केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय के प्रयासों के बाद, NHAI ने पुलों की गुणवत्ता जांच के लिए 16 विशेषज्ञों का एक पैनल बनाया है। ...और पढ़ें

पुल ढांचों की जांच के लिए बना 16 विशेषज्ञों का पैनल। (यह तस्वीर एआई द्वारा बनाई गई है)
HighLights
NHAI ने पुलों की गुणवत्ता जांच हेतु 16 विशेषज्ञों का पैनल बनाया।
पैनल 24 घंटे में जांच शुरू कर, सात दिन में रिपोर्ट सौंपेगा।
यह पहल राष्ट्रीय राजमार्गों पर पुलों की निगरानी को मजबूत करेगी।
जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय पुलों की गुणवत्ता को लेकर लगातार प्रयासरत है। आईआईटी सहित देश के प्रमुख तकनीकी संस्थानों को इनकी डिजाइन की जांच के लिए साथ जोड़ा है।
पुलों की हेल्थ रिपोर्ट बनाने के लिए नई समय सीमा तय कर दी है। अब इसी क्रम में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने भी विशेषज्ञों की उस सूची को अपडेट कर संख्या बढ़ा दी है, जिनके जिम्मे देश में कहीं भी पुल ढांचों में खामी शिकायत मिलने पर वह निरीक्षण कर समयबद्ध रूप से जांच रिपोर्ट प्राधिकरण को सौंपेंगे।
राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क पर पुल और छह मीटर से अधिक लंबाई वाली पुलियों, अंडरपास और ओवरपास की संख्या 1.7 लाख से अधिक है। इनकी गुणवत्ता की निगरानी के तंत्र को और मजबूत करने की कसरत लगातार चल रही है।
पुल विशेषज्ञों को इम्पैनल्ड कर उनसे समय-समय पर जांच कराने की व्यवस्था तो लंबे समय से चली आ रही है, लेकिन अब प्राधिकरण ने उस सूची को अपडेट कर विशेषज्ञों की संख्या को इस उद्देश्य से बढ़ाया है कि निर्माण और संचालन एवं रखरखाव के दौरान यदि किसी पुल, ओवरपास या अंडरपास में तकनीकी खामी सामने आती है तो निर्धारित एसओपी के तहत तुरंत जांच कराई जा सके।
एनएचएआई ने इस सूची में दस से बढ़ाकर 16 विशेषज्ञों को शामिल किया है। इनकी जिम्मेदारी होगी कि कहीं भी तकनीकी खामी सामने आने पर इनमें से गठित तीन सदस्यों की विशेषज्ञ समिति 24 घंटे के भीतर जांच शुरू करेगी। तीन दिन में आरंभिक रिपोर्ट और सात दिन के अंदर अंतिम रिपोर्ट सौंपेगी। उसके आधार पर ही संबंधित इंजीनियर या ठेकेदार फर्म के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
विशेषज्ञों की सूची में एनएचएआई के सेवानिवृत्त एडीजी आरके पांडेय, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के सेवानिवृत्त एडीजी एके श्रीवास्तव, मंत्रालय के सेवानिवृत्त डीजीआरडी एसके निर्मल, राइट्स के रिटायर्ड ईडी अशोक कुमार माथुर, यूपी ब्रिज कारपोरेशन के सेवानिवृत्त संयुक्त प्रबंध निदेशक उपेंद्र शुक्ल, सीएसआइआर के मुख्य वैज्ञानिक प्रो. अविनाश कुमार, पीडब्ल्यूडी और ओबीसीसी के तकनीकी सलाहकार नारायण चंद्र पाल सहित निजी कंपनियों के विशेषज्ञ शामिल किए गए हैं।