Sep 03, 2026 07:45 pm ISTलाइव हिन्दुस्तान

भारतीय NOTAM के बाद पाकिस्तान की ओर से सीमा क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाए जाने की जानकारी सामने आई है। सूत्रों के मुताबिक, पाकिस्तानी सुरक्षा बलों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं और भारतीय वायुसेना की गतिविधियों पर विशेष नजर रखी जा रही है।

भारत ने जारी किया 17 दिवसीय NOTAM
भारतीय वायुसेना की ओर से 21 सितंबर से 7 अक्टूबर तक जारी किए गए 17 दिवसीय एयरस्पेस रिजर्वेशन नोटिस (NOTAM) से पाकिस्तान टेंशन में हैं। वहां अभी से खलबली मची हुई है। शहबाज और मुनीर की नींद उड़ी हुई है किया आखिर भारत आसमान में क्या करने जा रहा है। यही कारण है कि भारतीय वायु क्षेत्र में लंबे समय के लिए किए गए नोटैम को लेकर इस्लामाबाद में हाई लेवल बैठक हो रही है। सीएनएन-न्यूज-18 की रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान के रक्षा अधिकारियों ने भारतीय नोटिस को गंभीरता से लेते हुए संभावित सैन्य गतिविधियों और उसके सुरक्षा प्रभावों का आकलन शुरू कर दिया है।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय वायुसेना के NOTAM के सामने आने के बाद पाकिस्तान के रक्षा मंत्रालय में एक आपात बैठक हुई। इस बैठक में भारतीय वायु क्षेत्र के आरक्षण, उसकी अवधि और सीमा के नजदीक संभावित हवाई गतिविधियों से जुड़े विभिन्न पहलुओं की समीक्षा की गई। मामले की रिपोर्ट पाकिस्तान के शीर्ष रक्षा नेतृत्व के समक्ष भी रखे जाने की बात सामने आई है।
क्या है NOTAM?
NOTAM यानी Notice to Airmen/Air Missions एक आधिकारिक हवाई सूचना होती है, जिसके जरिए विमानन क्षेत्र से जुड़े लोगों और एजेंसियों को किसी विशेष इलाके में संभावित हवाई गतिविधियों, प्रतिबंधों या अन्य महत्वपूर्ण बदलावों के बारे में जानकारी दी जाती है। सैन्य विमानन में भी NOTAM का इस्तेमाल प्रशिक्षण, अभ्यास और निर्धारित हवाई गतिविधियों के लिए किया जाता है। ऐसे नोटिस का जारी होना अपने आप में किसी सैन्य कार्रवाई का प्रमाण नहीं होता। हालांकि, जब किसी संवेदनशील सीमा क्षेत्र के आसपास लंबे समय के लिए हवाई क्षेत्र रिजर्व किया जाता है, तो पड़ोसी देश की सुरक्षा एजेंसियां उस पर नजर रखती हैं।
मौजूदा मामले में 21 सितंबर से 7 अक्टूबर तक की अवधि को लेकर पाकिस्तान की सुरक्षा एजेंसियां विशेष रूप से सतर्क बताई जा रही हैं। इतने लंबे समय तक प्रस्तावित हवाई गतिविधियों को देखते हुए इस्लामाबाद संभावित अभ्यास के स्वरूप, पैमाने और उद्देश्य का आकलन कर रहा है।
पाकिस्तान के रक्षा मंत्रालय में आपात बैठक
सीएनएन-न्यूज-18 ने एक शीर्ष सुरक्षा सूत्र के हवाले से बताया कि भारतीय नोटैम की जानकारी सामने आने के बाद पाकिस्तान के रक्षा मंत्रालय ने इसकी समीक्षा की। इसमें यह समझने की कोशिश की गई कि रिजर्व हवाई क्षेत्र का इस्तेमाल किस तरह की गतिविधियों के लिए किया जा सकता है और इसका पाकिस्तान की सुरक्षा व्यवस्था पर क्या असर पड़ सकता है।
रिपोर्ट के अनुसार, समीक्षा केवल सामान्य स्तर तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसे पाकिस्तान के शीर्ष रक्षा नेतृत्व तक पहुंचाया गया। बॉर्डर के नजदीक भारतीय सैन्य गतिविधियों से जुड़े किसी भी संभावित बदलाव को लेकर पाकिस्तान की सुरक्षा एजेंसियां अपने स्तर पर सूचनाएं जुटा रही हैं।
दरअसल, पाकिस्तानी अधिकारियों की चिंता का एक बड़ा कारण दोनों देशों के बीच मौजूद संवेदनशील सुरक्षा वातावरण भी माना जा रहा है। भारत और पाकिस्तान के बीच लंबे समय से सैन्य और रणनीतिक स्तर पर तनाव की स्थिति रही है। ऐसे में दोनों देशों की सेनाएं एक-दूसरे की सैन्य गतिविधियों पर लगातार नजर रखती हैं।