भोपाल में 15 नवंबर को आत्मनिर्भर शिक्षक समूह का पहला स्थापना दिवस आयोजित होगा। कार्यक्रम में शिक्षकों की सामाजिक छवि, अधिकार, आचार संहिता और शिक्षा में भूमिका पर चर्चा होगी। शिक्षकों की अकादमिक परिषद ACT के गठन और आगामी रणनीति पर भी मंथन होगा।
भोपाल में 15 नवंबर को आत्मनिर्भर शिक्षक समूह का पहला स्थापना दिवस आयोजित होगा।
- Published: 23 Sep 2026, 02:23 PM IST
- Last Updated: 23 Sep 2026, 02:23 PM IST
भोपाल। शिक्षकों की भूमिका, उनके अधिकार, सामाजिक छवि और शिक्षा व्यवस्था में भागीदारी जैसे मुद्दों पर चर्चा के लिए आत्मनिर्भर शिक्षक समूह का पहला स्थापना दिवस 15 नवंबर 2026, रविवार को भोपाल में आयोजित किया जाएगा।
कार्यक्रम में समूह की करीब एक वर्ष की गतिविधियों की प्रस्तुति के साथ आगामी रणनीति पर चर्चा होगी। इस दौरान शिक्षकों की अकादमिक परिषद (ACT) के गठन के प्रस्ताव पर भी विचार किया जाएगा।
समूह की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, 5 सितंबर 2025 को समाप्त हुए शिक्षक संदर्भ समूह की उपयोगिता को देखते हुए शिक्षकों ने इसका पुनर्गठन किया था। इसके बाद 15 नवंबर 2025 से इसे आत्मनिर्भर शिक्षक संदर्भ समूह के रूप में संचालित करने का निर्णय लिया गया।
करीब एक वर्ष की अवधि में शिक्षक जागरण से जुड़े विभिन्न प्रयास किए गए हैं। स्थापना दिवस के अवसर पर इन गतिविधियों की समीक्षा और भविष्य की कार्ययोजना तैयार की जाएगी।
शिक्षकों के बीच रचनात्मक और मैत्रीपूर्ण मंच बनाने का दावा
- समूह का कहना है कि यह शिक्षकों का, शिक्षकों द्वारा और शिक्षकों के लिए संचालित रचनात्मक मैत्री समूह है।
- समूह के अनुसार इसका उद्देश्य शिक्षकों में आत्मनिर्भरता, आत्मविश्वास और अपनी भूमिका के प्रति जागरूकता विकसित करना है।
- समूह अपनी गतिविधियों को स्वयं के संसाधनों और निर्धारित कार्यपद्धति के आधार पर संचालित करने की बात कहता है।
- स्थापना दिवस समारोह में समूह से जुड़े शिक्षकों के साथ अन्य शिक्षकों को भी शामिल होने का आह्वान किया गया है।
- आयोजकों के अनुसार कार्यक्रम केवल स्थापना दिवस तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि शिक्षकों की वर्तमान स्थिति और भविष्य की भूमिका पर व्यापक चर्चा का मंच भी बनेगा।
सरकारी शिक्षकों की सामाजिक छवि पर चर्चा
समूह की ओर से शिक्षकों के सामने मौजूद कई सवालों को चर्चा के लिए रखा गया है। इनमें सरकारी स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों की सामाजिक छवि, शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर उनकी राय रखने की स्वतंत्रता और अपने साथ होने वाले अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने जैसे विषय शामिल हैं।
आयोजकों का सवाल है कि यदि सरकारी स्कूल के शिक्षकों की सामाजिक छवि नकारात्मक बन रही है तो इसके लिए जिम्मेदारी किसकी है। साथ ही यह मुद्दा भी उठाया गया है कि सरकारी शिक्षक शिक्षा से जुड़े विषयों पर अपनी राय कितनी स्वतंत्रता के साथ रख सकते हैं।
आचार संहिता और शिक्षकों के अधिकार पर मंथन
समूह की ओर से शिक्षकों के सामने आने वाली प्रशासनिक चुनौतियों को भी स्थापना दिवस की चर्चा का हिस्सा बनाने की बात कही गई है।
आयोजकों का कहना है कि जब कोई सरकारी शिक्षक अपने साथ हुए अन्याय या अत्याचार के खिलाफ आवाज उठाता है, तो कई बार इसे आचार संहिता के उल्लंघन के रूप में देखा जाता है।
समूह ने यह सवाल भी उठाया है कि शिक्षकों को सरकार और समाज में केवल कर्मचारी या नौकरी करने वाले व्यक्ति के रूप में देखने के बजाय उनकी व्यापक शैक्षणिक और सामाजिक भूमिका को कैसे स्थापित किया जाए। इन विषयों पर कार्यक्रम में विचार-विमर्श प्रस्तावित है।
शिक्षकों के लिए अलग आचार संहिता पर भी विचार
- स्थापना दिवस के दौरान शिक्षकों की भूमिका और उत्तरदायित्व को लेकर पृथक आचार संहिता की जरूरत पर भी चर्चा की जाएगी।
- समूह का कहना है कि शिक्षकों की भूमिका केवल सरकारी सेवा तक सीमित नहीं है, बल्कि वे विद्यार्थियों और समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
- इसी संदर्भ में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में शिक्षकों की भूमिका को लेकर किए गए प्रावधानों पर भी चर्चा प्रस्तावित है।
- समूह यह विचार सामने रखेगा कि शिक्षक समाज और सरकार के स्तर पर अपनी अपेक्षित भूमिका के अनुरूप किस तरह प्रभावी योगदान दे सकते हैं।
ACT के गठन पर बनेगी रणनीति
कार्यक्रम का एक प्रमुख विषय शिक्षकों की अकादमिक परिषद यानी Academic Council of Teachers (ACT) का गठन रहेगा।
समूह से जुड़े पदाधिकारियों के अनुसार, परिषद के माध्यम से शिक्षकों को अकादमिक और शैक्षणिक विषयों पर अपनी बात रखने के लिए एक संगठित मंच उपलब्ध कराने की दिशा में विचार किया जाएगा।
स्थापना दिवस के दौरान ACT के स्वरूप, उद्देश्य और आगामी कार्ययोजना को लेकर चर्चा की जाएगी।
इसके साथ ही समूह की भविष्य की गतिविधियों और शिक्षक जागरण अभियान की रणनीति भी निर्धारित की जाएगी।
शिक्षकों से कार्यक्रम में शामिल होने की अपील
आत्मनिर्भर शिक्षक समूह की राज्य समन्वयक उमा उपाध्याय और संस्थापक डॉ. दामोदर जैन ने समूह से जुड़े शिक्षकों से अपने परिचित शिक्षकों के साथ 15 नवंबर को भोपाल में आयोजित स्थापना दिवस समारोह में सहभागिता करने की अपील की है।
आयोजकों के अनुसार स्थापना दिवस का उद्देश्य शिक्षकों को अपनी भूमिका, अधिकार, जिम्मेदारी और शैक्षणिक योगदान को लेकर सामूहिक रूप से विचार करने का अवसर देना है। कार्यक्रम में आगामी एक वर्ष के लिए समूह की गतिविधियों और रणनीति पर भी निर्णय लिया जाएगा।