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नेपाल में तबाही लाने वाले ग्लेशियर टूटने का VIDEO:800 मीटर लंबा हिस्सा टूटकर गिरा था; अब तक 633 मौतें, 2500 लापताकाठमांडू5 मिनट पहलेलेखक: एजेंसी इनपुट्स के साथ नेपाल से रमेश पोख्रेल
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नेपाल में 26 अगस्त को ग्लेशियर टूटने और भूस्खलन के बाद अचानक बाढ़ आई थी। अब घटना के तीन दिन बाद ग्लेशियर टूटने का वीडियो सामने आया है। टूर गाइड के एक ग्रुप ने तिब्बत में एक ऊंची जगह से इसे कैमरे में रिकॉर्ड किया।
वीडियो में नेपाल की सीमा के पास बर्फ से ढके पहाड़ और ग्लेशियर दिखाई दे रहे हैं। अचानक ग्लेशियर की बर्फ और चट्टानों का करीब 800 मीटर लंबा हिस्सा टूटकर नीचे घाटी में गिरता नजर आता है।
हिमस्खलन के बाद धूल और मलबा पूरे इलाके में फैल जाता है। वीडियो में नीचे की ओर बहता पानी और मलबा भी दिखाई दे रहा है।
ग्रुप जब नीचे उतरा तो रास्ते बंद मिले। इसके बाद उन्हें पता चला कि ग्लेशियर टूटने और भूस्खलन के बाद इलाके में आई बाढ़ से बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ है।
ग्लेशियर टूटने के तुरंत बाद का वीडियो




320 भारतीय अभी भी लापता
नेपाल और तिब्बत में इस आपदा से अब तक 633 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि करीब 2,500 लोग लापता हैं। इनमें 320 भारतीय भी शामिल हैं। वहीं, करीब 400 भारतीय अभी तिब्बत में फंसे हुए हैं।

खबर से जुड़े पल-पल के अपडेट्स के लिए नीचे दिए ब्लॉग से गुजर जाइए…
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लाइव अपडेट्स
33 मिनट पहले
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कांग्रेस ने गृह मंत्री से नेपाल के लिए राहत बढ़ाने की अपील की
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने नेपाल में आई बाढ़ को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखा है।
उन्होंने भारत सरकार से नेपाल को तत्काल मानवीय सहायता देने और जरूरत पड़ने पर NDRF की टीमें भेजकर बचाव, राहत और निकासी अभियान में मदद करने का आग्रह किया है।
खड़गे ने कहा कि इस संकट की घड़ी में भारत को नेपाल के लोगों के साथ मजबूती से खड़ा होना चाहिए।
48 मिनट पहले
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ग्लेशियर टूटने के तुरंत बाद का वीडियो आया

इसमें धूल और मलबा तेजी से घाटी की ओर जाता हुआ दिखाई दे रहा है।
तिब्बत के पास नेपाल में हिमस्खलन का खौफनाक मंजर कैमरे में कैद हुआ। टूर गाइड और हाइकर्स के एक ग्रुप ने बुधवार सुबह तिब्बत में एक ऑब्जर्वेशन डेक से इस घटना को देखा। यहां से नेपाल की सीमा के पार बर्फ से ढके पहाड़ और ग्लेशियर दिखाई देते हैं।
हाइकर्स के वीडियो में हिमस्खलन से पहले और बाद का अंतर साफ दिखाई देता है। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि ग्लेशियर की बर्फ और चट्टानों का कितना बड़ा हिस्सा नीचे घाटी में गिरा।
ग्रुप जब नीचे उतरा, तब उन्हें रास्ते बंद मिले। इसके बाद उन्हें हिमस्खलन और उसके बाद आई बाढ़ से हुई तबाही की जानकारी मिली।
57 मिनट पहले
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चीन में बाढ़ की तस्वीरें और वीडियो क्यों नहीं दिख रहे?
नेपाल और तिब्बत की सीमा पर आई बाढ़ की तस्वीरें और वीडियो पूरी दुनिया में तेजी से फैल गए। इनमें सबसे ज्यादा चर्चा ग्यिरोंग पोर्ट के वीडियो की हुई। यह नेपाल और तिब्बत के बीच एक अहम सीमा चौकी है। वीडियो में दिख रहा है कि बाढ़ का तेज पानी सब कुछ बहाता हुआ आगे बढ़ रहा है और लोग जान बचाने के लिए भाग रहे हैं।

BBC की रिपोर्ट के मुताबिक चीन के सोशल मीडिया पर यह वीडियो नहीं दिख रहा है।
ये वीडियो CCTV कैमरों में रिकॉर्ड हुए थे। सोशल मीडिया के जरिए ये दुनिया के कई देशों में पहुंच गए। लेकिन चीन में लोगों को ये वीडियो आसानी से देखने को नहीं मिले। चीन के सरकारी टीवी समाचार में भी अब तक इस घटना की सिर्फ एक तस्वीर दिखाई गई है।
चीन के इंटरनेट पर बाढ़ के वीडियो ढूंढना मुश्किल है। यहां तक कि इस बाढ़ में हुई मौतों और लापता लोगों के बारे में सोशल मीडिया पर लिखी पोस्ट भी आसानी से नहीं मिल रही हैं।
ऐसा इसलिए है क्योंकि चीन में इंटरनेट पर सरकार का कड़ा नियंत्रण और सेंसरशिप है। कौन-सी जानकारी लोगों तक पहुंचेगी और कौन-सी नहीं, इस पर सरकार का काफी नियंत्रण रहता है।
06:55 AM29 अगस्त 2026
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कुशीनगर में गंडक नदी से तीन शव बरामद
कुशीनगर जिले में गंडक नदी से शनिवार को तीन शव बरामद किए गए हैं। अधिकारियों को आशंका है कि ये शव नेपाल में बाढ़ के दौरान बहकर भारत पहुंचे। इससे पहले पड़ोसी महराजगंज जिले में भी चार अज्ञात शव मिले थे। प्रशासन शवों की पहचान के लिए नेपाल के अधिकारियों के संपर्क में है।
06:36 AM29 अगस्त 2026
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नेपाल ने भारत की मदद के लिए आभार जताया
नेपाल के राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर पोस्ट करते हुए भारत के समर्थन के लिए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का आभार जताया। उन्होंने कहा कि भारत सरकार की ओर से दिखाई गई चिंता, सहयोग और एकजुटता के लिए नेपाल सरकार और जनता की ओर से वह दिल से धन्यवाद।

06:18 AM29 अगस्त 2026
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काठमांडू के मुर्दाघर में अपनों को तलाशते लोग



05:53 AM29 अगस्त 2026
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UN बोला- नेपाल में हजारों परिवारों को खाने और साफ पानी की जरूरत
नेपाल में भीषण बाढ़ के बाद हालात अब भी गंभीर हैं। UN के मुताबिक, हजारों परिवारों को भोजन और पीने के साफ पानी की जरूरत है।
राहत-बचाव के लिए कई देशों और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों ने मदद बढ़ाई है। यूरोपीय संघ, कनाडा और अमेरिका ने नेपाल को राहत सामग्री और आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया है।
05:34 AM29 अगस्त 2026
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चितवन में सबसे ज्यादा 233 शव मिले

05:20 AM29 अगस्त 2026
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नेपाल सरकार ने 5 जिलों में इमरजेंसी क्षेत्र बनाया
नेपाल सरकार ने बाढ़ और भूस्खलन से प्रभावित 5 जिलों की 15 लोकल बॉडी को आपदा प्रभावित-इमरजेंसी क्षेत्र घोषित किया है। सरकार का कहना है कि इन इलाकों में राहत और पुनर्वास कार्यों को तेज करने के लिए यह फैसला लिया गया है।
05:07 AM29 अगस्त 2026
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वैज्ञानिक बोले- कभी भी टूट सकता है दूसरी झील का बांध

वैज्ञानिक जेफ्री कार्गेल ने CNN से कहा कि नेपाल में बाढ़ प्रभावित इलाके के ऊपर बनी दूसरी झील का पानी अस्थिर है। बांध टूटा तो नीचे के इलाकों में फिर बड़ी बाढ़ आ सकती है।
पहली झील का बांध शुक्रवार को टूट चुका है। अगर दूसरी झील भी टूटी तो उसका पानी पहली झील में पहुंचकर दोनों का पानी एक साथ नीचे ला सकता है। कार्गेल ने रेस्क्यू टीमों को ऊंचे इलाकों में तैयार रहने की सलाह दी है।
दोनों झीलें नेपाल-चीन सीमा के पास हैं, जहां बुधवार को भीषण बाढ़ आई थी।
04:52 AM29 अगस्त 2026
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बाढ़ से नेपाल में 80 पुल और 40 किमी सड़कें टूटीं

बाढ़ ने नेपाल की नई सरकार की आर्थिक मुश्किलें भी बढ़ा दी हैं। देश की अर्थव्यवस्था विदेशी मदद, विदेशों में काम कर रहे नेपाली लोगों के भेजे पैसे और चीन-भारत के सामान पर निर्भर है।
राष्ट्रीय आपदा प्राधिकरण के मुताबिक, बाढ़ से 80 पुल और करीब 40 किमी सड़कें खराब हुई हैं। प्रभावित इलाका चीन सीमा के पास है। ये सड़कें और पुल चीन से सामान लाने-भेजने के लिए जरूरी हैं। चीन नेपाल का दूसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है।
04:35 AM29 अगस्त 2026
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नेपाल में बाढ़ से मौत का आंकड़ा 626 हुआ
नेपाल पुलिस के मुताबिक, देश में बाढ़ और भूस्खलन से मरने वालों की संख्या बढ़कर 626 हो गई है।
यह पिछली जानकारी के मुकाबले बड़ा इजाफा है। इससे पहले 579 लोगों की मौत की पुष्टि हुई थी। वहीं करीब 2,000 लोग अब भी लापता हैं।
04:17 AM29 अगस्त 2026
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तिब्बत में बाढ़ से हुई तबाही की नई तस्वीरें जारी


चीनी सरकारी मीडिया ने तिब्बत में बाढ़ से हुई तबाही की नई तस्वीरें जारी की हैं। तस्वीरों में सीमा के पास का इलाका कीचड़ और पत्थरों से पूरी तरह ढका नजर आ रहा है। रेस्क्यू टीम मेंबर मलबे के बीच लोगों की तलाश करते दिख रहे हैं।
रेस्क्यू टीम शुक्रवार दोपहर पहाड़ों को पार करके, चट्टानों पर चढ़ते और तेज बहाव वाली नदियों को पार करते हुए ग्यिरोंग पोर्ट पहुंची। यह तिब्बत में आई बाढ़ से सबसे ज्यादा प्रभावित इलाकों में से एक है।
ग्यिरोंग पोर्ट नेपाल और तिब्बत के बीच पर्यटकों और वाहनों की आवाजाही का प्रमुख रास्ता था। सैटेलाइट तस्वीरों के मुताबिक, यह इलाका पूरी तरह तबाह हो चुका है। इस इलाके में कम से कम 554 लोग लापता हैं और 7 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है।
03:54 AM29 अगस्त 2026
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तीन सवालों में जानिए नेपाल के हालात

सवाल 1: कितने इलाके मुख्य सड़कों और हाईवे से कट गए हैं?
जवाब: बाढ़ और लैंडस्लाइड से नेपाल-चीन सीमा को जोड़ने वाले पासांग ल्हामु हाईवे का 40 किलोमीटर से ज्यादा हिस्सा मलबे में दब गया है। इससे उत्तरी रसुवा जिला देश के बाकी हिस्सों से कट गया है। वहीं, ग्यिरोंग पोर्ट जाने वाला अहम इंटरेनशनल ट्रेड रूट भी बंद है।
सवाल 2: किन गांवों तक अब सिर्फ पैदल या हेलिकॉप्टर से पहुंचा जा सकता है?
जवाब: रसुवा और नुवाकोट के 18 से ज्यादा पहाड़ी गांवों में सड़क संपर्क टूट गया है। तिमुरे, स्याफ्रुबेसी और थुमन जैसे इलाकों तक पहुंचने के लिए फिलहाल हेलिकॉप्टर या पैदल रास्ते का सहारा लेना पड़ रहा है। सेना हेलिकॉप्टर से लोगों को निकालने और जरूरी सामान पहुंचाने में जुटी है।
सवाल 3: कौन से पुल दोबारा बनाए जा रहे हैं?
जवाब: बाढ़ में कई पुल बह गए या क्षतिग्रस्त हो गए हैं। इनमें रसुवागढ़ी फ्रेंडशिप ब्रिज सबसे अहम है, जो नेपाल-चीन सीमा को जोड़ता है। इसे फिर से जोड़ने की कोशिश की जा रही है। इसके अलावा भोटेकोशी और त्रिशूली नदियों पर बने छोटे सस्पेंशन ब्रिजों को भी अस्थायी तौर पर चालू करने की कोशिश हो रही है, ताकि स्थानीय लोगों की आवाजाही शुरू हो सके।
03:36 AM29 अगस्त 2026
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प्रधानमंत्री राहत कोष में 4.38 अरब नेपाली रुपए जमा
नेपाल में बाढ़ और भूस्खलन से प्रभावित लोगों की मदद के लिए बनाए गए प्रधानमंत्री राहत कोष में अब तक 4.38 अरब नेपाली रुपए जमा हो चुके हैं। यह रकम करीब 274 करोड़ भारतीय रुपए के बराबर है।
शुक्रवार शाम 6:30 बजे तक यह पैसा नेपाल के नौ बैंकों में खोले गए राहत कोष के खातों में जमा किया गया था।
इसके अलावा हिमालयन बैंक और लक्ष्मी बैंक में करीब 6.8 लाख अमेरिकी डॉलर भी जमा हुए हैं। यह रकम करीब 10.38 करोड़ नेपाली रुपए यानी लगभग 6.5 करोड़ भारतीय रुपए के बराबर है।
03:14 AM29 अगस्त 2026
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नेपाल ने भारत-चीन से 42 बेली ब्रिज बनाने की मदद मांगी
नेपाल सरकार ने बाढ़ प्रभावित इलाकों में सड़क और यातायात व्यवस्था फिर से शुरू करने के लिए भारत और चीन से 42 बेली ब्रिज बनाने में मदद मांगी है।
नेपाल के विदेश मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक, सरकार ने दोनों देशों को बताया है कि उसे कितने पुलों की जरूरत है। यह संख्या राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण के आकलन के आधार पर तय की गई है।
बाढ़ में रसुवा, नुवाकोट और धादिंग के ज्यादातर पुल बह गए हैं। इससे इन इलाकों में लोगों और वाहनों की आवाजाही रुक गई है।
भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने गुरुवार को कहा था कि नेपाल को जरूरत पड़ने पर बेली ब्रिज समेत हर जरूरी मदद दी जाएगी।
02:56 AM29 अगस्त 2026
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नेपाल में भूस्खलन से बनी 2 झीलों से बढ़ा खतरा
नेपाल के बाढ़ प्रभावित इलाके में हवाई तस्वीरों में एक दूसरी झील दिखाई दी है। इससे इलाके में फिर बाढ़ आने का खतरा बढ़ गया है। रॉयटर्स के मुताबिक, नेपाल के अधिकारी भूस्खलन से बनी दोनों झीलों पर नजर रख रहे हैं।
इनमें एक झील से पानी बह रहा है, जबकि दूसरी झील में लगातार पानी बढ़ रहा है और उसका आकार पहली झील से भी बड़ा होता जा रहा है।
दोनों झीलें नेपाल-चीन सीमा के पास उस इलाके में बनी हैं, जहां बुधवार को भीषण बाढ़ आई थी। बाढ़ के तेज पानी के साथ कीचड़, रेत, बजरी और बड़ी चट्टानें नीचे के इलाकों में बहकर आई थीं।

पहली झील से पानी रिस रहा है।

दूसरी झील में पानी बढ़ रहा है।
अधिकारियों के मुताबिक, अभी तक झीलों और पानी के बहाव पर नजर रखने के लिए सैटेलाइट तस्वीरों का इस्तेमाल किया जा रहा है। अब नदी के निचले हिस्से में कैमरे और सेंसर लगाने की तैयारी है, ताकि पानी के स्तर में बदलाव का तुरंत पता चल सके।
शुक्रवार को चीन ने भी पानी का स्तर बढ़ने के कारण राहत अभियान रोक दिया था। अधिकारियों को डर था कि झील का पानी बढ़ने से एक और बाढ़ या भूस्खलन हो सकता है। नेपाल में भी इसी खतरे को देखते हुए राहत कार्यों में देरी की गई।
02:45 AM29 अगस्त 2026
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बाढ़ के बाद करीब 90 अमेरिकी अब भी लापता
अमेरिकी विदेश विभाग ने शुक्रवार को बताया कि नेपाल और चीन में आई भीषण बाढ़ के बाद करीब 90 अमेरिकी नागरिक अब भी लापता हैं। पांच अमेरिकी नागरिकों को सुरक्षित जगह पहुंचाया गया है।
अभी तक किसी अमेरिकी नागरिक की मौत की जानकारी नहीं मिली है। अमेरिका ने नेपाल की मदद के लिए 5 लाख डॉलर की सहायता देने का ऐलान किया है। इसमें खाने-पीने की चीजें भी शामिल हैं। राहत सामग्री लेकर पहला ट्रक नेपाल के लिए रवाना हो चुका है।

तिब्बत के ग्यिरोंग काउंटी में भूस्खलन के बाद बनी झील के पास एक चीनी बचावकर्मी जाता हुआ।
02:19 AM29 अगस्त 2026
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बाढ़ के बाद सरकारी आंकड़ों में हो रहा है बदलाव

नेपाल में बाढ़ के बाद शुक्रवार को सेना के राहत केंद्र के बाहर लापता लोगों के परिजन अपनों की तलाश में जुटे रहे।
नेपाल और तिब्बत में अचानक आई भीषण बाढ़ के बाद अधिकारियों की ओर से लगातार नई जानकारी दी जा रही है। लेकिन नेपाल में भी बाढ़ से हुई मौतों और लापता लोगों की संख्या को लेकर अलग-अलग आंकड़े सामने आ रहे हैं।
मृतकों और लापता लोगों की संख्या कई बार बदली गई है। नेपाल पुलिस और राष्ट्रीय आपदा प्राधिकरण ने भी अलग-अलग आंकड़े बताए हैं।
बचाव और राहत का काम अभी जारी है। लापता लोगों की तलाश की जा रही है और शव भी बरामद किए जा रहे हैं। इसलिए आंकड़े लगातार बदल रहे हैं। आपदा के समय काम बहुत तेजी से होता है, ऐसे में अलग-अलग एजेंसियों के आंकड़ों में थोड़ा अंतर होना संभव है।
तिब्बत में बाढ़ से हुए नुकसान की सही जानकारी मिलना और भी मुश्किल है। तिब्बत पर चीन का कड़ा नियंत्रण है और वहां बाहरी मीडिया के लिए पहुंचना आसान नहीं है। इसलिए वहां की स्थिति के बारे में जानकारी मुख्य रूप से चीनी सरकारी मीडिया से मिल रही है।
02:14 AM29 अगस्त 2026
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तिब्बत में बाढ़ से मरने वालों का आंकड़ा बढ़ा
चीन की सरकारी मीडिया के मुताबिक, तिब्बत में बाढ़ से मरने वालों की आधिकारिक संख्या बढ़कर 7 हो गई है। वहीं 554 लोग अब भी लापता हैं। बचाव अभियान जारी है और आशंका है कि आने वाले समय में मृतकों की संख्या काफी बढ़ सकती है।
02:06 AM29 अगस्त 2026
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नेपाल में रेस्क्यू का प्लान: हेलिकॉप्टर से एयरलिफ्ट, गांव खाली कराए
नेपाल सरकार के मुताबिक, रेस्क्यू और राहत अभियान में 13,295 सुरक्षाकर्मी लगाए गए हैं। इनमें 7,250 नेपाल पुलिस, 4,200 नेपाली सेना और 1,845 आर्म्ड पुलिस फोर्स के जवान शामिल हैं। सरकार के अनुसार, अब तक 3,253 लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है।

नेपाली सेना के रेस्क्यू का 3-लेयर प्लान...
- एयरलिफ्ट: हेलिकॉप्टरों के जरिए ऊंचे पहाड़ों और टनल में फंसे लोगों को निकालना।
- इवैक्यूएशन: तटीय और निचले गांवों को खाली कराकर लोगों को सुरक्षित कैंपों में शिफ्ट करना।
- फॉरेंसिक सर्च: खोजी कुत्तों और मलबे को हटाने वाली भारी मशीनों से शवों और मलबे को साफ करना।
- मेडिकल सुविधा: घायलों को नजदीकी अस्पताल पहुंचाया जा रहा
02:00 AM29 अगस्त 2026
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बाढ़ में लापता पत्नी की तलाश में पति

अमेरिकी नागरिक गणेश बाले ने बताया कि उनकी पत्नी दया बुधवार को नेपाल के तिमुरे गांव के होटल कैलाश से निकलने वाली थीं, तभी अचानक बाढ़ आ गई। तेज बहाव में होटल पूरी तरह बह गया और दया समेत वहां मौजूद कई लोग भी पानी के साथ बह गए।
गणेश अब लगातार टूर कंपनी से संपर्क कर रहे हैं और पत्नी की तलाश के लिए टीम भेजने की मांग कर रहे हैं। लेकिन इलाके में अभी भी लोगों के जाने पर रोक है, जिससे तलाश शुरू नहीं हो पा रही है।
गणेश ने कहा,

समय बहुत कीमती है। हर घंटे के साथ उनके बचने की उम्मीद कम होती जा रही है।

गणेश गुरुवार को अपने 16 साल के बेटे के साथ न्यू जर्सी लौट आए। उन्होंने कहा, “मैं और मेरा बेटा जितना हो सके हिम्मत बनाए रखने की कोशिश कर रहे हैं। अभी आगे बढ़ने का यही एक रास्ता है।”
01:43 AM29 अगस्त 2026
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5 तस्वीरें: तबाही के बाद जिंदगी समेटने की कोशिश

नुवाकोट जिले के देवीघाट में अचानक आई बाढ़ के बाद कीचड़ में डूबे अपने घर से इस्तेमाल लायक सामान निकालती एक महिला।

देवीघाट गांव में बाढ़ के बाद मलबे और कीचड़ से भरे इलाके से गैस सिलेंडर ले जाता एक व्यक्ति।

नुवाकोट जिले में मलबे और कीचड़ से घिरी क्षतिग्रस्त इमारतों के बीच अपना सामान तलाशते लोग।

बचावकर्मी एक महिला को क्षतिग्रस्त घर के अंदर जाने में मदद करते हुए, ताकि वह अपना सामान निकाल सके।

नुवाकोट जिले के त्रिशूली में क्षतिग्रस्त दुकान में एक महिला अपना सामान तलाशती हुई।
01:33 AM29 अगस्त 2026
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चीन ने नेपाल को हर संभव मदद का भरोसा दिया

चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने नेपाल के राष्ट्रपति राम चंद्र पौडेल को शोक संदेश भेजा है। उन्होंने आपदा में हुए जान-माल के नुकसान पर संवेदना जताई। उन्होंने कहा कि चीन लापता लोगों की तलाश और घायलों के इलाज के लिए हर संभव प्रयास कर रहा है।
जिनपिंग ने कहा कि चीन और नेपाल पहाड़ों और नदियों से जुड़े पड़ोसी देश हैं। दोनों देशों के लोग मिलकर इस आपदा से जल्द उबरेंगे और प्रभावित इलाकों का फिर से निर्माण करेंगे। चीन के प्रधानमंत्री ली केकियांग ने भी नेपाल के प्रधानमंत्री बलेंद्र शाह को शोक संदेश भेजा है।
01:21 AM29 अगस्त 2026
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एक लहर और सबकुछ खत्म, तीनों पीड़ितों की कहानी
1. ‘वे सब मर गए... और मैं बच गया’
45 साल के दावा लामा की आंखों के सामने कुछ ही मिनटों में उनका पूरा परिवार उजड़ गया। बुधवार सुबह करीब 9 बजे उन्होंने तेज आवाज सुनी और हल्की हवा महसूस की। इसके तुरंत बाद कीचड़ और पानी की एक विशाल लहर तिमुरे गांव में उनके घर से टकराई।
बाढ़ अपने साथ उनका घर, सामान और उनकी पत्नी को बहा ले गई। उनकी 7 और 8 साल की दोनों बेटियां भी लापता हैं।
रोते हुए लामा ने कहा, 'वे सब मर गए और मैं बच गया। मैं कब तक उनके लौटने की उम्मीद करता रहूंगा, मुझे नहीं पता।'
2. ‘कुछ सेकंड में इमारतें समा गईं’
स्याब्रुबेसी में तैनात 41 साल के पुलिस अधिकारी राजन खत्री को सुबह करीब 9:10 बजे फोन पर बाढ़ की चेतावनी मिली। लेकिन फोन रखते ही तेज लहरें पुलिस स्टेशन में घुस गईं।
पानी के बहाव ने उन्हें इमारत से बाहर फेंक दिया और वे बेहोश हो गए। होश आया तो चारों तरफ सिर्फ मलबा था।
खत्री ने बताया, ‘यह सिर्फ पानी नहीं था। इसमें बड़े-बड़े पत्थर, रेत और गाढ़ा कीचड़ था। कुछ ही सेकंड में कई मीटर ऊंची इमारतें भी उसमें समा गईं।’ पुलिस स्टेशन के सात कर्मचारियों में सिर्फ तीन जिंदा बचे हैं, बाकी लापता हैं।

राजन खत्री
3. 'आंखों के सामने सब बह गया'
17 साल की स्मृति ओझा स्कूल जाने की तैयारी कर रही थीं, तभी उन्हें तेज झटके महसूस हुए। बाहर आते ही सामने बाढ़ की विशाल लहरें थीं।
उन्होंने कहा, ‘हम समय पर घर से निकल गए, लेकिन कुछ भी नहीं बचा सके। मेरी आंखों के सामने सबकुछ बह गया। मुझे अब भी यकीन नहीं हो रहा।’
स्मृति का परिवार सुरक्षित है, लेकिन उनके चार रिश्तेदार अब भी लापता हैं।

स्मृति ओझा
01:18 AM29 अगस्त 2026
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भारत ने नेपाल को भेजी 57.5 टन राहत सामग्री
भारत ने नेपाल में बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए अब तक 57.5 टन आपातकालीन राहत सामग्री भेजी है। शुक्रवार रात 10 टन राहत सामग्री की एक और खेप काठमांडू पहुंची।
राहत सामग्री के साथ 11 सदस्यीय डॉक्टरों और पैरामेडिक्स की टीम भी नेपाल भेजी गई है। सुरंग में जारी बचाव अभियान का जायजा लेने के लिए एक विशेष बचाव दल भी पहुंचा है।
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने बताया कि भारतीय टीमें मौके पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्य में जुट गई हैं। उन्होंने 21 भारतीयों को सुरक्षित निकालने के लिए नेपाल की सेना का आभार जताया।





01:14 AM29 अगस्त 2026
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चीन की तरफ फंसे 53 भारतीय काठमांडू पहुंचे

काठमांडू पहुंचे 53 भारतीय नागरिकों की तस्वीर।
चीन की तरफ भारत-नेपाल सीमा पर फंसे 53 भारतीय नागरिक शुक्रवार को काठमांडू पहुंच गए। विदेश मंत्रालय (MEA) के मुताबिक, इनमें महाराष्ट्र के 37 लोग शामिल हैं, जो कैलाश मानसरोवर यात्रा से लौटते समय तिब्बत में फंस गए थे।
महाराष्ट्र सरकार के मुताबिक, 395 नागरिक अब भी फंसे हुए हैं। इनमें से 325 लोगों से संपर्क हो चुका है और वे सुरक्षित बताए जा रहे हैं। इनमें नागपुर के 105 लोग भी शामिल हैं। 60 लोग तिब्बत के रियू इलाके में हैं, लेकिन उनसे अब तक संपर्क नहीं हो पाया है। 10 अन्य लोगों के बारे में भी जानकारी मिली है, जिनसे संपर्क की कोशिश की जा रही है।
12:08 AM29 अगस्त 2026
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4 फ्रांसीसी नागरिक अब भी लापता, 76 लोगों का पता चला
बाढ़ के बाद चार फ्रांसीसी नागरिक अब भी लापता हैं। फ्रांस की विदेश मामलों की मंत्री प्रतिनिधि एलेनोर कैरोआ ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि बाढ़ के समय नेपाल-तिब्बत बॉर्डर पर 80 फ्रांसीसी नागरिक मौजूद थे, जिनमें से 76 के बारे में जानकारी मिल चुकी है। बाकी चार लोगों की तलाश जारी है।
12:00 AM29 अगस्त 2026
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नेपाल से अबतक 84 भारतीयों का रेस्क्यू, भारत ने मेडिकल-रेस्क्यू टीम भेजी
नेपाल में बाढ़ के बाद भारत और नेपाल का संयुक्त राहत-बचाव अभियान जारी है। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, अब तक 84 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित बचाया गया है। इनमें तमिलनाडु के 21 लोग शामिल हैं, जो शुक्रवार को भारत लौट आए, जबकि त्रिशूली-1 जलविद्युत परियोजना में काम करने वाले 63 मजदूरों को भी सुरक्षित निकाला गया है।
दूसरी तरफ भारतीय वायुसेना के तीसरे विमान से शुक्रवार को 11 सदस्यीय मेडिकल और सुरंग बचाव टीम नेपाल पहुंची। इसमें डॉक्टर, पैरामेडिकल कर्मचारी और सुरंग बचाव के लिए विशेषज्ञ शामिल हैं। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने बताया कि टीम अब मौके पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्य में मदद कर रही है।
भारत ने इस उड़ान के साथ नेपाल के लिए राहत सामग्री भी भेजी है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल के मुताबिक, राहत सामग्री नेपाल के विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार मंत्री महाबीर पुन को सौंप दी गई है।

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