मनेन्द्रगढ़ जिले के 220 बिस्तरों वाले सिविल अस्पताल की डायलिसिस यूनिट में सोमवार रात पानी की आपूर्ति बाधित होने से मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। पानी नहीं मिलने के कारण डायलिसिस मशीनों में लगातार चेतावनी संकेत (अलार्म) आने लगे। घटना के स
.
पानी की कमी के चलते उपचार करीब दो घंटे से अधिक समय तक प्रभावित रहा।

मशीनों में अलार्म बजते रहे, मरीजों ने बनाया वीडियो
डायलिसिस के दौरान अचानक पानी की आपूर्ति रुकने से मशीनों पर लगातार चेतावनी संदेश आने लगे। बेड पर मौजूद मरीज और उनके परिजन घबरा गए। मरीजों ने मोबाइल से पूरी घटना का वीडियो रिकॉर्ड किया, जो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो में मशीनों पर चेतावनी संदेश साफ दिखाई दे रहे हैं।
पानी की व्यवस्था में जुटे रहे टेक्नीशियन
डायलिसिस यूनिट के टेक्नीशियन मरीजों की सुरक्षा को देखते हुए तत्काल पानी की व्यवस्था बहाल कराने में जुट गए। हालांकि समय पर पर्याप्त पानी उपलब्ध नहीं होने के कारण उपचार प्रभावित होता रहा। इस घटना ने अस्पताल की आपातकालीन तैयारियों और व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
मुख्य पाइपलाइन टूटने से बढ़ी समस्या
जानकारी के अनुसार, शहर में भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) की गैस पाइपलाइन विस्तार परियोजना के दौरान नगर पालिका की मुख्य पानी की पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो गई थी। इसके चलते शहर में पिछले दो दिनों से जलापूर्ति बाधित थी।
इसका असर सिविल अस्पताल की डायलिसिस यूनिट पर भी पड़ा। मरीजों के उपचार के लिए कुएं से पानी लाया गया, लेकिन वह पर्याप्त नहीं था।

दो घंटे की देरी, आधी रात तक चला इलाज
बताया गया कि जिन मरीजों का डायलिसिस दोपहर करीब 3 बजे शुरू हुआ था, उनका उपचार सामान्यतः शाम 7 बजे तक पूरा हो जाना था। लेकिन पानी की कमी के कारण प्रक्रिया बाधित होती रही और इलाज रात करीब 12 बजे तक चला। इस दौरान दो मरीजों की तबीयत भी बिगड़ गई, हालांकि बाद में उनकी स्थिति सामान्य हो गई।
अस्पताल प्रबंधन पर उठे सवाल
डायलिसिस जैसी जीवनरक्षक चिकित्सा के लिए शुद्ध और पर्याप्त पानी की उपलब्धता बेहद जरूरी होती है। ऐसे में जिला मुख्यालय के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल में पानी की कमी से उपचार प्रभावित होने पर मरीजों और उनके परिजनों ने नाराजगी जताई है।
लोगों ने पूरे मामले की जांच कर जिम्मेदारों पर कार्रवाई करने और भविष्य में ऐसी स्थिति से बचने के लिए स्थायी वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।