Sep 03, 2026 09:50 am ISTलाइव हिन्दुस्तान

मुख्य बातें
- Gold Silver Price: सुबह के कारोबार में एमसीएक्स पर सोना 0.75% बढ़कर ₹1,53,542 प्रति 10 ग्राम पर था, जबकि चांदी का भाव 0.88% बढ़कर ₹2,38,340 प्रति किलोग्राम पर पहुंच गया था
- इससे पहले पिछले कई दिनों से सोने-चांदी के भाव गिर रहे थे

सोने का भाव आज गिरा और चांदी के रेट में इजाफा
आज सुबह कमोडिटी मार्केट खुलते ही सोने-चांदी की कीमतों में तेजी देखने को मिली। गुरुवार, 3 सितंबर को एमसीएक्स पर सुबह के सौदों में सोने और चांदी की कीमतों में 1% तक की बढ़ोतरी हुई, जिसे अमेरिकी डॉलर और बॉन्ड यील्ड में कमी का समर्थन मिला।
गुरुवार सुबह के कारोबार में एमसीएक्स पर सोना 0.75% बढ़कर ₹1,53,542 प्रति 10 ग्राम पर था, जबकि चांदी का भाव 0.88% बढ़कर ₹2,38,340 प्रति किलोग्राम पर पहुंच गया था। इससे पहले पिछले कई दिनों से सोने-चांदी के भाव गिर रहे थे।
दूसरी ओर इंटरनेशनल मार्केट में भी सोना महंगा हुआ है। सिंगापुर में सुबह 7:56 बजे तुरंत डिलीवरी वाला स्पॉट गोल्ड 0.1% बढ़कर 4,386.94 डॉलर प्रति औंस पर था। चांदी 0.1% बढ़कर 65.38 डॉलर प्रति औंस पर रही। प्लैटिनम और पैलेडियम में बहुत मामूली बदलाव हुआ। एक दिन पहले इसमें 1% की तेजी आई थी, जिससे तीन दिनों की गिरावट रुकी थी।
सोने के भाव में तेजी के कारण
- अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के मध्य पूर्व में लंबी सैन्य कार्रवाई से इनकार करने के बाद सोने की कीमतों में बढ़त बनी रही। इससे ऊर्जा की कीमतों में आई ताजा बढ़ोतरी से पैदा हुई महंगाई की चिंताएं कम हुईं।
- तेल की कीमतों में बढ़ोतरी की रफ्तार धीमी पड़ी हैं। वहीं, नई लड़ाई ने एक लंबे युद्ध का डर पैदा कर दिया था, जिससे महंगाई बढ़ने का खतरा बढ़ गया था। इनके अलावा,
- बुधवार को डॉलर की वैल्यू में थोड़ी गिरावट आई, क्योंकि जापानी करेंसी येन में तेज उछाल दर्ज की गई। बता दें कमजोर डॉलर सोने को विदेशी मुद्रा वाले निवेशकों के लिए अधिक आकर्षक बनाता है।
कम हो रहा टैरिफ का असर
न्यूयॉर्क फेडरल रिजर्व बैंक के चेयरमैन जॉन विलियम्स ने कहा कि टैरिफ के असर के कम होने से महंगाई घटने के संकेत मिल रहे हैं, और ऊर्जा की ऊंची कीमतें अन्य सेवाओं तक नहीं फैल रही हैं। इससे ब्याज दर बढ़ोतरी की उम्मीदें घट गईं। इस बात को और समर्थन मिला उस आंकड़े से जिसमें बताया गया कि अमेरिकी कंपनियों ने अगस्त में धीमी गति से नई नौकरियां जोड़ीं।
यह सब उस समय आया है, जब शुक्रवार को फेड चेयरमैन केविन वार्श के कड़े भाषण ने उम्मीदें बढ़ा दी थीं कि अमेरिकी केंद्रीय बैंक को दो हफ्तों में होने वाली बैठक में महंगाई काबू करने के लिए ब्याज दरें बढ़ानी पड़ सकती हैं।
(डिस्क्लेमर: एक्सपर्ट्स की सिफारिशें, सुझाव, विचार और राय उनके अपने हैं, लाइव हिन्दुस्तान के नहीं। कमोडिटी मार्केट में निवेश जोखिमों के अधीन है और निवेश से पहले अपने एडवाइजर से परामर्श कर लें।)
लेखक के बारे में
Drigraj Madheshia
दृगराज मद्धेशिया पिछले 21 वर्षों से पत्रकारिता जगत का एक विश्वसनीय चेहरा हैं। वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' की बिजनेस टीम के एक महत्वपूर्ण सदस्य के रूप में, वे शेयर बाजार, कमोडिटी, पर्सनल फाइनेंस और यूटिलिटी सेक्टर पर अपनी गहरी पकड़ रखते हैं। वह कलम से बाजार की नब्ज टटोलने वाले एक पत्रकार हैं, जो शेयर बाजार से लेकर आपकी जेब (Personal Finance) तक, हर खबर को आसान बनाते हैं। टीवी, प्रिंट और डिजिटल मीडिया के अपने विस्तृत अनुभव के साथ, दृगराज जटिल मार्केट डेटा को आम पाठकों के लिए 'कुछ अलग' और आसान भाषा में पेश करने के लिए पहचाने जाते हैं। उन्होंने अपने करियर में हिन्दुस्तान, सहारा समय, दैनिक जागरण और न्यूज नेशन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं। मूलत: उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले के रहने वाले दृगराज मैथ्स बैकग्राउंड होने के कारण डेटा और कैलकुलेशन में माहिर हैं, जो बिजनेस पत्रकारिता के लिए एक बड़ा प्लस पॉइंट है। उन्होंने कॅरियर की शुरुआत गोरखपुर से सहारा समय साप्ताहिक से बतौर फ्रीलांसर की और बहुत ही जल्द सहारा समय उत्तर प्रदेश/उत्तराखंड के हिस्सा बन गए। इसके बाद छत्तीसगढ़ में वॉच न्यूज से जुड़े। टीवी को छोड़ हिन्दुस्तान अखबार के बरेली एडिशन की लॉन्चिंग टीम का हिस्सा बने। साढ़े सात साल की मैराथन पारी के बाद अगला पड़ाव न्यूज नेशन डिजिटल रहा। इसके बाद एक बार फिर हिन्दुस्तान दिल्ली से जुड़े और अब डिजिटल टीम का हिस्सा हैं। और पढ़ें