October 8, 2026

बिहार में 1200 सरकारी अमीन अनिश्चितकालीन हड़ताल पर, जमीन मापी से जमाबंदी तक के काम प्रभावित

बिहार में राजस्व विभाग से जुड़े कामकाज पर अमीनों की हड़ताल का असर पड़ने लगा है। राज्य के विभिन्न अंचलों में कार्यरत करीब 1200 नियमित सरकारी अमीन 6 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। बिहार राजस्व अमीन संघ का दावा है कि हड़ताल के कारण जमीन की मापी, कोर्ट से जुड़े मापी के मामलों और जमाबंदी सुधार जैसे महत्वपूर्ण काम प्रभावित हो रहे हैं। अब अमीनों ने आंदोलन को और तेज करने का ऐलान किया है।

9 अक्टूबर से पटना में होगा धरना

अमीन संघ के मुताबिक, 9 अक्टूबर से पटना के गर्दनीबाग में राज्यव्यापी धरना-प्रदर्शन शुरू किया जाएगा। इसमें बिहार के अलग-अलग जिलों से अमीन शामिल होंगे। संघ का कहना है कि सरकार की ओर से मांगों पर ठोस पहल नहीं होने के कारण आंदोलन को जिला स्तर से राजधानी तक ले जाने का फैसला किया गया है।

इससे पहले 5 अक्टूबर को कई जिलों में अमीनों ने अपनी मांगों को लेकर धरना और प्रदर्शन किया था। मांगें पूरी नहीं होने के बाद 6 अक्टूबर से सामूहिक अवकाश और इसके बाद अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी गई।

पे लेवल-6 समेत 10 सूत्री मांगें

अमीन संघ वेतनमान बढ़ाकर पे लेवल-6 करने, लंबित तबादले पूरे करने, यात्रा और पेट्रोल भत्ता देने, खाली पदों पर नियुक्ति करने और पदनाम में बदलाव समेत कई मांगें उठा रहा है। इसके अलावा अमीनों की ओर से प्रमोशन की स्पष्ट व्यवस्था और सेवा से जुड़ी अन्य समस्याओं के समाधान की भी मांग की जा रही है।

संघ का कहना है कि अमीन का काम मुख्य रूप से फील्ड से जुड़ा है। उन्हें जमीन की मापी के लिए लगातार अलग-अलग क्षेत्रों में जाना पड़ता है, लेकिन यात्रा और वाहन से जुड़े खर्च के लिए पर्याप्त भत्ते की व्यवस्था नहीं होने से कर्मचारियों पर आर्थिक बोझ पड़ता है।

मार्च में हुई थी वार्ता, फिर भी नहीं बनी बात

अमीन संघ का दावा है कि मार्च 2026 में राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के सचिव के साथ हुई बातचीत में वेतनमान को लेवल-6 करने और नजदीकी जिलों में तबादले जैसी मांगों पर सकारात्मक चर्चा हुई थी। संघ के मुताबिक तबादले के लिए पोर्टल भी तीन बार खोला गया, लेकिन प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी।

अमीनों का कहना है कि कई कर्मचारी अपने गृह जिले से काफी दूर तैनात हैं। इनमें बीमार और दिव्यांग कर्मचारी भी शामिल हैं, जो लंबे समय से तबादले का इंतजार कर रहे हैं।

जमाबंदी अभियान पर भी असर की आशंका

अमीनों की हड़ताल ऐसे समय हुई है जब राज्य में जमाबंदी शुद्धिकरण और उत्तराधिकार नामांतरण को लेकर विशेष अभियान चल रहा है। यह अभियान 31 अक्टूबर तक चलना है। ऐसे में बड़ी संख्या में अमीनों के काम से दूर रहने के कारण जमीन और राजस्व से जुड़े मामलों के निपटारे की रफ्तार प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है।

अमीन संघ ने संकेत दिया है कि यदि सरकार की ओर से उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता है तो आंदोलन आगे भी जारी रहेगा। अब 9 अक्टूबर से पटना के गर्दनीबाग में शुरू होने वाले धरने पर सभी की नजर है।