October 8, 2026

मैंने 12 मन लकड़ियां रखी हैं, मुझे उसी में जलाना... 3 साल पहले अपने निधन पर नाना पाटेकर ने कही थी ये बात

मैंने 12 मन लकड़ियां रखी हैं, मुझे उसी में जलाना… 3 साल पहले अपने निधन पर नाना पाटेकर ने कही थी ये बात

नानी पाटेकर ने मौत पर क्या कहा था?

Nana Patekar Reaction on Death: बॉलीवुड फिल्म इंडस्ट्री ने देश के सबसे चहेते स्टार को खो दिया है. नाना पाटेकर इस दुनिया में नहीं रही. 75 साल की उम्र में कार्डियक अरेस्ट की वजह से एक्टर ने अंतिम सांस ली है. नाना ने अपने करियर में एक से बढ़कर एक रोल्स निभाए और फैंस के दिलों में अपनी जगह बनाई. एक्टर अभी भी फिल्म इंडस्ट्री में सक्रिय थे और पिछले 5 दशक से फिल्मों का हिस्सा थे. किसी ने सोचा भी नहीं था कि उनके फेवरेट एक्टर ऐसे अचानक दुनिया को अलविदा कह देगा. लेकिन खुद नाना पाटेकर ने इसकी तैयारी कर रखी थी. नाना पाटेकर इस सच से वाकिफ थे कि एक ना एक दिन हर इंसान को दुनिया से जाना है. उनकी अपनी फिलॉसिफी थी और वो दुनिया को अलग दृष्टिकोण से देखते थे.

कुछ सालों पहले नाना पाटेकर ने अपने जीवन के बारे में बात की थी और मौत पर भी खुलकर अपने विचार रखे थे. तब उन्होंने बताया था कि अपनी मौत के लिए उन्होंने पहले से ही 12 मन लकड़ियां जुटाकर रखी हैं. आइए जानते हैं कि एक्टर ने क्या कहा था और जीवन-मरण के बारे में उनके क्या विचार थे.

मौत पर क्या बोले थे नाना पाटेकर?

एक इंटरव्यू के दौरान नाना पाटेकर बहुत भावुक हो गए थे और उन्होंने अपने जीवन के बारे में फैंस संग इमोशनल बातें शेयर की थीं. ये सुन फैंस भी एक्टर को लेकर काफी भावुक हो गए थे. नाना पाटेकर ने कहा था कि उनमें कोई बनावटीपना नहीं है. वे जीवन की सच्चाई को समझते हैं. वे किसी भी तरह की गलतफहमियों में रहना पसंद नहीं करते हैं. दूसरों को भी किसी भी तरह की गलतफहमी से दूर रहना चाहिए.

एक्टर ने कहा था- ”मुझे मृत्यु पर भरोसा है. मुझे 12 मन लकड़ियां लगेंगी. यही मेरा आखिरी धन है. इसी के साथ मैं चला जाऊंगा. मैंने इसके लिए 12 मन लकड़ियां रखी हैं. वो सूखी हैं. उसी में मुझे जलाना. गीली लकड़ियों का इस्तेमाल मुझे जलाने में मत करना. नहीं तो धुआं उठेगा. जो मेरे दोस्त मेरी चिता के पास खड़े होंगे उनकी आंखों में दिक्कत होगी. उनकी आंखों में पानी आएगा. धुए से उनकी आंखों में पानी आएगा तो इससे गलतफहमी हो जाएगी कि वो मेरे लिए रो रहे हैं. कम से कम मरते वक्त कोई गलतफहमी नहीं होनी चाहिए. आप जब मर जाओगी तो आपको दो-चार बार कोई याद ही नहीं करेगा. मैंने तो ये भी कह रखा है कि मेरी तस्वीर भी ना लगाओ. पूरी तरह भूल जाना. ये बहुत जरूरी है. हम 7 भाई-बहन थे. सब गुजर गए. मैं रह गया. कोई नहीं है दुनिया में. ना मां-बाप हैं, ना कोई भाई-बहन है. मैं इस दुनिया का नहीं रहा अब. क्योंकि मेरे सारे अपने तो दूसरी दुनिया में हैं.”

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— Ram Gopal Varma (@RGVzoomin) October 8, 2026

नाना पाटेकर की आखिरी इच्छा क्या थी?

नाना पाटेकर ने एक इंटरव्यू में अपनी अंतिम इच्छा भी जाहिर की थी. उनके तीन घर हैं. एक घर उनका मुंबई में है एक गोवा में है जहां उनका निधन हुआ. और एक फार्महाउस उनका पुणे के खड़कवासला में है जहां पर है. यहीं के नजदीकी डोंनजे गांव में वे खेती0किसानी किया करते थे और किसान लोगों के बीच में रहते थे. उनकी आखिरी ख्वाहिश भी यही थी कि उनका अंतिम संस्कार भी यहीं पर किया जाए.

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करियर में किए कई वर्सेटाइल रोल्स

एक्टर ने अपने करियर में कई सारी फिल्में की और उन्हें कई अवॉर्ड्स से भी नवाजा गया. उन्होंने अंकुश, प्रतिघात, प्रहार, क्रांतिवीर, आज की आवाज, अग्नि परीक्षा, परिंदा, गुलामे मुस्तफा, वेलकम, दिशा, दीक्षा, वेलकम बैक, यशवंत, युगपुरुष, वजूद, कोहराम, हु तू तू, आंच, अब तक छप्पन, पाठशाला, राजनीति, कमाल धमाल मालामाल, टैक्सी नंबर 9-2-11, शक्ति, दस कहानियां, ब्लफमास्टर और ओ रोमियो जैसी फिल्मों में काम किया. वे वेब सीरीज का भी हिस्सा रहे और संकल्प नाम की सीरीज में नजर आए थे. वे अपने पीछे अभिनय की एक ऐसी विरासत छोड़ गए हैं जिसमें एक-एक किरदार आने वाली पीढ़ियों और बिगिनर्स के लिए किसी पाठशाला से कम नहीं है.

पुनीत उपाध्याय

पुनीत उपाध्याय

पत्रकारिता जगत में 7 साल पूरे कर चुके पुनीत उपाध्याय रायबरेली से ताल्लुक रखते हैं. वे टीवी 9 के डिजिटल विंग में साल 2022 से सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं. कला, संगीत, सिनेमा, साहित्य पर लिखने का शौक रखते हैं. साथ ही इससे जुड़ी हर छोटी, बड़ी और रोचक खबरें पाठकों तक पहुंचाते हैं. इसके अलावा वे अन्य बीट्स में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं. पुनीत मानते हैं कि कला सिर्फ मनोरंजन का साधन नहीं बल्कि उससे इतर अंतरमन से जुड़ने और समाज से रूबरू होने का एक सार्थक जरिया भी है. CSJM कानपुर युनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन करने के बाद पुनीत ने ITMI (इंडिया टुडे मीडिया इंस्टिट्यूट) से मास कॉम्युनिकेशन में पीजी डिप्लोमा का कोर्स किया है. पुनीत की पहली जॉब आज तक में थी जहां उन्होंने 4 साल सब एडिटर की पोस्ट पर काम किया और मनोरंजन बीट के लिए अपनी सेवाएं दीं. पुनीत की रुचि लिखने में है और वे कलम की धार से समाज में बदलाव लाने में विश्वास रखते हैं. इसके अलावा उनकी रुचि आध्यात्म, साहित्य, गायन, दर्शन, क्रिकेट और मनोविज्ञान में है.

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