October 10, 2026

कोटेदार ने 142 क्विंटल राशन बाजार में बेचा, केस दर्ज: गोदाम से 56 क्विंटल गेहूं और 86 क्विंटल चावल गायब, कार्डधारक करते रहे इंतजार - Gonda News

गोंडा39 मिनट पहले

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गोंडा में मनकापुर तहसील के बभनजोत ब्लॉक की घारीघाट ग्राम पंचायत में राशन की कालाबाजारी का मामला सामने आया है। जांच में 142 क्विंटल से अधिक खाद्यान्न गायब मिला।

पूर्ति निरीक्षक अनुज कुमार यादव की तहरीर पर शनिवार शाम करीब 4:30 बजे खोड़ारे थाने में कोटेदार अखिलेश कुमार यादव के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया। आरोप है कि राशन कार्डधारक अनाज के इंतजार में रहे और कोटेदार ने खाद्यान्न बाजार में बेच दिया।

5 अक्टूबर को हुई थी दुकान की जांच

घारीघाट के उचित दर विक्रेता अखिलेश कुमार यादव की दुकान की जांच 5 अक्टूबर को की गई थी। जांच अधिकारी मौके पर पहुंचे तो कोटेदार अनुपस्थित मिला। वहां उसके पिता राम भगवत मौजूद थे। दुकान और गोदाम के भौतिक सत्यापन में ई-पॉस मशीन, इलेक्ट्रॉनिक कांटा और स्टॉक रजिस्टर नहीं मिले। गोदाम में केवल 32 बोरी मक्का मिला। अन्य जरूरी खाद्यान्न नहीं था।

गेहूं, चावल और चीनी का स्टॉक गायब

ई-चालान और विभागीय पोर्टल के आंकड़ों का मिलान करने पर अगस्त और सितंबर के अवशेष स्टॉक तथा अक्टूबर के आवंटन के सापेक्ष खाद्यान्न की उपलब्धता होनी चाहिए थी। रिकॉर्ड के अनुसार, कोटेदार के पास 56.17 क्विंटल गेहूं, 86.50 क्विंटल चावल और 0.27 क्विंटल चीनी होनी चाहिए थी।

जांच में यह पूरा खाद्यान्न मौके पर नहीं मिला। विभागीय जांच में खाद्यान्न की कमी सामने आने के बाद कालाबाजारी की आशंका जताई गई। मामले की रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेजी गई थी।

32 बोरी मक्का दूसरे कोटेदार को सौंपी

जांच के दौरान गोदाम में मिली 32 बोरी मक्का को ग्रामीणों में वितरण के लिए उसी ग्राम पंचायत के दूसरे उचित दर विक्रेता मिश्रीलाल को सौंप दिया गया। इससे मक्का का वितरण कराया जाएगा।

आवश्यक वस्तु अधिनियम में केस दर्ज

पूर्ति निरीक्षक अनुज कुमार यादव की तहरीर और जिलाधिकारी के अनुमोदन के बाद खोड़ारे थाने में आरोपी कोटेदार के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 की धारा 3/7 के तहत मुकदमा दर्ज कराया गया है। कोटेदार के अनुबंध पत्र को निलंबित करने की संस्तुति भी भेजी गई है। पुलिस मामले की विवेचना कर रही है।

जिला पूर्ति अधिकारी कुंवर दिनेश प्रताप सिंह ने बताया कि दुकान की जांच क्षेत्रीय पूर्ति निरीक्षक ने की थी। गड़बड़ी मिलने पर जिलाधिकारी के अनुमोदन के बाद मुकदमा दर्ज कराया गया।

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