राजगढ़ में रविवार देर रात NH-52 पर टोल टैक्स के पास तेज रफ्तार ट्रक ने सड़क पर बैठे गोवंश को कुचल दिया। हादसे में एक बछड़े सहित 15 गायों की मौके पर ही मौत हो गई। दो गोवंश गंभीर रूप से घायल हो गए।
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हादसे के बाद ड्राइवर ट्रक लेकर भाग निकला। गो सेवकों ने पुलिस को सूचना दी और राजगढ़ की ओर बैरिकेड लगाकर ट्रक रोकने की तैयारी की। कोतवाली पुलिस ने कुछ ही देर में उसे पकड़कर ट्रक जब्त कर लिया।
सूचना मिलते ही गोसेवक और गोरक्षक बड़ी संख्या में मौके पर पहुंचे। सड़क पर जगह-जगह गोवंश के शव पड़े थे। हादसे के बाद कुछ देर हाईवे पर अफरा-तफरी का माहौल रहा।
4 तस्वीरें देखिए…

घटना के बाद हाईवे पर गायों के शव बिखरे।

कुछ ही दूरी पर गायों का दूसरा झुंड भी खड़ा था।

ग्रामीण गांव से घेरकर मवेशियों को सड़क पर छोड़कर जाते हैं।

गायों को रौंदने वाले ट्रक को पुलिस ने जब्त कर लिया है।
तमिलनाडु से लोहे के सरिए लेकर पंजाब जा रहा था ट्रक
ब्यावरा थाना प्रभारी मंजू मखेनिया ने बताया कि हादसे में एक बछड़े सहित 15 गायों की मौत हुई है। ट्रक तमिलनाडु से लोहे के सरिए लेकर पंजाब जा रहा था। चालक के खिलाफ पशु क्रूरता अधिनियम और खतरनाक तरीके से वाहन चलाने की धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।
गोवंश के सींगों पर रेडियम लगाने का अभियान चलाएंगे
थाना प्रभारी मंजू मखेनिया ने कहा कि ऐसे हादसे रोकने के लिए पुलिस और गोसेवक मिलकर सड़क पर घूमने वाले गोवंश के सींगों पर रेडियम लगाने का अभियान चलाएंगे, ताकि रात में वाहन चालकों को वे दूर से दिखाई दे सकें।
टोलकर्मी बोले- गांव वाले ऐसे ही छोड़कर जाते हैं मवेशी
टोल कर्मचारियों ने पुलिस को बताया कि आसपास के गांवों से लोग निराश्रित गोवंश को हाईवे किनारे छोड़ जाते हैं। रात में यही गोवंश सड़क पर बैठ जाता है और तेज रफ्तार वाहनों की चपेट में आ जाता है। यह समस्या लंबे समय से बनी हुई है।

गांव से घेरकर ग्रामीण सड़क पर आवारा गायों को छोड़ जाते हैं।
फसल बचाने के लिए गांव से बाहर छोड़ रहे गोवंश
स्थानीय लोगों के अनुसार, खरीफ सीजन में बुवाई के बाद किसान फसल बचाने के लिए आवारा गोवंश को गांव में नहीं घुसने देते। कई जगह उन्हें गांव की सीमा से बाहर और हाईवे किनारे छोड़ दिया जाता है।
भोजन और आश्रय की तलाश में यही गोवंश रात में राष्ट्रीय राजमार्ग और शहर की सड़कों पर बैठ जाता है। इससे न केवल पशुओं की जान जाती है, बल्कि सड़क हादसों का खतरा भी बढ़ता है।
बड़ी संख्या में निराश्रित गोवंश सड़कों पर क्यों घूम रहा?
स्थानीय लोगों ने सवाल उठाया कि जिले में 135 से अधिक सरकारी और गैर-सरकारी गौशालाएं होने के बावजूद बड़ी संख्या में निराश्रित गोवंश सड़कों पर क्यों घूम रहा है। उनका कहना है कि प्रशासन गांवों से गोवंश को गौशालाओं तक पहुंचाने की प्रभावी व्यवस्था करे और गौशालाओं की क्षमता बढ़ाए, तो ऐसे हादसे काफी हद तक रोके जा सकते हैं।
समस्या केवल NH-52 तक सीमित नहीं है। खिलचीपुर के तहसील चौराहे, ब्यावरा, राजगढ़ और जिले के अन्य कस्बों के प्रमुख मार्गों पर भी रात में बड़ी संख्या में गोवंश सड़क पर बैठा रहता है। इससे यातायात प्रभावित होता है और दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है।
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