गुरुग्राम के चर्चित हिट एंड रन मामले की जांच कर रही SIT को वारदात से पहले और बाद की घटनाओं को लेकर कई अहम सुराग मिले हैं. SIT सूत्रों के मुताबिक, आरोपी कल्याण बैंसला अपने तीन दोस्तों के साथ गुरुग्राम के सेक्टर-25 स्थित एम्पायर क्लब बार एंड लाउंज पहुंचा था. यहां चारों ने रातभर पार्टी की और इसके बाद कार से बाहर निकले. पुलिस अब क्लब की CCTV फुटेज और DVR डेटा के जरिए यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी वहां कब पहुंचे और कितनी देर तक रुके थे.
जांच के मुताबिक, क्लब से निकलने के बाद कल्याण बैंसला खुद मारुति सियाज कार चला रहा था और उसके साथ तीन दोस्त मौजूद थे. उसका चचेरा भाई लवनीश आगे वाली सीट पर बैठा था. SIT सूत्रों का दावा है कि उस वक्त आरोपी शराब के नशे में थे. हालांकि पुलिस ने कल्याण के ब्लड और यूरिन सैंपल जांच के लिए लैब भेजे हैं और रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है. वारदात के करीब 48 घंटे बाद गिरफ्तारी होने की वजह से पुलिस के सामने यह साबित करना चुनौती है कि घटना के समय आरोपी के शरीर में शराब की कितनी मात्रा थी.
क्लब से निकलने के बाद आरोपी गोल्फ कोर्स रोड की तरफ गए. इसी दौरान उनकी मुलाकात महिला बाइकर शिवानी चौहान उर्फ सिया और उनके साथ चल रहे बाइकर्स के ग्रुप से हुई. SIT सूत्रों के मुताबिक, सेक्टर-53 मेट्रो स्टेशन के पास पहली बार कहासुनी हुई थी. आरोप है कि इसके बाद कल्याण ने बाइक सवार सिया का पीछा शुरू कर दिया और करीब दो किलोमीटर तक कार से उनका पीछा किया. पुलिस अब इस पूरे रूट की CCTV फुटेज और दूसरे डिजिटल सबूतों को आपस में मिला रही है.
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जांच में यह भी सामने आया है कि टक्कर से पहले कार और बाइक सवारों के बीच काफी देर तक बहस और कहासुनी हुई थी. SIT सूत्रों के मुताबिक, कार में बैठे लवनीश ने कल्याण को बाइक का पीछा करने के लिए उकसाया था. इसके बाद तेज रफ्तार कार को बाइक की तरफ मोड़कर टक्कर मारे जाने का आरोप है. CCTV और बाइकर्स की रिकॉर्डिंग में टक्कर से पहले पीछा किए जाने की बात सामने आने के बाद पुलिस ने FIR में गंभीर धाराएं भी जोड़ी हैं.
टक्कर के बाद सिया बाइक से सड़क पर गिर गईं और आरोपी कार लेकर मौके से फरार हो गए. इस पूरी घटना का वीडियो सामने आने के बाद मामला तेजी से चर्चा में आया था. पीड़िता शिवानी उर्फ सिया ने अपनी पूरी राइड का रिकॉर्डेड वीडियो भी SIT को सौंपा है. पुलिस के लिए यह वीडियो अहम डिजिटल सबूत माना जा रहा है, क्योंकि इससे घटना से पहले बाइकर्स और कार सवारों की गतिविधियों की कड़ियां जोड़ने में मदद मिल रही है.
मामले की जांच के लिए गुरुग्राम पुलिस ने पांच सदस्यीय SIT बनाई है. टीम की अगुवाई ACP (Crime Against Women) सुशीला देवी कर रही हैं. SIT में सेक्टर-56 थाना प्रभारी इंस्पेक्टर मनोज यादव, CIA सोहना प्रभारी सब इंस्पेक्टर विनय और सोहना क्राइम यूनिट के दो ASI जगबीर और नरेंद्र शामिल हैं. टीम ने घटनास्थल का क्राइम सीन भी रीक्रिएट किया है, ताकि कार की रफ्तार, रास्ते और टक्कर की स्थिति को जांच के दौरान दोबारा समझा जा सके.
पुलिस ने एम्पायर क्लब को नोटिस देकर घटना वाली तारीख का DVR और CCTV डेटा सौंपने को कहा है. जांच एजेंसी क्लब से आरोपी के पहुंचने और वहां से निकलने के समय की पुष्टि करना चाहती है. इसके साथ ही पुलिस आरोपियों की ट्रैवल हिस्ट्री और वारदात से पहले और बाद की गतिविधियों की भी जांच कर रही है. घटनास्थल के आसपास सुबह करीब 6 बजे से 8 बजे तक की CCTV फुटेज को भी खंगाला गया है, जिससे पूरे घटनाक्रम की टाइमलाइन तैयार की जा रही है.
इस मामले में पुलिस ने कल्याण बैंसला और उसके चचेरे भाई लवनीश को गिरफ्तार कर लिया है. दोनों को अदालत ने दो दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा है. पुलिस ने कार में मौजूद दो अन्य लोगों को भी जांच में शामिल होने का नोटिस दिया है और उनके बयान दर्ज किए जाने हैं. इन दोनों से पूछताछ के बाद ही उनकी गिरफ्तारी को लेकर फैसला लिया जाएगा. अगर पूछताछ में कोई नया सबूत या तथ्य सामने आता है, तो पुलिस दोनों बैंसला भाइयों की आगे की कस्टडी मांगकर उन्हें आमने-सामने बैठाकर पूछताछ कर सकती है.
पुलिस अब उस कार के मूल मालिक का बयान भी रिकॉर्ड पर दर्ज करने की तैयारी में है. इसके अलावा क्लब से घटनास्थल तक के रूट, CCTV फुटेज, पीड़िता की रिकॉर्डिंग, आरोपियों के बयान और मौके पर मिले डिजिटल सबूतों का मिलान किया जा रहा है. पुलिस ने मामले में हत्या के प्रयास समेत कई गंभीर धाराएं जोड़ी हैं और जांच का फोकस इस बात पर है कि टक्कर हादसा थी या आरोपी ने जानबूझकर बाइक को निशाना बनाया. फिलहाल इस पहलू पर SIT की जांच जारी है और आगे की कानूनी कार्रवाई जांच में सामने आने वाले सबूतों के आधार पर होगी.
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