September 19, 2026

पहले एक्सीडेंट माना, 150 CCTV से खुला हत्या का राज: झांसी में मोबाइल से भी डाटा हटाया, ड्रग सप्लायर के मर्डर में सिपाही समेत 8 अरेस्ट - Jhansi News

झांसी में ड्रग सप्लायर लॉ स्टूडेंट परवेज अली (21) की हत्या में पुलिस की जांच शुरूआत में भटक गई थी। पुलिस अफसर भी इसे महज एक एक्सीडेंट मान रहे थे। लेकिन पोस्टमार्टम में पैर पर मिले दांतों से काटने के लगभग 6 निशानों ने शक पैदा कर दिया। एसएसपी विकास कुम

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150 सीसीटीवी कैमरे खंगालने के बाद पुलिस को एक लाल रंग की मारूति एसक्रास कार दिखी। कार सवार युवक को पकड़ा गया। साथ ही परवेज अली के मोबाइल की सीडीआर निकाली गई। लास्ट कॉल करने वाले युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। तब ऐसे नेटवर्क का पता चला, जिससे पुलिस अफसर भी हैरान रह गए।

एक सिपाही और उसकी गैंग ने रंगदारी के लिए परवेज अली की हत्या की थी। वे उसे ड्रग्स के साथ पकड़कर मोटी रकम वसूलना चाहते थे। उसे ड्रग्स का सैंपल लेकर बुलाया और फंसाने के लिए वीडियो बनाने लगे। इसकी भनक लगने पर परवेज अली विरोध करने लगे।

तब आरोपियों ने पीट पीटकर उसकी हत्या कर दी थी। आरोपियों ने परवेज अली के मोबाइल से डाटा भी हटा दिया था। शुक्रवार को पुलिस ने प्रेमनगर थाना के एक सिपाही आशीष सिंह समेत 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

झांसी पुलिस ने सिपाही समेत 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

झांसी पुलिस ने सिपाही समेत 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

6 महीने से ड्रग्स सप्लाई कर रहा था परवेज

परवेज अली (21) प्रेमनगर थाना क्षेत्र के नहर रोड पर विजय नगर का रहने वाला था। पिता एहसान हैदरी रेलवे में सीनियर सेक्शन इंजीनियर के पद से रिटायर्ड हैं। दो भाइयों में परवेज छोटा था। बड़े भाई का नाम दानिश अली है। परवेज अली बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी में बीए एलएलबी फाइनल ईयर में पढ़ रहा था।

परवेज ड्रग्स सप्लाई का काम करता था। इसकी भनक प्रेमनगर थाने के सिपाही आशीष सिंह और उसके साथियों को लग गई थी। इसके बाद सभी ने परवेज से मोटी रकम वसूलने की साजिश रची।

सबसे पहले साहिल नाम के आरोपी ने परवेज अली से नजदीकी बढ़ाई। उससे बड़ी मात्रा में मेफेड्रोन ड्रग्स की डिमांड की। कुछ दिन टालने के बाद परवेज ड्रग्स देने को तैयार हो गया। तब साहिल ने 5 हजार रुपए ऑनलाइन ट्रांसफर करने के बाद उसे सैंपल लेकर बुलाया।

सैंपल दिखाने की रात को हुई हत्या

13 सितंबर की रात करीब 9 बजे सिपाही आशीष सिंह और उसके 10 साथी पूरी प्लानिंग के साथ मिले। 3 कारों में आरोपी सवार होकर निकल पड़े। थोड़ी देर बाद रात करीब 9:30 बजे परवेज घर से कैब बुक करके निकला। वो सुकुवां-ढुकुवां कॉलोनी में दोस्तों के पास पहुंच गया।

थोड़ी देर बाद आरोपियों ने फोन कर उसे बुलाया। एक दोस्त ने परवेज को कॉलोनी के मेन गेट पर छोड़ दिया। यहां परवेज आरोपी साहिल कार में सवार हो गया। थोड़ी दूर जाने के बाद दूसरी कार से भूपेंद्र वंशकार, शनि नामदेव समेत 3 आरोपी उतरे और परवेज के साथ बैठ गए।

आरोपियों से 7 मोबाइल और 3 कारें बरामद हुई हैं।

आरोपियों से 7 मोबाइल और 3 कारें बरामद हुई हैं।

परवेज का वीडियो बनाने लगे आरोपी

एसएसपी ने बताया- आरोपियों की साजिश थी कि वे सैंपल दिखाते हुए परवेज का वीडियो बना लेंगे। इसके बाद उसे प्रेमनगर थाना क्षेत्र में ले जाएंगे। यहां सिपाही अपने साथियों के साथ कार को घेरकर परवेज को पकड़ लेगा। इसके बाद उससे मोटी रकम वसूली जाएगी।

मगर, कार के अंदर जैसे ही आरोपियों ने वीडियो बनाना शुरू किया, परवेज को शक हो गया। उसने विरोध करना शुरू कर दिया। इस पर दोनों पक्षों में हाथापाई शुरू हो गई। आरोपियों की संख्या ज्यादा थी, उसने बचने के लिए परवेज ने एक आरोपी को काट लिया।

रिप्लाई में आरोपी भूपेंद्र वंशकार और शनि नामदेव ने भी परवेज के पैर पर कई जगह काट लिया। इसके बाद दोनों ने मारपीट कर दी। साथियों ने मना किया, फिर भी वो लोग नहीं माने। सभी नगरा हाट मैदान में पहुंच गए। वहां परवेज कार से उतरा तो गिर गया। इसके बाद दोबारा सभी आरोपी एक जगह मिले और वहां से फरार हो गए।

मृतक परवेज अली के पैर पर बने दांतों से काटने के निशान। (फाइल फोटो)

मृतक परवेज अली के पैर पर बने दांतों से काटने के निशान। (फाइल फोटो)

5 महिला पुलिस अफसरों ने किया खुलासा

नगरा हाट मैदान में परवेज अली लहूलुहान हाल में मिला। तब उसे पुलिस ने मेडिकल कॉलेज पहुंचाया। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। प्रथम दृष्टया यह मामला एक्सीडेंट का लग रहा था। लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट में चोटों की पुष्टि हुई। इस पर 14 सितंबर को प्रेमनगर थाने में अज्ञात के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया था।

तब एडिशनल एसपी आरीबा नोमान के नेतृत्व में 5 महिला अधिकारियों को लगाया। इसमें एसपी सिटी प्रीति सिंह, एएसपी सिमरन सिंह, सीओ क्राइम प्रिया सिंह और सीओ महिला सुरक्षा आसमा ने काम किया।

परवेज अली की मौत के बाद परिजनों से जानकारी लेती पुलिस। (फाइल फोटो)

परवेज अली की मौत के बाद परिजनों से जानकारी लेती पुलिस। (फाइल फोटो)

इन 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया

कड़ी से कड़ी जोड़ते हुए शुक्रवार को प्रेमनगर थाने के सिपाही आशीष सिंह (30), प्रयांश सोनी (30), जय श्रीवास्तव उर्फ अमन (24), साहिल मिश्रा (21), भूपेंद्र वंशकार (23), तलैया मोहल्ला निवासी अर्शिल खान, यश शिवहरे उर्फ बिट्‌टू (23) शनि नामदेव (24) को गिरफ्तार किया। सिपाही बांदा का रहने वाला है। वर्तमान में आरोपी जय श्रीवास्ताव के घर में किराए से रहता है। आरोपियों से 3 कार, 7 मोबाइल बरामद हुए हैं।

मृतक की जेब में मिला था सैंपल

एसएसपी ने बताया- मृतक की जेब से एक नोट पर वाइट पाउडर बरामद हुआ है। जिसे फोरेंसिक जांच के लिए भेजा है। वो ड्रग्स है। भूपेंद्र और शनि ने परवेज के पैर पर दांतों से काटा था। दांत के सैंपल लिए जा रहे हैं। इसके अलावा दो लाख रुपए के ट्राजेक्शन मिले हैं। 3 आरोपी फरार हैं, जिनकी भूमिका की जांच करते हुए उनकी तलाश की जा रही है।