

अंतिम संस्कार के बाद होगी शिकायत

पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया। शैलेन्द्र के पिता जगदीश लिखार ने कहा कि बेटे के अंतिम संस्कार के बाद वे सोलर डीलर के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराएंगे।