मेरठ में रिटायर्ड सूबेदार के घर आग लगाने वाले दोनों आरोपियों को बुधवार शाम पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। एक आरोपी टेंट का काम करता है। एसएचओ अरुण कुमार मिश्रा के मुताबिक पूरे घटनाक्रम के पीछे की वजह 1400 रुपए का विवाद सामने आया है। टेंट से टेबल किराया प
.

दो मंजिला मकान के ग्राउंड फ्लोर पर आग लगाकर बाइक सवार फरार हो गए थे।
पूरा मामला विस्तार से जानिए…
भोला रोड स्थित शिवकुंज कॉलोनी में सेवानिवृत्त सूबेदार नवनीत दुहन, पत्नी ममता के साथ रहते हैं। मकान के प्रथम तल पर किराएदार अश्विनी कुमार का परिवार भी रहता है। अश्विनी के परिवार में उनके पिता सुरेंद्र सिंह, पत्नी रुचि, बेटा तेजस्वी और बेटी तेजस्विनी भी हैं।
सोमवार रात करीब एक बजे मकान में आग का शोर मच गया। मकान मालिक समेत घर के अंदर सात लोग मौजूद थे जो आग में फंस गए। नवनीत और अश्विनी ने जान जोखिम में डालकर परिवार को बाहर निकाला। इस हादसे में नवनीत के हाथ झुलस गए जबकि अश्विनी के दोनों पैरों में फ्रैक्चर हो गया।
बाइक सवारों ने आग लगाई गई थी आग मकान के बेसमेंट में लगी थी, जिसको लेकर परिवार डरा था। सुबह पास ही लगे सीसीटीवी कैमरे को चेक किया गया तो सब हैरान रह गए। दो संदिग्ध बाइक सवार रिटायर्ड सूबेदार के मकान में आग लगाकर भागते सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गए। रिटायर्ड सूबेदार की तरफ से इस मामले में पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की। इसके बाद पुलिस आरोपियों की तलाश में जुट गई।

धुएं से पूरा घर काला हो गया था।
सीसीटीवी से आरोपियों तक पहुंची पुलिस रिपोर्ट दर्ज हो जाने के बाद पुलिस ने सीसीटीवी कैमरे खंगालने शुरु कर दिए। पुलिस का मानना था कि किसी ना किसी विवाद के चलते यह वारदात की गई है। 50 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरे खंगालने के बाद पुलिस ने आरोपियों को ढूंढ निकाला और शनि देव मंदिर मलियाना बम्बे के पास से दबोच लिया।
सोनू-मोनू को पहुंचाना था नुकसान पुलिस पूछताछ में आरोपी खुद को निर्दोष बताते रहे। सख्ती हुई तो उन्होंने वारदात के पीछे का सच उगल दिया। पुलिस की मानें तो यह आग सूबेदार को नहीं बल्कि मकान के ग्राउंड फ्लोर पर प्लास्टिक के गोदाम चलाने वाले सोनू व मोनू को नुकसान पहुंचाने के लिए लगाई गई थी।
टेबल किराया पर ली, रुपए नहीं दिए पकड़े गए आरोपियों की पहचान हर्ष सिंघल उर्फ हनी पुत्र राजकुमार सिंघल निवासी ओम विहार फेस-1 दुर्गा भवन भोला रोड थाना टीपीनगर और अभिनव पुत्र शिवकुमार निवासी पीर वाली गली अछोंडा मोड़ थाना परतापुर के रूप में हुई।
पुलिस ने बताया कि हर्ष की टेंट की दुकान है। वहां से सोनू-मोनू ने कुछ महीने पहले 15 टेबल किराए पर लीं थीं। सोनू-मोनू ने इनका 1400 रुपये किराया नहीं दिया तो उन्होंने बदला लेने के लिए आग लगा दी।
रात में ही जला दिए अपने कपड़े पुलिस की मानें तो हर्ष व अभिनव नशे के आदी हैं। नशे की हालत में ही उन्होंने वारदात कर डाली। उस रात अभिनव ने ही नीचे गोदाम में आग लगाने की योजना बनाई थी।
वह सफल भी हो गया, लेकिन उसे यह नहीं पता था कि आग ऊपर तक पहुंच जाएगी। वारदात के बाद वह डर गए। पहचान होने के डर से उसी रात फाटक के निकट अपने कपड़े जला दिए।