Uttarakhand News: देहरादून में सड़कों की बदहाली और बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटों की समस्या दूर करने के लिए प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है. आगामी 15 सितंबर से जिलेभर में सड़कों को गड्ढामुक्त करने का महाअभियान शुरू होगा.
Uttarakhand News: देहरादून में सड़कों की बदहाली और बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटों की समस्या दूर करने के लिए प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है. आगामी 15 सितंबर से जिलेभर में सड़कों को गड्ढामुक्त करने का महाअभियान शुरू होगा.
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pushkar singh dhami Photograph: (NN)
Uttarakhand News: देहरादून के निवासियों को अब टूटी सड़कों और अंधेरे रास्तों की परेशानी से बहुत जल्द मुक्ति मिलने जा रही है. मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद जिला प्रशासन ने राजधानी की सड़कों और रोशनी की व्यवस्था को पूरी तरह सुधारने की कमान संभाल ली है. मानसून की विदाई के साथ ही शहर के हर कोने में सड़कों को दुरुस्त करने का काम युद्धस्तर पर शुरू किया जाएगा. जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने इस संबंध में सभी संबंधित विभागों को सख्त हिदायत देते हुए तय समयसीमा के भीतर काम पूरा करने के निर्देश जारी कर दिए हैं. इस बार प्रशासन केवल दिन में ही नहीं बल्कि रात के समय भी सड़कों और बुनियादी सुविधाओं की जमीनी पड़ताल कर रहा है.
15 सितंबर से शुरू होगा सड़कों का महाअभियान
बरसात का मौसम खत्म होते ही 15 सितंबर से पूरे जिले में गड्ढामुक्त अभियान की शुरुआत की जाएगी. निर्माण से जुड़ी सभी एजेंसियों ने अपने-अपने इलाकों की सड़कों का सर्वे पूरा कर लिया है और टेंडर निकालने की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ाई जा रही है. प्रशासन ने साफ कर दिया है कि काम में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. सभी कार्यदायी संस्थाओं को कड़े निर्देश दिए गए हैं कि 30 अक्टूबर 2026 से पहले जिले की हर छोटी और बड़ी सड़क को पूरी तरह से सुरक्षित और चलने लायक बना दिया जाए. इस निर्धारित समयसीमा के भीतर सड़कों के पैचवर्क से लेकर पुनर्निर्माण का काम पूरा करने का लक्ष्य तय हुआ है.
40 टीमों के हवाले शहर की स्ट्रीट लाइट व्यवस्था
सड़कों के साथ-साथ दून शहर की प्रकाश व्यवस्था को चाक-चौबंद करने के लिए नगर निगम ने भी अपनी कमर कस ली है. नगर निगम के पूरे क्षेत्र में एक लाख चौदह हजार से अधिक स्ट्रीट लाइटें लगी हुई हैं. इनमें से लगभग एक सौ उनहत्तर लाइटों के खराब होने की शिकायतें दर्ज की गई थीं. इन शिकायतों का बिना किसी देरी के समाधान करने के लिए निगम ने पूरे शहर में 40 विशेष टीमों को मैदान में उतारा है. यह टीमें न केवल खराब लाइटों को ठीक कर रही हैं, बल्कि जरूरत पड़ने पर पुरानी लाइटों की जगह नई लाइटें भी लगा रही हैं.
शहर के कई मुख्य इलाकों में चला मरम्मत कार्य
नगर निगम की तकनीकी टीमों ने हाल ही में मसूरी डायवर्जन, बड़ोवाला, सर्वे ऑफ इंडिया परिसर, कमला पैलेस से शिमला बाईपास, हरिद्वार बाईपास और सहस्रधारा क्रॉसिंग से आईटी पार्क रोड जैसे व्यस्त मार्गों पर पहुंचकर लाइटों की मरम्मत की है. इसके अतिरिक्त आईएसबीटी से निरंजनपुर, दर्शनलाल चौक, सुभाष रोड, रेसकोर्स और फव्वारा चौक से नेहरू कॉलोनी तक के इलाकों में भी बंद पड़ी लाइटों को तुरंत चालू कराया गया है. प्रशासन का प्रयास है कि शहर का कोई भी मुख्य चौराहा या रिहायशी इलाका रात के समय अंधेरे में न रहे, जिससे आम लोगों और राहगीरों को किसी तरह का खतरा न उठाना पड़े.
रात में औचक निरीक्षण कर रही अधिकारियों की टास्क फोर्स
दावों की जमीनी हकीकत परखने के लिए जिलाधिकारी ने एक अनूठी पहल की है. शहर में स्ट्रीट लाइट, कचरा डंपिंग प्वाइंट, मोटर मार्ग, खाद्य सुरक्षा और बिजली चोरी पर रोक लगाने के लिए जिला स्तर के 20-20 अधिकारियों की अलग-अलग विशेष टास्क फोर्स बनाई गई है. यह टास्क फोर्स रात के अंधेरे में सड़कों पर उतरकर औचक निरीक्षण कर रही है. निरीक्षण के दौरान अधिकारी मौके की वास्तविक स्थिति देखते हैं और जहां भी गड़बड़ी पाई जाती है, वहां की फोटो और गूगल लोकेशन तुरंत संबंधित विभाग के पास भेज दी जाती है. इससे समस्या को ठीक करने में समय की बचत होती है और लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों की जवाबदेही भी तय हो रही है.
दोहरी रणनीति से शहर की बदलेगी तस्वीर
जिला प्रशासन द्वारा अपनाई गई इस दोहरी रणनीति का असर अब शहर में दिखने लगा है. एक तरफ जहां दिन के समय सड़कों के गड्ढों को भरने और मरम्मत की रूपरेखा पर काम चल रहा है, वहीं दूसरी तरफ रात में आला अधिकारियों की टीमें व्यवस्थाओं की निगरानी कर रही हैं. टास्क फोर्स की ओर से हर रोज तैयार की जाने वाली रिपोर्ट के आधार पर प्राथमिकता तय करके काम कराया जा रहा है. इस पूरी कवायद से उम्मीद जगी है कि आने वाले दिनों में देहरादून की सड़कें न केवल गड्ढामुक्त होंगी, बल्कि रात के समय बेहतर रोशनी से पूरा शहर जगमगाएगा और लोगों का सफर अधिक सुगम बन सकेगा.
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