Published: Tuesday, September 29, 2026, 11:13 [IST]
आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए भाई-भतीजावाद को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि 2014 में लोगों को एक नया चेहरा और नई ऊर्जा दिखाई दी थी। उम्मीद थी कि परिवारवाद की राजनीति खत्म होगी। लेकिन उनके मुताबिक पिछले 12 साल में भाई-भतीजावाद की सबसे बड़ी मिसाल खुद नरेंद्र मोदी बने हैं।
केजरीवाल ने यह बात प्रतिदिन टाइम्स के एक कार्यक्रम में कही। उन्होंने मोदी के कथित "भाई" के तौर पर उद्योगपति गौतम अडानी का नाम लिया। वहीं "भतीजे" के तौर पर जय शाह का जिक्र किया। अब सवाल है कि आखिर केजरीवाल किस रिश्ते की बात कर रहे हैं और उनके इस बयान का राजनीतिक मतलब क्या है?
केजरीवाल बोले- मोदी जी का एक भाई है, जिससे वो बहुत प्यार करते हैं
केजरीवाल ने कहा कि जब पीएम मोदी सत्ता में आए थे, तो लोगों को एक नई उम्मीद दिखी थी। सबको लगा था कि इनका आगे-पीछे कोई नहीं है, तो ये किसके लिए भ्रष्टाचार करेंगे। लोगों को लगा था कि ये नेता भाई-भतीजावाद खत्म कर देंगे। लेकिन केजरीवाल ने तंज कसते हुए कहा,
"आज इतिहास में भाई-भतीजावाद की सबसे बड़ी मिसाल खुद पीएम मोदी हैं। मोदी जी का एक भाई है, जिससे वो बहुत प्यार करते हैं। उसका नाम है अडानी। पिछले 12 सालों में अगर किसी एक शख्स ने सबसे ज्यादा पैसा कमाया है, तो वो उनका भाई अडानी है। इसी तरह उनका एक भतीजा भी है जय शाह। 12 साल में अगर किसी युवा ने सबसे ज्यादा तरक्की की है, तो वो यही जय शाह है।"
गौतम अडानी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सगे भाई नहीं हैं। केजरीवाल ने यह शब्द राजनीतिक तंज के तौर पर इस्तेमाल किया। केजरीवाल का आरोप है कि मोदी के 12 साल के कार्यकाल में अगर किसी एक कारोबारी ने सबसे ज्यादा आर्थिक तरक्की की है तो वह गौतम अडानी हैं। इसी दावे को उन्होंने "मोदी का भाई अडानी" कहकर पेश किया। अडानी की कारोबारी सफलता और मोदी सरकार की नीतियों के बीच केजरीवाल ने जो संबंध बताया, वह उनका राजनीतिक आरोप है।
केजरीवाल ने जय शाह का नाम लेते हुए उन्हें प्रधानमंत्री मोदी का "भतीजा" बताया। यहां भी रिश्तेदारी के तौर पर नहीं है। जय शाह, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बेटे हैं। केजरीवाल का निशाना यह था कि पिछले 12 साल में जिस युवा ने तेजी से तरक्की की, उसका उदाहरण जय शाह हैं। उन्होंने इसी को भाई-भतीजावाद के अपने आरोप से जोड़ा।
'विधायक खरीदने वाले चाणक्य नहीं, गद्दार हैं'
केजरीवाल ने मीडिया पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि 1980 के दशक में जब नेता पैसे लेकर पार्टी बदलते थे, तो लोग उन्हें गंदा और बेईमान मानते थे। लेकिन आज माहौल बदल गया है।
उन्होंने कहा,
"आज जब पार्टियां तोड़ी जाती हैं, ईडी (ED), सीबीआई (CBI) और पैसे के दम पर विधायकों को खरीदा जाता है, तो मीडिया ऐसे नेताओं को 'चाणक्य' बताने लगता है। अरे काहे का चाणक्य? असली चाणक्य तो देशभक्त थे, जिन्होंने एक आम आदमी चंद्रगुप्त मौर्य को राजा बना दिया था। ये लोग जो 120 विधायकों को खरीद-बेच चुके हैं, ये चाणक्य नहीं बल्कि गद्दार हैं। ये सरासर बेईमानी है। अगर हमें भी ED और CBI दे दी जाए, तो हम भी 24 घंटे के अंदर इनकी सरकार गिरा सकते हैं।"
'लोकपाल बन जाता तो मैं कभी पार्टी नहीं बनाता'
अपने पुराने दिनों को याद करते हुए केजरीवाल ने बताया कि उनकी कभी कोई निजी राजनीतिक महत्वाकांक्षा नहीं थी। उन्होंने कहा,
"मैं इनकम टैक्स में जॉइंट कमिश्नर था। मैंने नौकरी छोड़ी और 10 साल तक झुग्गियों में काम किया। वो दौर किसी को याद नहीं है, सबको बस मेरा सीएम बनना याद है। अगर उस वक्त अन्ना आंदोलन के दौरान सरकार लोकपाल बिल पास कर देती, तो हमें कभी आम आदमी पार्टी बनाने की जरूरत ही नहीं पड़ती।"
चुनाव आयोग पर भी फोड़ा बम
केजरीवाल ने 'इंडियन एक्सप्रेस' और उसकी पत्रकार रितिका चोपड़ा की तारीफ की, जिन्होंने चुनाव आयोग (EC) की कुछ अंदरूनी बातें उजागर कीं। केजरीवाल ने कहा कि आज के माहौल में सरकार के खिलाफ बोलना खुदकुशी करने जैसा है, लेकिन रितिका ने हिम्मत दिखाई।
उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग में बैठे अफसर ज्ञानेश कुमार बिना किसी जांच के दिल्ली में बैठकर पूरे देश की वोटर लिस्ट से किसी का भी नाम काट रहे हैं और किसी का भी जोड़ रहे हैं। केजरीवाल ने कहा,
"अगर ऐसा ही चलता रहा, तो जनता कभी सरकार बदल ही नहीं पाएगी। इन्होंने लोकतंत्र का सत्यानाश कर दिया है। मुझे उम्मीद है कि ज्ञानेश कुमार को अपने पद से इस्तीफा देना पड़ेगा।"
'10 साल में चाहते तो देश को नंबर वन बना देते'
आखिर में केजरीवाल ने पीएम मोदी के कार्यकाल पर सवाल उठाते हुए कहा कि 12 साल का वक्त बहुत होता है। 2014 और 2019 में जनता ने उन्हें छप्पर फाड़कर सीटें दीं।
उन्होंने कहा, "अगर मोदी जी चाहते तो इन 10-12 सालों में भारत को दुनिया का नंबर वन देश बना सकते थे। लेकिन आज हमारी पूरी दुनिया में हंसी उड़ती है। कहीं जाकर गले पड़ जाते हैं, तो कहीं ट्रंप के सामने पूरे देश को झुका देते हैं। जनता को इन सालों में कुछ नहीं मिला।"