बिहार में बाढ़ के हालात गंभीर होने पर सीएम सम्राट चौधरी ने 13 मंत्रियों और सचिवों को जिलों की कमान सौंपी है। पटना में हाई अलर्ट घोषित किया गया है।
बिहार में बाढ़ के हालात गंभीर होने पर सीएम सम्राट चौधरी ने 13 मंत्रियों और सचिवों को जिलों की कमान सौंपी है।
- Published: 05 Sep 2026, 04:40 PM IST
- Last Updated: 05 Sep 2026, 04:40 PM IST
Bihar flood alert: बिहार में लगातार हो रही भारी बारिश और प्रमुख नदियों के उफान पर होने के कारण बाढ़ के हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। राज्य के कई इलाके जलमग्न हो चुके हैं, जिससे आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। इस आपात स्थिति से निपटने के लिए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कड़ा कदम उठाते हुए प्रमुख मंत्रियों और सचिवों को उनके प्रभार वाले जिलों में बाढ़ की निगरानी का जिम्मा सौंपा है। इन अधिकारियों की विशेष रूप से ड्यूटी लगाई गई है, ताकि राहत और बचाव कार्यों में कोई कोताही न बरती जा जाए।
बक्सर से भागलपुर तक बाढ़ का कहर, मुख्यमंत्री ने किया हवाई सर्वे
गंगा और अन्य नदियों के जलस्तर में वृद्धि के कारण बक्सर से लेकर पटना, समस्तीपुर और भागलपुर तक के कई क्षेत्र पानी में डूब चुके हैं। बिगड़ते हालातों को देखते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी लगातार दूसरे दिन बाढ़ प्रभावित इलाकों के हवाई सर्वेक्षण पर निकले हैं। शनिवार को उन्होंने भागलपुर पहुंचकर वहां चल रहे राहत और बचाव कार्यों का जमीनी जायजा लिया।
सरकार की ओर से बाढ़ प्रभावित जिलों की मॉनिटरिंग के लिए जिन प्रमुख मंत्रियों और उनके प्रभार वाले जिलों की सूची तय की गई है, वे इस प्रकार हैं:
- बक्सर - नंद किशोर राम
- भोजपुर - अरुण शंकर प्रसाद
- पटना - विजय कुमार चौधरी
- सारण - विजेंद्र प्रसाद यादव
- वैशाली - निशांत कुमार
- बेगूसराय - रामकृपाल यादव
- समस्तीपुर - दामोदर रावत
- लखीसराय - सुनील कुमार
- खगड़िया - मदन सहनी
- मुंगेर - संजय कुमार पासवान
- भागलपुर - नीतीश मिश्रा
- कटिहार - प्रमोद कुमार चंद्रवंशी
ये सभी मंत्री और संबंधित प्रभारी सचिव अपने-अपने प्रभार वाले जिलों में लगातार दौरा कर जमीनी स्तर पर राहत कार्यों की निगरानी कर रहे हैं।
पटना में हाई अलर्ट, गांधी घाट पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही गंगा
राजधानी पटना में बाढ़ के खतरे को देखते हुए प्रशासन को पूरी तरह हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने पटना के शहरी क्षेत्रों में गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर की विशेष मॉनिटरिंग करने को कहा है, जिसमें तटबंधों और आसपास की बस्तियों पर खास ध्यान दिया जा रहा है। पटना नगर निगम, जिला प्रशासन और जल संसाधन विभाग को मुस्तैद रहने को कहा गया है।
पटना के गांधी घाट पर गंगा नदी खतरनाक स्तर से ऊपर बह रही है। शनिवार सुबह 10 बजे गांधी घाट गेज साइट पर जलस्तर 50.53 मीटर दर्ज किया गया, जो 48.60 मीटर के निर्धारित खतरे के निशान से लगभग 1.93 मीटर ऊपर है। नदी अपने अब तक के उच्चतम बाढ़ स्तर (HFL) 50.52 मीटर के करीब बह रही है, और अधिकारियों ने जलस्तर में और बढ़ोतरी की आशंका जताई है।
10 लाख से अधिक आबादी प्रभावित, डिप्टी सीएम ने की समीक्षा
राज्य में बाढ़ के मौजूदा हालातों की गंभीरता को समझते हुए उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने शनिवार को पटना स्थित सिंचाई भवन के जल संसाधन विभाग के कंट्रोल एंड कमांड सेंटर का दौरा किया। उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पूरे बिहार के संवेदनशील स्थलों का जायजा लिया और अधिकारियों को तटबंधों की सुरक्षा के लिए लगातार गश्त करने के कड़े निर्देश दिए।
आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा शनिवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, राज्य के 11 जिलों के 50 प्रखंडों के अंतर्गत आने वाली 201 पंचायतें बाढ़ की चपेट में हैं, जिससे लगभग 10.28 लाख आबादी प्रभावित हुई है। प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासन की ओर से युद्धस्तर पर राहत और बचाव कार्य चलाए जा रहे हैं।