October 4, 2026

लहसुन की खेती से होगी अच्छी कमाई! उगा लें ये 12 उन्नत किस्में, 250 क्विंटल तक मिलेगी उपज, जानें खासियत

04 अक्टूबर 2026, नई दिल्ली: लहसुन की खेती से होगी अच्छी कमाई! उगा लें ये 12 उन्नत किस्में, 250 क्विंटल तक मिलेगी उपज, जानें खासियत – लहसुन की खेती करने वाले किसानों के लिए अक्टूबर-नवंबर का समय काफी अहम होता है। इस दौरान किसान अपने खेत की तैयारी कर लहसुन की बुवाई शुरू करते हैं। अच्छी पैदावार के लिए समय पर बुवाई के साथ सही किस्म का चुनाव भी जरूरी है, क्योंकि अलग-अलग किस्मों में फसल तैयार होने का समय, गांठ का आकार और उत्पादन क्षमता अलग होती है। किसानों के लिए यमुना सफेद, पीजी-17, भीमा परपल समेत लहसुन की कई उन्नत किस्में उपलब्ध हैं। इनमें कुछ किस्मों से 200 से 250 क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक उपज देने की क्षमता रखती है। यहां जानिए इन 12 उन्नत किस्मों की खासियत।


1. पीजी-17
पीजी-17 किस्म के पौधों के पत्ते गहरे हरे रंग के होते हैं। इसकी गांठ में 25 से 30 कलियां होती हैं। यह किस्म 165 से 170 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है। इसकी औसत पैदावार 125 से 135 क्विंटल प्रति हेक्टेयर बताई गई है।

2. यमुना सफेद-2 (जी-50)
यमुना सफेद-2 की गांठें सख्त और सफेद होती हैं। इसमें एक गांठ में 35 से 40 कलियां होती हैं। इस किस्म की औसत उपज 150 से 175 क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक बताई गई है।

3. यमुना सफेद-3 (जी-282)
इस किस्म की गांठें सफेद और आकार में बड़ी होती हैं। एक गांठ में 15 से 16 कलियां होती हैं। यमुना सफेद-3 की औसत उपज 175 से 200 क्विंटल प्रति हेक्टेयर बताई गई है।

कृषक जगत को व्हाट्सएप पर फॉलो करें

खेती-किसानी की ताज़ा खबरें, सीधे आपके फ़ोन पर

चैनल फॉलो करें

4. यमुना सफेद-4 (जी-323)
यमुना सफेद-4 की गांठें सफेद होती हैं और इनमें 20 से 25 कलियां होती हैं। इसकी औसत उपज 200 से 250 क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक बताई गई है। यह सूची में दी गई अधिक औसत उपज वाली किस्मों में शामिल है।

5. यमुना सफेद-5
यमुना सफेद-5 की फसल 150 से 160 दिनों में पककर कटाई के लिए तैयार हो जाती है। इसकी औसत पैदावार 150 से 170 क्विंटल प्रति हेक्टेयर बताई गई है।

6. भीमा परपल
भीमा परपल किस्म की फसल 120 से 135 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है। इसकी ऊपरी सतह जामुनी रंग की होती है। इस किस्म की औसत पैदावार 100 से 120 क्विंटल प्रति हेक्टेयर बताई गई है।

7. वीएल लहसुन-1
वीएल लहसुन-1 की ऊपरी सतह सफेद रंग की होती है। यह फसल 180 से 190 दिनों में कटाई के लिए तैयार होती है। पहाड़ी क्षेत्रों में इसकी औसत पैदावार 125 से 135 क्विंटल प्रति एकड़, जबकि समतल क्षेत्रों में 100 से 120 क्विंटल प्रति एकड़ बताई गई है।

8. टाइप 56-4
टाइप 56-4 किस्म में लहसुन की गांठें छोटी और सफेद होती हैं। प्रत्येक गांठ में 25 से 34 पुत्तियां होती हैं। इस किस्म से 140 से 160 क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक उपज मिलने की जानकारी दी गई है।

9. को-2 (सीओ-2)
को-2 किस्म में कंद सफेद होते हैं। इससे किसानों को 150 से 175 क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक उपज मिलने की जानकारी दी गई है।

10. आईसी 49381
आईसी 49381 किस्म का विकास भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान की ओर से किया गया है। इसकी फसल 160 से 180 दिनों में तैयार हो जाती है। इस किस्म से 150 से 200 क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक उपज मिलने की जानकारी दी गई है।

11. सोलन
सोलन किस्म के पौधों की पत्तियां चौड़ी और लंबी होती हैं तथा उनका रंग गहरा होता है। इसमें प्रत्येक गांठ में चार पत्तियां होती हैं, जो काफी मोटी होती हैं। इस किस्म से 150 से 190 क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक उपज मिलने की जानकारी दी गई है।

12. एग्री फाउंड व्हाइट (41 जी)
एग्री फाउंड व्हाइट (41 जी) किस्म की फसल 150 से 160 दिनों में तैयार हो जाती है। इसकी उपज 125 से 150 क्विंटल प्रति एकड़ बताई गई है।

आपने उपरोक्त समाचार कृषक जगत वेबसाइट पर पढ़ा: हमसे जुड़ें
> नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़, व्हाट्सएप्प
> कृषक जगत अखबार की सदस्यता लेने के लिए यहां क्लिक करें – घर बैठे विस्तृत कृषि पद्धतियों और नई तकनीक के बारे में पढ़ें
> कृषक जगत ई-पेपर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: E-Paper
> कृषक जगत की अंग्रेजी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: Global Agriculture