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अतुल कुमार सिंह | लखनऊ3 घंटे पहले
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लखनऊ में दुर्गा पूजा के पंडालों में इस बार राम मंदिर से लेकर बंगाल की लोककला तक की झलक दिखेगी। जानकीपुरम में 55 लाख रुपए की लागत से 110 फीट ऊंचा राम मंदिर थीम पर आधारित पंडाल तैयार किया गया है। वहीं, सहारा स्टेट में लोकचित्र और टेराकोटा के जरिए ग्रामीण संस्कृति को दर्शाया गया है, तो रविंद्र पल्ली में बंगाल की परंपरा देखने को मिलेगी।
14 अक्टूबर से शुरू होने वाली दुर्गा पूजा के लिए कारीगरों ने एक से डेढ़ महीने की मेहनत से इन पंडालों को आकार दिया है। धार्मिक अनुष्ठानों के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम और मेले भी होंगे। जानकीपुरम में इस बार राम मंदिर की थीम पर बना दुर्गा पूजा पंडाल आकर्षण का केंद्र रहेगा। उत्सव जानकीपुरम लखनऊ समिति की ओर से 14 से 20 अक्टूबर तक दुर्गा पूजा का आयोजन किया जा रहा है।
इसके लिए 110 फीट लंबा, 110 फीट चौड़ा और 110 फीट ऊंचा पंडाल तैयार किया गया है। इसे बनाने में करीब एक महीने का समय लगा है। पश्चिम बंगाल के जिला मिदनापुर से आए 55 कारीगर पंडाल का निर्माण कर रहे हैं। इसे बनाने में अब तक करीब 55 लाख रुपए खर्च हो चुके हैं। इसमें लगभग 20 हजार बांस की बल्लियों का इस्तेमाल किया गया है।
देखिए पंडालों की 4 तस्वीरें…

राममंदिर की थीम पर पर दुर्गा पंडाल तैयार किया गया है।

बंगाल की लोककला पर आधारित पंडाल बनाया गया है। बच्चों से लेकर बुजुर्गो तक के लिए आसानी से दर्शन की व्यवस्था की गई है।

पंडाल बनाने में करीब 2 हजार बांसों का इस्तेमाल किया गया है।

पंडाल को आधुनिक डिजाइन से तैयार किया गया है।
उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक करेंगे उद्घाटन
राकेश पांडे के मुताबिक, 14 अक्टूबर की शाम 6:30 बजे उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक पंडाल का उद्घाटन करेंगे। यहां बच्चों के लिए झूले और परिवारों के लिए अन्य आकर्षणों की व्यवस्था रहेगी। 20 अक्टूबर को मां दुर्गा की प्रतिमा का विसर्जन किया जाएगा। 21 अक्टूबर से लक्ष्मी पूजा शुरू होगी। इसके बाद 24 और 25 अक्टूबर को पारिवारिक डांडिया होगा। 25 अक्टूबर तक सरस्वती पूजा के कार्यक्रम चलेंगे। इसी दिन लक्ष्मी पूजन के साथ उत्सव का समापन होगा।

राकेश पांडे ने बताया कि यहां बच्चों के लिए झूले और परिवारों के लिए अन्य आकर्षणों की व्यवस्था रहेगी।
सहारा स्टेट में लोकचित्र और टेराकोटा की थीम
लखनऊ के जानकीपुरम स्थित सहारा स्टेट में इस बार ‘लोकचित्र-टेराकोटा विलेज टेंपल’ थीम पर दुर्गा पूजा पंडाल तैयार किया गया है। सद्भावना सांस्कृतिक समिति की ओर से बनाए जा रहे पंडाल में भारतीय लोककला और ग्रामीण संस्कृति की झलक दिखाई देगी। मुख्य आयोजक अरविंद सिंह ने बताया कि इसकी थीम चित्रकार जामिनी रॉय की लोकचित्र शैली से प्रेरित है।
समिति के अध्यक्ष रामावतार पांडेय ने बताया कि पंडाल बनाने में करीब एक महीने का समय लगा है। इसकी सजावट में 2 हजार बांस की बल्लियों, गमछों, सूप, टोकरियों और कपड़ों का इस्तेमाल किया गया है। पंडाल 60 फीट चौड़ा, 80 फीट लंबा और 40 फीट ऊंचा है। इसे बनाने में करीब 10 लाख रुपए खर्च हुए हैं। यहां 14 से 21 अक्टूबर तक दुर्गा पूजा होगी। इस दौरान विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम और धार्मिक गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।

समिति के अध्यक्ष रामावतार पांडेय ने बताया कि पंडाल बनाने में करीब एक महीने का समय लगा है। इसकी सजावट में 2 हजार बांस की बल्लियों, गमछों, सूप, टोकरियों और कपड़ों का इस्तेमाल किया गया है।
रविंद्र पल्ली में दिखेगी बंगाल की संस्कृति
रविंद्र पल्ली पूजा कमेटी की ओर से इस बार ‘चिरंतम बांग्ला’ यानी ऑथेंटिक बांग्ला थीम पर दुर्गा पूजा पंडाल तैयार किया गया है। इसमें कोलकाता की पारंपरिक संस्कृति और बंगाल की लोककला की झलक देखने को मिलेगी। इसे बनाने में करीब डेढ़ महीने का समय लगा है। 80×80 वर्ग फीट में फैले पंडाल की ऊंचाई 30 फीट है। इसके निर्माण में 5 हजार से अधिक बांस की बल्लियों का इस्तेमाल किया गया है। इसे कोलकाता के कारीगरों ने तैयार किया है।
21 अक्टूबर को मां दुर्गा की दशमी पूजा होगी
समिति के पदाधिकारी समरजीत मित्रा ने बताया कि 15 अक्टूबर की शाम से सांस्कृतिक कार्यक्रमों और आनंद मेले की शुरुआत होगी। 16 अक्टूबर की सुबह षष्ठी पूजा होगी। इसी दिन शाम को भक्तों के लिए पूजा की बेदी खोल दी जाएगी। सप्तमी से प्राण प्रतिष्ठा, बोधन और अन्य धार्मिक अनुष्ठान शुरू होंगे।
इस बार सप्तमी तिथि दो दिन पड़ने के कारण 17 और 18 अक्टूबर को भी विशेष आयोजन होंगे। पूजा चार दिनों तक चलेगी। सभी पूजाएं सुबह करीब 7 से 7:30 बजे तक संपन्न कराने की तैयारी है, ताकि श्रद्धालु सुबह ही मां दुर्गा को पुष्पांजलि अर्पित कर सकें और भोग लगा सकें। 21 अक्टूबर को महादशमी के दिन मां दुर्गा की दशमी पूजा होगी। इसके बाद दोपहर 3 बजे से शाम 7 बजे तक शोभायात्रा निकाली जाएगी।
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