October 18, 2026

₹2.44 प्रति किमी का खर्च! 10 लाख से सस्ती ये 4 सीएनजी कारें, जो पेट्रोल का पैसा बचाएंगी

Published: Sunday, October 18, 2026, 15:56 [IST]

रविवार, 18 अक्टूबर को दिल्ली में सीएनजी के दाम ₹86.98 प्रति किलो, मुंबई में ₹89, बेंगलुरु में ₹98 और चेन्नई में ₹99.5 प्रति किलो हैं। ऐसे में बजट को लेकर सतर्क रहने वाले खरीदारों की पहली पसंद 10 लाख रुपये से कम कीमत वाली सीएनजी हैचबैक और सेडान कारें बनी हुई हैं। हमने CGD स्रोतों और भरोसेमंद ट्रैकर्स से आज की दरें जुटाकर इन गाड़ियों की रनिंग कॉस्ट (प्रति किलोमीटर खर्च) का नया हिसाब निकाला है।

रनिंग कॉस्ट का यह गणित कंपनियों के आधिकारिक माइलेज दावों पर आधारित है। टाटा टियागो और टिगोर iCNG का दावा 28.06 किमी/किलो का है। वहीं वैगनआर S-CNG 34.05 किमी/किलो, सेलेरियो S-CNG 35.60 किमी/किलो और हुंडई औरा CNG 28.4 किमी/किलो का माइलेज देती है। दिल्ली के हिसाब से इनका प्रति किलोमीटर खर्च नीचे दिया गया है:

Best CNG Cars Under 10 Lakhs in 2026: Running Cost, Mileage, and Expert Buying Tips
Model Efficiency (km/kg) Delhi ₹/km
Tata Tiago/Tigor iCNG 28.06 ₹3.10
Maruti WagonR S‑CNG 34.05 ₹2.55
Maruti Celerio S‑CNG 35.60 ₹2.44
Hyundai Aura CNG 28.40 ₹3.06

10 लाख से सस्ती बेस्ट सीएनजी कारें: ₹/किमी खर्च और मेट्रो शहरों में आज की उपलब्धता

अगर आप बिना देरी किए कदम उठाते हैं, तो इस हफ्ते गाड़ियों का स्टॉक और डिलीवरी आसानी से मिल सकती है। दिल्ली और बेंगलुरु में वैगनआर और सेलेरियो पर लगभग दो हफ्ते का वेटिंग पीरियड है, जबकि अन्य शहरों में यह करीब एक महीने तक पहुंच जाता है। टियागो और टिगोर की डिलीवरी में आमतौर पर महीनों नहीं, बल्कि कुछ हफ्तों का समय लगता है। वहीं, बेंगलुरु में औरा CNG का वेटिंग पीरियड 10 से 30 दिनों के आसपास है। इंस्टेंट e-KYC वीडियो वेरिफिकेशन की मदद से अब NBFC से EMI अप्रूवल भी झटपट मिल रहा है।

10 लाख रुपये से कम कीमत वाली सीएनजी कारों के अलग-अलग वेरिएंट्स में सेफ्टी फीचर्स का बड़ा अंतर है। टियागो के सभी वेरिएंट्स में अब स्टैंडर्ड 6 एयरबैग्स मिलते हैं। औरा CNG के SX ट्रिम में रियर डिफॉगर दिया गया है, जो मानसून में बेहतर विजिबिलिटी देता है। दूसरी ओर, वैगनआर CNG वेरिएंट्स में रियर वाइपर और अक्सर डिफॉगर गायब रहता है। भले ही डिलीवरी में थोड़ा ज्यादा समय लगे, लेकिन ESC, रियर वाइपर और डिफॉगर वाले वेरिएंट्स को ही प्राथमिकता दें।

कार खरीदते समय 'डिलीवरी किट' में जबरन शामिल की जाने वाली एसेसरीज या हैंडलिंग फीस बिल्कुल स्वीकार न करें। कंज्यूमर कमीशन ऐसे जबरन बेचे गए पैक्स के पैसे वापस लौटाने के निर्देश दे चुके हैं, वहीं कॉम्पिटिशन रेगुलेटर्स भी इन्हें अनुचित मानते हैं। डीलर से 'वाहन RTO' फाइल का लॉगिन डिटेल मांगें। अगर नंबर आने में देरी हो रही हो तो टेम्पररी रजिस्ट्रेशन लें और बिना किसी आधिकारिक सूचना वाले एक्स्ट्रा चार्ज देने से साफ मना कर दें। इन कदमों से आपके पैसे भी बचेंगे और डिलीवरी में देरी भी नहीं होगी।

टायरों के संभावित खर्च का बजट भी पहले से बनाकर चलें। भारत में ज्यादातर हैचबैक कारों के टायर समय-समय पर रोटेशन कराने पर 40,000 से 50,000 किलोमीटर तक चल जाते हैं। हालांकि, सीएनजी किट के अतिरिक्त वजन के कारण इसके टायर पेट्रोल मॉडल की तुलना में थोड़े जल्दी घिसते हैं। कुछ सीएनजी ट्रिम्स में बढ़ा हुआ 95 से 100 किलोग्राम का अतिरिक्त वजन समय के साथ टायर का खर्च बढ़ा देता है। कार का माइलेज और टायरों की लाइफ बनाए रखने के लिए टायर प्रेशर हमेशा सही रखें।