September 6, 2026

आदिवासी क्षेत्र में केंद्र सरकार की स्क्रीनिंग में खुलासा: बालाघाट में 19 बच्चों की मौत के बाद जांच... 7,711 गंभीर कुपोषित - Bhopal News

आदिवासी क्षेत्र में केंद्र सरकार की स्क्रीनिंग में खुलासा:बालाघाट में 19 बच्चों की मौत के बाद जांच... 7,711 गंभीर कुपोषित

भोपाल19 मिनट पहले

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बालाघाट के बैगा बहुल इलाकों में जुलाई से बुखार, खसरा-मलेरिया के मामले और 19 मौतों के बाद शुरू हुई व्यापक जांच में बच्चों की सेहत की गंभीर तस्वीर सामने आई है।

केंद्र सरकार की ओर से शनिवार को जारी जानकारी के मुताबिक, स्क्रीनिंग में 7,711 बच्चे गंभीर कुपोषित मिले हैं। इनमें 518 को पोषण पुनर्वास केंद्रों में भर्ती करना पड़ा।

13,406 बच्चों में डायरिया और 274 में गंभीर निमोनिया मिला है। गंभीर बैक्टीरियल संक्रमण की आशंका वाले बच्चों का भी इलाज किया गया। यानी जिन आदिवासी इलाकों में शुरुआत बुखार, शरीर पर चकत्ते व मौतों से हुई थी, वहां जांच बढ़ने के साथ खसरा-मलेरिया के अलावा कुपोषण, डायरिया, निमोनिया व एनीमिया जैसी स्वास्थ्य समस्याएं सामने आई हैं।

प्रभावित इलाकों में अब तक 32,433 लोगों की मेडिकल जांच की गई। 431 बच्चों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती करना पड़ा। इनमें 379 डिस्चार्ज हो चुके हैं, 52 अभी इलाज और निगरानी में हैं।

मौतें क्यों? : समीक्षा में एक कारण नहीं मिला... सरकार ने मौतों समीक्षा और उपलब्ध मेडिकल रिकॉर्ड की जांच कराई। इसमें खसरा, मलेरिया, दोनों का संक्रमण, सांस की तकलीफ, डिहाइड्रेशन, कुपोषण, एनीमिया और शॉक जैसी अलग-अलग स्थितियां सामने आई हैं।

कई शुरुआती मौतें घर पर या उचित स्वास्थ्य केंद्र पहुंचने से पहले हुई थीं, इसलिए उनके पर्याप्त मेडिकल रिकॉर्ड और सैंपल उपलब्ध नहीं हैं। इसी आधार पर सरकार का कहना है कि सभी मौतों को किसी एक बीमारी से जोड़ने के पर्याप्त वैज्ञानिक प्रमाण नहीं हैं।

3 गांवों से शुरू निगरानी 50 गांवों तक पहुंची

जुलाई में बिरसा के बैगा बहुल गांवों में बुखार, चकत्ते और मौतों के मामले सामने आने के बाद स्वास्थ्य निगरानी 3 से बढ़ाकर करीब 50 गांवों तक कर दी गई। यहां 10 से ज्यादा डॉक्टर और 10 कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर स्क्रीनिंग और इलाज कर रहे हैं। दुर्गम बस्तियों के लिए बिरसा-बैहर में 6 मोबाइल मेडिकल यूनिट लगाई गई हैं, जो बुखार के साथ मातृ-शिशु स्वास्थ्य, टीबी और दूसरी बीमारियों की जांच कर रही हैं।

केंद्र ने 12 अगस्त को विशेषज्ञ टीम भेजी थी। आईसीएमआर और मेडिकल कॉलेज की टीमें जांच कर रही हैं। 32,433 लोगों की जांच और दस्तक-2026 में 1.58 लाख बच्चों की स्क्रीनिंग हुई।

खसरे के खिलाफ 14,637 बच्चों को अतिरिक्त टीका

  • खसरे के बाद 1 से 10 साल के 14,637 बच्चों को अतिरिक्त मीजल्स-रूबेला टीका लगाया गया। बीते 7 दिनों में नया केस नहीं मिला।
  • संक्रमण रोकने के लिए 600 से ज्यादा पेयजल स्रोतों का शुद्धिकरण, 4,338 घरों में कीटनाशक छिड़काव व प्रभावित इलाकों में फॉगिंग कराई।

अस्थायी अस्पताल बनाया, जांच के लिए टीमें लगाईं मरीजों के लिए सोंगुड्डा स्वास्थ्य केंद्र में अतिरिक्त बेड, दवाएं, डॉक्टर और जांच की सुविधा बढ़ाई गई है। कुंडेकसा में अस्थायी अस्पताल शुरू किया गया है। गंभीर मरीजों को दूसरे अस्पतालों तक पहुंचाने के लिए वाहन और रेफरल की व्यवस्था भी बढ़ाई गई है।

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