Aug 22, 2026 07:18 pm ISTवार्ता, कोलम्बो
श्रीलंका के कप्तान धनंजय डीसिल्वा ने कहा है कि टीम में मौजूदा गेंदबाजों के अलावा 140 किमी प्रति घंटे से ज्यादा की रफ्तार से गेंदबाजी करने वाले गेंदबाज भी होने चाहिए।

श्रीलंका कप्तान धनंजय डीसिल्वा
श्रीलंका के कप्तान धनंजय डीसिल्वा चाहते हैं कि टीम के पास 140 किमी प्रति घंटे से ज्यादा रफ्तार से गेंदबाजी करने वाले कम से कम "दो या तीन गेंदबाज" होने चाहिए। धनंजय डीसिल्वा चाहते हैं कि उनके पास चुनने के लिए ज्यादा तेज गेंदबाज हों, और वह मौजूदा तेज गेंदबाजों से भी बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद रखते हैं। असिता फर्नांडो पिछले कुछ वर्षों में अपने बेहतर प्रदर्शन के कारण श्रीलंका के प्रमुख तेज गेंदबाज बन गए हैं। हालांकि वह 130 किमी प्रति घंटे के आसपास की रफ्तार से लगातार सटीक लाइन-लेंथ और तीव्रता के साथ गेंदबाजी करते हैं। श्रीलंका आम तौर पर दूसरे छोर से अधिक रफ्तार वाले गेंदबाज के जरिए बल्लेबाजों को परेशान करने की कोशिश करता है।
हमारे पास यही सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी हैं
असिता के साथ यह भूमिका फिलहाल लहिरू कुमारा निभाते हैं, जिनके नाम 36 टेस्ट में 36.38 की औसत से 106 विकेट हैं। भारत के खिलाफ गॉल टेस्ट में उन्होंने 175 रन देकर सिर्फ दो विकेट लिए थे। इसके अलावा चोटों ने भी उनके करियर का बड़ा हिस्सा प्रभावित किया है। दूसरे टेस्ट से पहले डीसिल्वा ने कहा, "हमने लहिरू कुमारा को चोट-मुक्त रखने के लिए बहुत मेहनत की है। फिलहाल हमारे संसाधनों को देखते हुए असिता के साथ खेलने के लिए वही सबसे उपयुक्त विकल्प हैं। असिता की लाइन और लेंथ बेहतरीन है और लहिरू कुमारा के पास रफ्तार है। अभी हमारे पास यही सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी हैं।"
हालांकि डीसिल्वा चाहते हैं कि उनके पास ज्यादा तेज गेंदबाजों के विकल्प हों। श्रीलंका के पास दुश्मंता चमीरा, दिलशान मदुशंका और मथीशा पथिराना जैसे गेंदबाज भी हैं। मदुशंका तो गॉल टेस्ट के लिए श्रीलंका की टेस्ट टीम का हिस्सा भी थे, लेकिन बाद में उन्हें घरेलू टी 20 खेलने के लिए रिलीज कर दिया गया और एसएससी टेस्ट के लिए भी टीम में जगह नहीं मिली।
140 किमी प्रति घंटे से ज्यादा रफ्तार वाले गेंदबाज चाहिए
चमीरा ने अपने करियर में 12 टेस्ट खेले हैं, लेकिन उनका आखिरी टेस्ट 2021 में आया था। चोटों के इतिहास और सीमित ओवरों की टीम में उनकी अहमियत को देखते हुए श्रीलंका ने उन्हें सफेद गेंद वाले क्रिकेट के लिए सुरक्षित रखा है। चयनकर्ताओं और टीम प्रबंधन ने अभी तक बहु-दिवसीय क्रिकेट के लिए तेज गेंदबाजों का दायरा बढ़ाने की कोई गंभीर योजना नहीं बनाई है। डीसिल्वा ने कहा, “मैं यह भी चाहता हूं कि हमारे पास 140 किमी प्रति घंटे से ज्यादा रफ्तार वाले दो या तीन गेंदबाज़ हों, लेकिन दुर्भाग्य से टेस्ट सेटअप में अभी हमारे पास सिर्फ एक ही ऐसा गेंदबाज है। फिलहाल मुझे इस बारे में कोई बड़ी योजना नहीं बताई गई है कि टेस्ट टीम में किन खिलाड़ियों को लाया जा सकता है। उम्मीद है कि भविष्य में हम ऐसे और क्रिकेटर तैयार करेंगे।”
तेज गेंदबाजों में उस तरह का आत्मविश्वास नहीं है
डीसिल्वा की कप्तानी में आक्रमण में दो तेज गेंदबाज खिलाना एक नियमित रणनीति रही है। पूर्व कोच क्रिस सिल्वरवुड और सनथ जयसूर्या भी तेज गेंदबाजी प्रतिभा को विकसित करने पर जोर देते रहे हैं। 2010 के दशक के उत्तरार्ध में श्रीलंका घरेलू मैदानों पर स्पिन पर इतना निर्भर हो गया था कि वह अक्सर सिर्फ एक तेज गेंदबाज के साथ खेलता था। डीसिल्वा ने कहा, "मेरी कप्तानी में खेले गए हर मैच में हमने दो तेज गेंदबाज खिलाए हैं, जबकि पहले सिर्फ एक गेंदबाज होता था। मेरा मानना है कि श्रीलंका में भी तेज गेंदबाजों की भूमिका है। अगर आपके तेज गेंदबाज यहां विकेट ले सकते हैं तो वे दुनिया में कहीं भी विकेट ले सकते हैं। यह बात हमें जल्दी सीखनी होगी।"
पिछले 15 वर्षों में श्रीलंका में सिर्फ एक श्रीलंकाई तेज गेंदबाज ने पांच विकेट लेने का कारनामा किया है। नुवान प्रदीप ने 2017 में भारत के खिलाफ 132 रन देकर छह विकेट लिए थे। इसी अवधि में 14 विदेशी तेज गेंदबाजों ने श्रीलंका में पांच विकेट लिए हैं। मिचेल स्टार्क और जुनैद खान ने यह उपलब्धि तीन-तीन बार हासिल की है। डीसिल्वा ने कहा, "उदाहरण के लिए गॉल में विदेशी तेज गेंदबाज पांच विकेट ले चुके हैं, लेकिन हाल के वर्षों में हमारे किसी सीमर ने गॉल या एसएससी में ऐसा नहीं किया है। हमारे तेज गेंदबाजों में उस तरह का आत्मविश्वास नहीं है। अगर वे अपने खेल में कुछ प्रतिशत भी सुधार कर लें तो हम एक टीम के रूप में कहीं बेहतर आगे बढ़ सकते हैं।"
