भिवानी नगर परिषद के सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के कारण दिनोद गेट पर लगा कूड़े का ढेर सड़क पर भी बिखरा।
भिवानी में नगर परिषद कर्मचारियों की हड़ताल के कारण सफाई व्यवस्था चर्मराई हुई है। कर्मचारी 6 अगस्त से हड़ताल पर हैं, ऐसे में शहर से निकलने वाला कूड़ा सड़कों पर व सड़कों के किनारे ढेर के रूप में पड़ा है। जिस कारण लोगों को भी परेशानी होने लगी है। इधर, नगर परि
.
भिवानी शहर में प्रतिदिन 150-200 मीट्रिक टन कचरा निकलता है। वहीं, भिवानी नगर परिषद के कर्मचारी 6 अगस्त से हड़ताल पर हैं। वहीं बार-बार समय अवधि बढ़ रही है। अब कर्मचारियों की सरकार के साथ बैठक विफल रही, जिसके बाद हड़ताल जारी रहने का फैसला लिया गया है।

भिवानी नगर परिषद में धरने पर बैठे कर्मचारी।
जिले के 608 कर्मचारी हड़ताल पर
हरियाणा नगर पालिका कर्मचारी संघ के राज्य सचिव पुरुषोत्तम दानव ने बताया कि सरकार द्वारा उनकी मांगों को पूरा नहीं किया गया, जिस कारण हड़ताल 18 अगस्त तक बढ़ा दी है। उन्होंने बताया कि भिवानी नगर परिषद में कुल 199 पक्के कर्मचारी, 157 कच्चे कर्मचारी व 200 डोर-टू-डोर कूड़ा उठान के कर्मचारी हैं।
इसके अलावा लोहारू नगर पालिका में 45 कर्मचारी व बवानीखेड़ा में 7 कर्मचारी हड़ताल पर हैं। उन्होंने कहा कि जल्द से जल्द सरकार उनकी 13 मई को मानी गई मांगों को लागू करे। मांग पूरी नहीं होने तक हड़ताल जारी रहेगी।
इसके अलावा डोर-टू-डोर के कर्मचारी भी है। लेकिन सफाई कर्मचारी हड़ताल पर होने के चलते जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हुए हैं। इधर, हड़ताल पर चल रहे सफाई कर्मचारियों की मांग है कि 13 मई को सरकार के साथ समझौता हुआ था, जिसमें उनकी मांगों को माना गया था, उन मांगों को अभी तक लागू नहीं किया गया। जिन्हें जल्द से जल्द लागू किया जाए।

कर्मचारियों की हड़ताल के चलते लगे कूड़े के ढेर।
प्रदेशभर में चल रही हड़ताल
नगर परिषद के चेयरपर्सन प्रतिनिधि भवानी प्रताप ने कहा कि नगर परिषद के सफाई कर्मचारियों की हड़ताल प्रदेश स्तर पर चल रही है। कर्मचारियों व सरकार के बीच करीब 2 महीने पहले हड़ताल के बाद बातचीत हुई थी। लेकिन मांग पूरी नहीं हुई है। जिस कारण हड़ताल जारी है। सरकार भी इस विषय पर संज्ञान लेकर बातचीत कर रही है। पूरा विश्वास है कि मुख्यमंत्री कर्मचारियों की बात समझकर निर्णय लेंगे।

नगर परिषद के चेयरपर्सन प्रतिनिधि भवानी प्रताप।
वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की
शहर में लगे कूड़े के ढेर को लेकर भवानी प्रताप ने कहा कि सरकार व कर्मचारियों के बीच बातचीत के बाद जैसे ही हड़ताल खत्म होगी तो तुरंत प्रभाव से एक दिन के अंदर ही पूरे कचरे का उठान कर देंगे।
वैकल्पिक व्यवस्था करने पर उन्होंने कहा कि अभी तो ऐसी व्यवस्था नहीं की है। सफाई भी इन कर्मचारियों के माध्यम से ही की जाती है। अगर प्रशासनिक स्तर पर कोई निर्णय लिया जाएगा तो इस तरह की कोई बात नहीं हुई है। उम्मीद है कि सरकार इस मामले का पटाक्षेप कर देगी।