
टनल के पास मौजूद रेस्क्यू टीम.
Chamoli News: उत्तराखंड के चमोली जिले में गुरुवार शाम निर्माणाधीन टनल में अचानक पानी और मलबा भरने से हड़कंप मच गया. घटना मायापुर (पीपलकोटी) इलाके की है, जहां टीएचडीसी की निर्माणाधीन टनल में काम चल रहा था. शाम करीब 7:05 बजे टनल में अचानक पानी का तेज बहाव आने और मलबा भरने की सूचना मिली. उस समय टनल के अंदर कई मजदूर काम कर रहे थे. पानी और मलबा भरने के बाद कुछ मजदूर अंदर ही फंस गए.
घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन, पुलिस और बचाव दल सक्रिय हो गए. शुरुआती जानकारी में टनल के अंदर 22 लोगों के फंसे होने की बात सामने आई. हालांकि, रेस्क्यू अभियान आगे बढ़ने के साथ बड़ी संख्या में मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया. प्रशासन के ताजा अपडेट के मुताबिक, अब तक 16 लोगों का सुरक्षित रेस्क्यू किया जा चुका है. इनमें से तीन मजदूरों की इलाज के दौरान मौत हो गई. बाकी लोगों को भी सुरक्षित बाहर निकालने के लिए अभियान जारी है.
अचानक पानी का तेज बहाव आने से मची अफरा-तफरी
बताया जा रहा कि टनल के अंदर मजदूर निर्माण कार्य में जुटे हुए थे. इसी दौरान अचानक पानी का तेज बहाव आने लगा. देखते ही देखते टनल के कुछ हिस्से में पानी और मलबा भर गया. इससे वहां काम कर रहे मजदूरों में अफरा-तफरी मच गई. कई लोग बाहर निकलने की कोशिश करने लगे. घटना की गंभीरता को देखते हुए तत्काल स्थानीय प्रशासन को सूचना दी गई. पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं. अंदर फंसे मजदूरों को बाहर निकालने का काम शुरू किया गया.

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टनल के अंदर फंसे मजदूरों की संख्या को लेकर अलग-अलग जानकारी सामने आई. पहले 18 से 19 लोगों के फंसे होने की बात कही गई. इसके बाद कुछ अपडेट में 6, 7 और फिर 8 मजदूरों को बाहर निकाले जाने की जानकारी सामने आई. रेस्क्यू अभियान लगातार आगे बढ़ने के बाद प्रशासन की ओर से बताया गया कि 16 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है. अब पता चल रहा है कि कुल 22 मजदूर फंसे थे. 16 के निकाले जाने के बाद अभी भी 6 मजदूर टनल में फंसे हुए हैं. अब प्रशासन की प्राथमिकता टनल में मौजूद बाकी लोगों को भी सुरक्षित बाहर निकालना है.
डीएम गौरव कुमार खुद मौके पर पहुंचे
घटना की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी गौरव कुमार खुद मौके पर पहुंच गए. उन्होंने घटनास्थल पर मौजूद अधिकारियों और रेस्क्यू टीमों से जानकारी ली. डीएम ने बचाव अभियान में लगे अधिकारियों को पूरी तत्परता और आपसी समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए हैं. जिला प्रशासन की ओर से टनल की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है. रेस्क्यू टीमों को जरूरी संसाधन भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं, ताकि अंदर फंसे लोगों तक जल्द से जल्द पहुंचा जा सके.

सेना से लेकर NDRF और SDRF तक जुटीं
रेस्क्यू ऑपरेशन को तेज करने के लिए कई एजेंसियों को मौके पर लगाया गया है. जिला प्रशासन और पुलिस के साथ एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, आईटीबीपी और सेना की टीमें भी बचाव अभियान में जुटी हैं. इसके अलावा स्थानीय पुलिस, सीआईएसएफ और अन्य संबंधित टीमें भी मौके पर मौजूद हैं. बचाव दल टनल के अंदर की स्थिति को देखते हुए सावधानी के साथ आगे बढ़ रहे हैं. पानी और मलबे के कारण चुनौती बढ़ी हुई है, लेकिन सभी टीमें लगातार काम कर रही हैं.
अस्पताल भेजे गए कुछ मजदूर
रेस्क्यू किए गए मजदूरों में से कुछ को चिकित्सकीय जांच के लिए अस्पताल भेजा गया है. शुरुआती जानकारी के मुताबिक, कम से कम दो मजदूरों को जिला अस्पताल गोपेश्वर ले जाया गयाय. अन्य मजदूरों को भी जरूरत के अनुसार अस्पताल पहुंचाने के लिए एंबुलेंस की व्यवस्था की गई है. फिलहाल प्रशासन की ओर से घायलों की स्थिति को लेकर विस्तृत जानकारी का इंतजार है. राहत की बात यह है कि अब तक 16 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है.
CM धामी ने बुलाई आपात बैठक
वहीं निर्माणाधीन टनल में हुए हादसे को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आपात परिचालन केंद्र में अधिकारियों के साथ आपात बैठक बुलाई. मुख्यमंत्री ने टनल हादसे में फंसे और घायल मजदूरों से बातचीत कर उनका हालचाल जाना और सभी घायलों को बेहतर से बेहतर उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए. उन्होंने राहत और बचाव अभियान की स्थिति की भी जानकारी ली. इसके साथ ही मौसम विभाग की ओर से जारी अलर्ट को देखते हुए मुख्यमंत्री ने प्रदेशभर के अधिकारियों को अलर्ट और एक्टिव मोड में रहने के निर्देश दिए हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन पूरी तरह तैयार रहे.
टनल हादसे के घायलों और मृतकों की सूची
जिला चिकित्सालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस घटना में जो घायल जिला चिकित्सालय में उपचार के लिए लाए गए हैं, उनके नाम इस प्रकार से हैं…
- चंदन कुमार सिंह (39), रोहताश, बिहार.
- रोहित पांडे (20) कल्यानपुर, बिहार.ट
- खेला राम (22) विसरा, झारखंड.
- दीना बेंगरा (26) ग्राम रोने, तुरपा, झारखंड.
- निस्तर मैंगरा (24) बेराकिसु टोली, झारखंड.
- पैल सिंह नेतांग (33) ग्राम समलपुर, गोंडा, छत्तीसगढ़.
- विनोद रायना (46) गुमला, झारखंड.
- हबील गुड़िया (27) टपरा, झारखंड.
- सुनील दीवान (20) ग्राम दही टोंगा, कोंडा, छत्तीसगढ़.
- सीवेक (42) ग्राम संग्रकला, जिला तरनतारन, पंजाब.
- तिलक राज (48) ग्राम शेरू, किहार, चंबा.
टनल हादसे के मृतकों के नाम
चमोली टनल हादसे में तीन मजदूरों की जान भी चली गई. जिन मजदूरों की जान गई, उनके नाम- प्रदीप पंवार (35) ग्राम गांवर, चंबा, टिहरी व मुकेश और दुर्लभ शर्मा हैं.

पूरन भिलंगवाल
वरिष्ठ पत्रकार पूरन भिलंगवाल को पत्रकारिता के क्षेत्र में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. उन्होंने सामाजिक, राजनीतिक, प्रशासनिक, न्यायिक तथा जनहित से जुड़े विषयों पर निष्पक्ष, तथ्यपरक और जिम्मेदार पत्रकारिता के माध्यम से अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है. राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, जोशीमठ (जिला चमोली) के छात्रसंघ अध्यक्ष रह चुके पूरन 15 वर्षों से अधिक समय से समाचार पत्रों में लेखन एवं रिपोर्टिंग का काम कर रहे हैं. उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया है. वर्तमान में वे चमोली से TV9 भारतवर्ष के संवादाता के रूप में जुड़े हुए हैं. पूर्व में वो एडीसी (सिविल) के सरकारी अधिवक्ता के रूप में अपनी सेवाएं दे चुके हैं. इससे उन्हें न्यायिक व्यवस्था, विधिक प्रक्रियाओं और प्रशासनिक विषयों की गहन समझ है. उन्होंने "पहाड़ Inside" नाम से अपना स्वतंत्र न्यूज़ पोर्टल भी संचालित किया, जिसने क्षेत्रीय और जनसरोकार से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया. लगभग दो वर्ष पूर्व अपरिहार्य कारणों से इसका संचालन बंद कर दिया गया, किंतु स्वतंत्र एवं जनपक्षीय पत्रकारिता के प्रति उनकी प्रतिबद्धता आज भी बनी हुई है.
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