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- In Gwalior, A Faulty Map Has Sparked Controversy, With An Elderly Man's Farm Extending 172 Meters Into The Forest.
ग्वालियर41 मिनट पहलेलेखक: दिनेश गुप्ता
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छोटे से गांव दुबही की आदिवासी बस्ती के गंगाराम की उम्र 72 साल है। जिस खेत में उन्होंने सालों फसल पैदा की वह गांव के नया नक्शा बनने के बाद 172 मीटर दूर जंगल में पहाड़ के पास पहुंच गया है। यहां खेती तो दूर आसानी से पहुंचना भी मुश्किल है।
कुछ समय पहले तक जिस 4 बीघा जमीन पर वे फसल पैदा कर परिवार पाल रहे थे वह नक्शे में दूसरे के नाम आने पर उसने अपने कब्जे में ले ली है। बुजुर्ग सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाकर थक चुका है, बीमार है। कुछ दिन गांव छोड़कर शहर के महाराजपुरा में 200 रुपए की दिहाड़ी पर मजदूरी की पर बाद में वापस गांव चला गया।
ऐसी परेशानी सिर्फ गंगाराम की नहीं है। राजस्व अफसरों के मुताबिक करीब 20 गांवों के लोग नए नक्शे बनने के बाद परेशान हैं। विवाद होने पर कुछ ने राजस्व न्यायालयों में प्रकरण भी दायर कर दिए हैं। दुबही के गंगाराम के मामले में अपर कलेक्टर सीबी प्रसाद ने कहा कि एसडीएम न्यायालय ने प्रकरण भेजा था। वर्तमान में यह कलेक्टर न्यायालय में प्रचलित है। ऐसे मामलों में कलेक्टर सूची आने पर फिर सर्वे प्रस्ताव आयुक्त भू संसाधन प्रबंधन को भेजेंगे। नोटिफिकेशन और सर्वे दल मौका देख नक्शों में संशोधन करते हैं। इनका प्रकाशन कर आपत्ति लेने के बाद फाइनल किया जाता है।
जमीन दबंगों ने कब्जाई तो मजदूरी की, न्याय की गुहार

वर्ष 2011-12 में हवाई सर्वे के बाद बने गांव के नए नक्शे ने ये विवाद खड़ा किया है। भू-प्रबंधन से पहले सर्वे नंबर 103 की जमीन गंगाराम के नाम थी और 107 किसी और के नाम। भू-प्रबंधन के बाद नए नक्शे में सर्वे नंबर 46 और 40 बने। इसी दौरान गड़बड़ी में पहाड़ से सटा 46 नंबर गंगाराम के नाम पर चढ़ गया है।
राजस्व अमले की गड़बड़ियों के ये मामले भी खास... 1 डबका के जितेंद्र ने कहा कि कुछ साल पहले सिंचाई विभाग ने गांव से नहर निकाली। इसके लिए भू-अर्जन की प्रक्रिया हुई। नहर परिवार के वासुदेव की जमीन से निकली पर 36 बिस्वा जमीन उनकी कम हो गई है। मुआवजा भी वासुदेव को ही मिला है। कई साल से वे खसरे के कॉलम 12 में सुधार की मांग कर रहे हैं। अब तो चक्कर लगा-लगाकर थक गए हैं। 2 किरावली के गोपाल ने कहा, बंदोबस्त के दौरान उनके सर्वे नंबर 410 की जमीन दूसरे के खाते में दिखा दी। उनका खेत छोटा हो गया। कलेक्टर न्यायालय से पक्ष में निर्णय हो चुका है पर राजस्व अमला अमल नहीं कर रहा। 3 तालपुरा के बंटी ने कहा, पूर्व में सर्वे नंबर 1092 को बदलकर 567 कर दिया। विवाद बढ़े तो पंचायत ने सभा कर राजस्व विभाग को बता दिया है। यहां के अफसरों ने भी गांव में सीमांकन सबंधी विवाद की पुष्टि की है। 4 सांखनी के ओमप्रकाश ने कहा, मां जमुना देवी का निधन जनवरी 2026 में हुआ। कुछ लोगों ने फर्जी वारिस बनकर फौती नामांतरण 6 सितंबर 2017 को करा लिया। अब नामांतरण निरस्त करवाने चक्कर लगा रहा हैं। (नोट: ये सारे मामले एसडीएम व तहसीलदार दफ्तरों की जांच में हैं)
जिले के 20 गांवों में ऐसे विवाद... बंदोबस्त व मजरा टोला के नक्शे बनाते समय चूक बंदोबस्त व मजरा टोला के नक्शे बनाते समय गलतियां होने से जिले के करीब 20 गांवों में ऐसे विवाद की बात राजस्व अमले ने स्वीकार की है। नक्शों की गलतियों के कारण विवाद वाले गांवों की सूची एसडीएम से मांगी है।
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