
- 1/6
दिल्ली (Delhi), मुंबई (Mumbai) हो या फिर कोलकाता-चेन्नई, आप एयरपोर्ट जाते हैं, तो वहां तमाम एयरलाइंस के सैकड़ों हवाई जहाज उतरते हुए या टेक-ऑफ करते हुए नजर आते हैं. लेकिन देश के एक एयरपोर्ट ऐसा भी है, जहां बीते 18 सालों में महज दो प्लेन ही उतरे हैं. ये हवाई अड्डा मेघालय का बलजेक एयरपोर्ट (Baljek Airport) है. (Photo: ITG)

- 2/6
12 करोड़ की लागत, 2008 में शुरुआत
अब तक सिर्फ दो विमान देखने वाला मेघालय का बलजेक हवाई अड्डा भारत के सबसे छोटे एयरपोर्टों में एक है, जो राज्य के पश्चिम गारो हिल्स क्षेत्र में स्थित है. Baljek Airport का उद्घाटन साल 2008 में किया गया था और इसे तैयार होने में कुल लागत की बात करें, तो ये 12.52 करोड़ रुपये आई थी, लेकिन ये रफ्तार नहीं पकड़ सका और अब तक अपने इतिहास में सिर्फ दो विमानों की लैंडिंग देखी है. (Photo: AI Generated)

- 3/6
1995 में मिली थी सरकार की मंजूरी
इस एयरपोर्ट को लेकर चर्चा सबसे पहले साल 1983 में शुरू हुई थी और इसे सरकार की मंजूरी 1995 में मिली थी. आखिरकार अक्टूबर 2008 में भारत की पूर्व राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल ने 12.52 करोड़ रुपये की लागत वाले इस एयरपोर्ट का उद्घाटन किया. इसे खासतौर पर 20 सीटों वाले डोर्नियर 228 विमान के लिए डिजाइन किया गया था, जिसमें 1.1 किलोमीटर का रनवे और STOL सुविधा है. (File Photo: ITG)

- 4/6
उद्घाटन के बाद से कोई विमान नहीं उतरा
23 अक्टूबर 2008 को तत्कालीन राष्ट्रपति द्वारा जब इस एयरपोर्ट का उद्घाटन समारोह आयोजित किया गया था, तो उस दौरान इस छोटे हवाई अड्डे पर गुवाहाटी से एक चार सीटों वाला सेसना (Cessna) और एक नौ सीटों वाला डोर्नियर विमान (Dornier Plane) उतरा था और यही वे दो विमान हैं, जो अब तक इस एयरपोर्ट के रनवे पर उतरे, रेग्युलर कमर्शियल फ्लाइट यहां कभी शुरू ही नहीं हो सकीं. (Photo: AI Generated)

- 5/6
विस्तार की योजना भी अधर में लटकी
हवाई अड्डे का छोटा रनवे वहां सुरक्षित रूप से उड़ान भरने वाले विमानों के प्रकारों को सीमित करता है. ATR 42 और ATR 72 विमानों के लिए रनवे को विस्तारित करने की योजना भी बनाई गई और इसके लिए 2014 में 58 एकड़ अतिरिक्त भूमि का अधिग्रहण भी किया गया. इसके बावजूद, नियमित यात्री उड़ानें अभी तक शुरू नहीं हुई हैं. (Photo: AI Generated)

- 6/6
समारोहों में हो रहा एयरपोर्ट का इस्तेमाल!
बीते कुछ सालों में मेघालय का ये बलजेक हवाई अड्डा हवाई यात्रियों का स्वागत करने के बजाय म्यूजिक कंसर्ट और पब्लिक प्रोग्राम्स का सेंटर बन गया है. हालांकि, मेघालय सरकार इंडियन एविएशन अथॉरिटी के साथ मिलकर हवाई अड्डे को दोबारा चालू करने के लिए सक्रिय रूप से काम कर रही है. (Photo: AI Generated)