September 20, 2026

शर्मनाक सिस्टम! 14 वर्षीय मासूम की मौत के 725 दिन बाद पता चला रेप भी हुआ था

भोपाल समाचार, 20 सितंबर 2026: भले ही हम विकास के कितने भी पायदान चढ़ चुके हो लेकिन यदि आपराधिक मामलों की जांच प्रक्रिया इतनी घटिया है, तो फिर सिस्टम को शर्माना कहना ही पड़ेगा। ग्वालियर में 14 वर्षीय मासूम लड़की की मौत के 725 दिन बाद पता चला कि, उसका रेप भी हुआ था और रेप के कारण उसने आत्महत्या कर ली थी। पुलिस ने मामला इन्वेस्टिगेट ही नहीं किया क्योंकि लड़की की उम्र 14 वर्ष थी इसलिए पुलिस मान रही थी कि उसका चक्कर चल रहा होगा। 

फांसी लगाने के ठीक पहले रेप हुआ था 

बहुत सारे लोग कल्पना भी नहीं कर सकते कि उसकी क्या मानसिक स्थिति रही होगी। फोरेंसिक रिपोर्ट में छात्रा की वैजाइनल स्लाइड रिपोर्ट में मानव शुक्राणु मिले हैं। जो बताते हैं कि जब छात्रा ने फांसी लगाई उससे कुछ समय पहले ही, उसका बलात्कार किया गया था। घटना 25 सितंबर 2024 की दोपहर जनकगंज इलाके की है। 725 दिन बाद अब जनकगंज थाना पुलिस ने नाबालिग के साथ दुष्कर्म, पोक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। अब पुलिस वापस मृतका के मां-पिता, भाई, सहेली के बयान दर्ज करेगी।

सिर्फ 2 घंटे में सब कुछ खत्म हो गया: घटना का विवरण

जनकगंज थाना क्षेत्र में रहने वाली एक 14 वर्षीय 9वीं की छात्रा ने 25 सितंबर 2024 को घर में ही दोपहर 1 से 3 बजे के बीच फांसी लगाकर जान दे दी थी। छात्रा के मां-पिता किसी काम से बाहर गए थे। घटना के समय वह घर पर अकेली थी। छात्रा के माता-पिता 25 सितंबर की दोपहर 1 बजे गए थे और दो घंटे बाद 3 बजे वापस आए। जब परिजन बाहर से लौटे तो मुख्य दरवाजा अंदर से बंद मिला। काफी आवाज देने के बाद भी जब दरवाजा नहीं खुला, तो पड़ोसी की छत के रास्ते छात्रा का पिता अंदर दाखिल हुआ। अंदर कमरे में पहुंचते ही नाबालिग बेटी पंखे से दुपट्टे के सहारे फंदे पर लटकी मिली। यह देख पिता ने तत्काल शोर मचाया और अन्य परिजन की मदद से बेटी को फंदे से उतारा और हॉस्पिटल लेकर पहुंचे जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया।

पुलिस तो चरित्र पर शक कर रही थी 

हालांकि पुलिस ने किसी भी रिपोर्ट में ऐसा लिखा नहीं है, मर्ग कायम कर शव का पीएम कराया था लेकिन परिजनों, सहेलियों और रिश्तेदारों से बयान लेते समय ऐसे प्रश्न पूछे गए थे, जो पुलिस की जांच की दिशा को स्पष्ट करते हैं। पुलिस के सवालों की समीक्षा करें तो ऐसा लगता है जैसे, पुलिस केवल यह जानना चाहती है कि, करने वाली लड़की का किसी से अफेयर चल रहा था क्या। या फिर वह पढ़ाई के कारण डिप्रेशन में थी क्या।

FSL रिपोर्ट से हुआ दरिंदगी का पर्दाफाश 

पुलिस ने घटनास्थल से जब्त किए गए दुपट्टे, अन्य कपड़े और स्लाइड को फॉरेंसिक जांच के लिए लैब भेजा था, लेकिन शायद इन्वेस्टिगेशन ऑफीसर ने, आत्महत्या का कारण अवैध संबंध या पढ़ाई मान लिया था, इसलिए कोई फॉलोअप नहीं किया गया। घटना के 725 दिन बाद फॉरेंसिक लैब की रिपोर्ट आई। एफएसएल टीम की रिपोर्ट में मानव शुक्राणु मिलने की पुष्टि हुई। इससे स्पष्ट हो गया कि आत्महत्या से पूर्व लड़की का बलात्कार किया गया, और इसके कारण लड़की ने सुसाइड कर लिया था। 

अब पुलिस के लिए चुनौती

इस मामले में पुलिस की लापरवाही पहले ही सामने आ चुकी है। FSL रिपोर्ट आने में दो साल लग गए। इसके बाद पुलिस के पास रिपोर्ट आ भी गई थी तो उसे कई दिन तक लटकाए रखा। अब जाकर मामला दर्ज किया गया है। अब पुलिस के सामने आरोपी की तलाश चुनौती है। पुलिस के पास आरोपी का कोई चेहरा नहीं है। जिसके साथ दुष्कर्म हुआ है वह इस दुनिया में नहीं है।

जांच के बाद दुष्कर्म की पुष्टि

जनकगंज थाना टीआई अतुल सिंह सोलंकी ने बताया कि "सितंबर 2024 में नाबालिग छात्रा के सुसाइड मामले में FSL रिपोर्ट और मर्ग जांच के बाद दुष्कर्म की पुष्टि हुई है। अज्ञात आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट सहित संबंधित धाराओं में अपराध दर्ज कर लिया गया है। जल्द ही आरोपी की पहचान कर उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा।"