पटना जंक्शन रेलवे स्टेशन और करबिगहिया इलाके में कथित सेक्स रैकेट का विरोध करने वाले बंटी को 18 घंटे से ज्यादा समय तक टॉर्चर किया गया। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के अनुसार, उसके शरीर पर 100 से ज्यादा चोटों के निशान मिले हैं। शरीर के कई हिस्सों पर डंडे और रॉड
.
उसके चेहरे को किसी भारी चीज से कुचला गया था। रिपोर्ट के मुताबिक, उसकी मौत अपहरण के करीब 14 से 18 घंटे बाद हुई। यानी अपहरण के अगले दिन तक आरोपी उसे तब तक पीटते रहे, जब तक उसकी मौत नहीं हो गई।
बताया जा रहा है कि अपहरण के बाद आरोपी ऑटो से उसे लेकर 9 थाना क्षेत्रों से गुजरे, लेकिन किसी पुलिस कर्मी ने उनकी गाड़ी को चेक तक नहीं किया।
बंटी को कैसे उठाया गया, उसे कैसे प्रताड़ित किया गया, किन-किन थाना क्षेत्रों से ऑटो गुजरा और इस दौरान पुलिस की क्या भूमिका रही... पढ़िए पूरी रिपोर्ट।

बंटी को कैसे ले जाया गया पटना से बाढ़
6-7 जुलाई की दरमियानी रात 12.55 बजे…
न्यू करबिगहिया इलाके का 33 साल का बंटी अपनी दुकान बंद करके निकल रहा था। इस दौरान वहीं पास में आरोपी अजीत लाल के साथ बैठकर सेक्स रैकेट चलाने वाला रवीश, रोहित, शंकर, सूरज समेत कुछ लोग बैठकर दारू पी रहे थे।
सबकी नजर बंटी पर पड़ी। रवीश आकर बंटी से झगड़ने लगा। आरोपी उसे वहां से जबरदस्ती टाटा पार्क ले गए। यहां उसे जबरदस्ती ऑटो में बैठाया और पटना से बाहर ले गए।
एक आरोपी रोहित ने अपने कबूलनामे में बताया, “पीने के बाद झगड़ा शुरू हुआ था। शंकर, सूरज, अजीत, रवीश उर्फ वीसी मिलकर बंटी को दौड़ाते-धमकाते स्टेशन की चाय वाली दुकान के आगे ले गए। वहां फिर झगड़ा हुआ। मैं भी दौड़कर उनके पीछे-पीछे भागा था। मैं ड्रिंक नहीं करता, लेकिन उनलोगों के साथ था।”
“वो लोग बंटी से लड़ाई कर रहे थे। इस दौरान रवीश किसी किन्नर को मैसेज कर रहा था। उसी किन्नर को लेकर लड़ाई हुई थी। वो लोग बंटी को चाय दुकान से ठेलकर टाटा पार्क ले गए। वहां ऑटो (नं- 5666) पर रवीश और अजीतलाल ने बंटी को धक्का देकर बिठाया फिर अपने साथ ले गए।”
पहले CCTV में कैद तीन तस्वीरें देखिए…

पहला कैमरा- जंक्शन के पास स्थित एक दुकान में बंटी के साथ सभी मारपीट करते दिखे।

दूसरा कैमरा- टाटा पार्क के पास ग्रीन टी- शर्ट में बंटी है, जिसके साथ कुछ लोग मारपीट कर रहे हैं।

अब बंटी को घसीटकर ये लोग ले जाते दिख रहे हैं। ये तस्वीरें जंक्शन के पास स्थित एक सीसीटीवी में कैद हुई है।
जानिए अपहरण करके कितने थानों से गुजरे आरोपी
बंटी को पटना जंक्शन के पास स्थित टाटा पार्क के पास से किडनैप किया गया। यह घटना जंक्शन के पास लगे CCTV में कैप्चर हुआ है। यहां से सभी GRP थाना क्षेत्र से निकले। फिर ऑटो की स्पीड बढ़ाई और कोतवाली थाना क्षेत्र होते हुए कंकड़बाग की तरफ पहुंचे।
उनलोगों का इरादा बंटी को पटना से बाहर कहीं दूर लेकर जाने का था। इस दौरान वे लोग बंटी के साथ मारपीट करते रहे। उनका ऑटो चित्रगुप्त नगर, अगमकुआं, बाइपास थाना क्षेत्रों से गुजरा।
किडनैपिंग को करीब घंटाभर बीत चुका था। रवीश समेत सभी आरोपी बंटी को लेकर दीदारगंज थाना क्षेत्र की ओर से गुजरे। सूत्रों की मानें तो रास्ते में कई बार ऑटो रोककर उसे जमकर पीटा गया।
आरोपियों ने अपहरण के बाद करीब 17-18 घंटे तक बंटी को टॉर्चर किया, फिर मार डाला। इसके बाद आरोपी उसे अथमलगोला थाना क्षेत्र की ओर ले गए, जहां उसकी बॉडी डंप कर दी गई। रवीश की बॉडी हाईवे किनारे डिकंपोज हालत में बरामद की गई।
आधी गली हुई हालत में मिली बंटी की लाश
11 जुलाई- अपहरण के 5 दिन बाद बंटी की लाश 60 किमी दूर अथमलगोला में मिली। उसका चेहरा कूचा हुआ था। आंख-नाक का कुछ भी पता नहीं चल रहा था। बाया हाथ ठीक था, लेकिन दाहिने हाथ की सिर्फ हड्डियां बची थीं। पूरे शरीर पर चोट के काले निशान थे। बॉडी गलनी शुरू हो चुकी थी।
पोस्टमार्टम करने वाले डॉ. अजय कुमार सिंह ने बताया, ‘युवक की पीट-पीटकर बेरहमी से हत्या की गई है। पोस्टमार्टम में गोली लगने या शरीर में छर्रे मिलने की पुष्टि नहीं हुई है।’
रिपोर्ट के मुताबिक, शरीर पर ईंट-पत्थर जैसे भारी चीजों से वार किया गया। उसके चेहरे और हाथ को कुचा गया। बंटी के दांए हाथ पर टैटू था। मर्डर के बाद बदमाशों ने उस टैटू को भी नुकीले चीज से गोदकर हटा दिया। बंटी के हाथ में एक कड़ा भी था। इसी कड़े से परिजन ने पहचान की।
वहीं, बंटी के परिजन का भी कहना है कि जिस दिन उसे अगवा किया गया, उस दिन या उसके कुछ घंटे बाद ही उसकी हत्या कर दी गई। इधर, परिवार के लोग पुलिस से मदद की गुहार लगाते रहे, लेकिन पुलिस जिंदा बंटी को नहीं ढूंढ पाई।
डेड बॉडी की तस्वीरें…

पटना के अथमल गोला में बंटी लाश मिली। उसका सिर और पैर जमीन में गड़ा मिला।

बंटी की बॉडी पर चोट के कई निशान भी मिले है। शरीर पर सिर्फ एक बनियान है।
पुलिस पर लापरवाही के आरोप
‘किडनैपिंग के बाद गुहार लगाते रहे, लाश तक हमने खोजी’
बंटी के भाई मुकुल ने कहा,”पुलिस ऐसा कोई काम बताए जो उन्होंने अपराधी के खिलाफ किया है? या मेरे परिवार के लिए किया है। अपराधी को भी मैंने ही पकड़ा। बॉडी भी मैंने ही खोजी। अब तक पुलिस को हमने 3 अपराधी को पकड़कर दिया है।
रवीश का भाई, अजीत का भाई और दूसरे लोग, इनका आपराधिक इतिहास है। ये सब मिले हुए हैं। एक CCTV कैमरा में रोहित को देखा गया। उसने ही मेरे भाई को धक्का देकर ऑटो में बैठाया था। जिस तरीके से पुलिस की कार्यशैली रही, पुलिस ने एक्शन नहीं लिया, वे लोग सिर्फ लापरवाही कर रहे हैं।
परिजन की माने तो किडनैपिंग से लेकर डेड बॉडी खोजने तक का काम उनलोगों ने ही किया। पुलिस बस कहती रही कि हमलोग तलाश रहे हैं।

अब जानिए परिजन ने क्या-क्या कहा
भाई ने कहा- कड़े से हमने लाश की पहचान की
बंटी के भाई मुकुल यादव ने कहा, ‘हमलोग 6 दिन से भाई को खोजने में जुटे थे। हम लोग पटना से 70-80 किलोमीटर दूर तक गए। लौटते समय अथमलगोला में देखा कि हाईवे किनारे बहुत भीड़ लगी थी। साइड में एक बॉडी पड़ी थी।
हम लोगों ने उसी वक्त शव की पहचान की। पुलिस को फोन किया तो उन लोगों ने भी कोई अपडेट नहीं दिया। कहा बॉडी मिलने की सूचना है, लेकिन अभी हमलोग वहां पहुंचे नहीं हैं।
बंटी के राइट हैंड पर टैटू था, जिसे बदमाशों ने नुकीले पत्थर से गोद-गोदकर मिटा दिया। बायां हाथ पूरी तरह से गल चुका था। सिर में इंजरी थी। बंटी के हाथ में एक कड़ा भी था।’

दोस्त बोला- 5 दिन पुरानी थी बॉडी
बंटी के दोस्त राजीव ने बताया, ‘स्थानीय लोगों ने खेत में शव पड़े होने की सूचना दी थी। देखने से ही लग रहा था कि शव 4-5 दिन पुराना है। खेत में शव मिलने से साफ है कि यह हत्या का मामला है।
बंटी इलाके में चल रहे सेक्स रैकेट का विरोध करता था। इसी मामले में सोमवार रात करीब 11.30 बजे किसी का फोन आया और उसे महावीर मंदिर के पास मिलने बुलाया। इसी दौरान 7-8 युवक उसे जबरन अपने साथ ले गए।’

कौन है रवीश?
रवीश न्यू करबिगहिया इलाके में सेक्स रैकेट चलाता है। इसकी टीम में सैकड़ों लड़कियों के साथ किन्नर भी शामिल हैं। रवीश पर कई क्रिमिनल रिकॉर्ड भी है। एक मामले में कुछ महीने पहले ही वह जेल से छूटकर आया है।
बंटी मोहल्ले में फास्ट फूड की दुकान चलाते थे। रवीश के साथ की किन्नर अक्सर उसकी दुकान के आसपास आकर खड़ी हो जाती थी। गलत तरीके से अवैध धंधा करती थी। बंटी इन सब चीजों का विरोध करता था।
15 दिन पहले रवीश के साथ इसी बात को लेकर उसकी लड़ाई हुई थी। उसका कहना था कि ये किन्नर यहां क्यों रोज आकर खड़ी होती है। बंटी उसे अपनी दुकान के पास से हटने और धंधा बंद करने के लिए कहता था। सेक्स रैकेट का विरोध करता था।

रवीश न्यू करबिगहिया इलाके में सेक्स रैकेट चलाता है।
बंटी के घरवालों ने थाने में काटा था बवाल
- 7 जुलाई- 6 जुलाई को अपहरण के बाद अगले दिन परिजन ने इसकी शिकायत कोतवाली थाने में की थी। बंटी की बरामदगी नहीं होने से नाराज परिजनों ने मंगलवार देर शाम कोतवाली थाने में जमकर बवाल काटा था। परिजन का आरोप था कि यदि पुलिस शुरुआत से तेजी से कार्रवाई करती तो अब तक बंटी का पता लगाया जा सकता था।
- 8 जुलाई- बुधवार को भी युवक के घर वालों ने सड़क जाम कर आगजनी की थी। स्थानीय लोगों ने न्यू करबिगहिया में 3 घंटे तक सड़क जाम किया था। मौके पर प्रशांत किशोर भी पहुंचे। उन्होंने कहा था कि 2 दिन में बंटी बरामद नहीं हुआ तो वे भी प्रदर्शन में स्थानीय लोगों का साथ देंगे।
हंगामे की 3 तस्वीरें देखिए….

बंटी के अपहरण के बाद गुस्साए लोगों ने सड़क पर आगजनी की।

प्रदर्शन के चलते मौके पर पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई।

बंटी की पत्नी का रो-रोककर बुरा हाल है।
सेक्स रैकेट का विरोध करता था बंटी, 15 दिन पहले हुआ था विवाद
स्थानीय लोगों से बातचीत में ये बात सामने आई कि बंटी सेक्स रैकेट चलाने का विरोध कर रहा था। स्थानीय लोगों के साथ बैठकों और विरोध प्रदर्शन में भी शामिल होता था। आनंद कुमार ने बताया, ‘करीब 15 दिन पहले विरोध प्रदर्शन के दौरान बंटी का रवीश से विवाद हुआ था। इस दौरान रवीश ने बंटी को देख लेने की धमकी दी थी।’
सोमवार की रात बंटी दही खरीदने के लिए पटना जंक्शन के पास गया था। वहीं कुछ लोगों ने उसके साथ मारपीट की। इसके बाद उसे ऑटो में बैठाकर ले जाया गया। इस मामले में पुलिस ने ऑटो चालक रवि उर्फ चंदू को पुलिस ने अरेस्ट किया है। चंदू ने बताया कि बंटी को ले जाने की एवज में उसे 10 हजार दिए गए थे।