Updated On: Jul 11, 2026 | 03:20 PM IST
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सार
Bhandara Mahajyoti Budget: विधान परिषद में विधायक डॉ। परिणय फुके ने ओबीसी समाज की आबादी के अनुपात में महाज्योति के लिए 1500 करोड़ रुपये का बजट देने की मांग की।

Parinay Phuke (सोर्सः फाइल फोटो-सोशल मीडिया)
विस्तार
Maharashtra Legislative Council: विधान परिषद में विधायक डॉ. परिणय फुके ने महाराष्ट्र के अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) समाज की आबादी के अनुपात में महात्मा ज्योतिबा फुले अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्था (महाज्योति) को 1500 करोड़ रुपये का बजट उपलब्ध कराने की जोरदार मांग उठाई। उन्होंने कहा कि राज्य की लगभग 60 प्रतिशत ओबीसी आबादी के लिए कार्य करने वाली संस्था को वर्तमान में मिलने वाला बजट उसकी जिम्मेदारियों की तुलना में बेहद कम है।
डॉ. परिणय फुके ने कहा कि राज्य सरकार सारथी, बार्टी और महाज्योति तीनों संस्थाओं को लगभग समान बजट देती है। जबकि सारथी लगभग 16 प्रतिशत मराठा समाज, बार्टी 13 प्रतिशत अनुसूचित जाति समाज और महाज्योति राज्य के लगभग 60 प्रतिशत ओबीसी समाज के लिए कार्य करती है।
ओबीसी समाज के लिए बढ़ी उम्मीदें
उन्होंने बताया कि ओबीसी समाज की 350 से अधिक जातियों और करीब 7 करोड़ नागरिकों के शैक्षणिक एवं कौशल विकास की जिम्मेदारी महाज्योति पर है। इसलिए संस्था को आबादी के अनुरूप बजट मिलना चाहिए। उन्होंने सदन को याद दिलाया कि पिछले अधिवेशन में सरकार ने महाज्योति को 1500 करोड़ रुपये का बजट देने पर सकारात्मक रुख अपनाया था तथा तत्कालीन उपमुख्यमंत्री अजीत पवार ने भी आबादी के आधार पर बजट देने की बात स्वीकार की थी।
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वित्त विभाग को भेजा गया प्रस्ताव : सावे
अन्य पिछड़ा बहुजन कल्याण मंत्री अतुल सावे ने बताया कि महाज्योति का बजट 1500 करोड़ रुपये करने का प्रस्ताव वित्त विभाग को भेजा गया है। फिलहाल संस्था के लिए 728 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।
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इनमें 499 करोड़ रुपये विभिन्न योजनाओं, 1 करोड़ रुपये वेतन तथा नागपुर में प्रशासनिक भवन एवं छात्रावास तथा नासिक में छात्रावास निर्माण के लिए 228 करोड़ रुपये शामिल हैं। उन्होंने बताया कि महाज्योति के माध्यम से 6900 प्रशिक्षुओं और 14 हजार विद्यार्थियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है तथा यूपीएससी में 100, एमपीएससी में 371 और अन्य क्षेत्रों में लगभग 2 हजार विद्यार्थियों ने सफलता प्राप्त की है।
