September 9, 2026

सीबीआई कोर्ट का बड़ा फैसला, कुशल डायमंड्स लिमिटेड और 2 निदेशकों को 5 साल की सजा

Kushal Diamonds Limited Fraud Case: आपराधिक साजिश और धोखाधड़ी के करीब 26 साल पुराने मामले में अहमदाबाद की सीबीआई अदालत ने कुशल डायमंड्स लिमिटेड और कंपनी के दो निदेशकों को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई है. अदालत ने निजी कंपनी M/s Kushal Diamonds Ltd. पर 30 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है. वहीं कंपनी के चीफ मैनेजिंग डायरेक्टर बकुल जवेरी और निदेशक मजहर एस. कपाड़िया को 5-5 साल की कठोर कारावास (RI) की सजा के साथ 30-30 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है.

NSIC से 2.34 करोड़ रुपये की राशि ली गई थी

सीबीआई ने इस मामले में 15 मार्च 2000 को केस दर्ज किया था. मामले में नेशनल स्मॉल इंडस्ट्रीज कॉरपोरेशन (NSIC), अहमदाबाद के तत्कालीन अधिकारियों और कुशल डायमंड्स लिमिटेड के निदेशकों के बीच आपराधिक साजिश का आरोप लगाया गया था.

जांच में सामने आया कि NSIC ने Bill Discounting Facility और Raw Material Assistance Scheme के तहत कुशल डायमंड्स लिमिटेड को कुल 2,34,85,081 रुपये की राशि उपलब्ध कराई थी.

सीबीआई के मुताबिक, इस राशि में से करीब 1,34,88,717 रुपये पुराने बकाया के समायोजन, चेक/डिमांड ड्राफ्ट से प्राप्त भुगतान, विदेशी खरीदार से मिले भुगतान और अर्नेस्ट मनी डिपॉजिट के समायोजन के रूप में एडजस्ट किए गए.

इसके बाद 31 मार्च 1996 को कुशल डायमंड्स लिमिटेड पर 99,96,364 रुपये की अंतिम बकाया राशि रह गई. सीबीआई ने इसे NSIC को हुआ गलत वित्तीय नुकसान (wrongful loss) बताया था.

2002 में दाखिल हुई थी चार्जशीट

जांच पूरी होने के बाद सीबीआई ने 8 जनवरी 2002 को आठ आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी. इनमें कुशल डायमंड्स लिमिटेड, कंपनी के तीन निदेशक, बकुल जवेरी, मजहर एस. कपाड़िया और सुभाष छन्नाना के अलावा NSIC के चार तत्कालीन अधिकारी शामिल थे. इन अधिकारियों में वीरेंद्र कुमार साव्हनी, रोहित ढींगरा, राम अवतार अग्रवाल और राजेश अरोड़ा के नाम शामिल थे.

चार सरकारी अधिकारियों को अदालत ने किया बरी

मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने कुशल डायमंड्स लिमिटेड, बकुल जवेरी और मजहर एस. कपाड़िया को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई. हालांकि, NSIC के तत्कालीन अधिकारियों वीरेंद्र कुमार साव्हनी, रोहित ढींगरा, राम अवतार अग्रवाल और राजेश अरोड़ा को अदालत ने उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों से बरी कर दिया.

वहीं, आरोपी निदेशक सुभाष छन्नाना की मुकदमे की सुनवाई के दौरान मृत्यु हो गई थी, जिसके बाद अदालत ने उनके खिलाफ कार्यवाही को समाप्त (abated) कर दिया.

सजा का पूरा विवरण

M/s Kushal Diamonds Ltd. — 30 लाख रुपये जुर्माना

बकुल जवेरी, चीफ मैनेजिंग डायरेक्टर — 5 वर्ष RI + 30 लाख रुपये जुर्माना

मजहर एस. कपाड़िया, निदेशक — 5 वर्ष RI + 30 लाख रुपये जुर्माना

वीरेंद्र कुमार साव्हनी — आरोपों से बरी

रोहित ढींगरा — आरोपों से बरी

राम अवतार अग्रवाल — आरोपों से बरी

राजेश अरोड़ा — आरोपों से बरी

सुभाष छन्नाना — मृत्यु के बाद उनके खिलाफ मामला समाप्त (abated)

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